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  • LUCKNOW UP GOVERNMENT PAID 448 CRORES TO MGNREGA WORKERS DURING PARTIAL CORONA CURFEW NODARK

UP : कोरोना कर्फ्यू के दौरान CM योगी की 'जीवन और जीविका' मुहिम से बदली श्रमिकों की किस्‍मत, कमाए 448 करोड़

सीएम योगी लगातार श्रमिकों को रोजगार देने का प्रयास कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की पहल पर यूपी में आंशिक कोरोना कर्फ्यू (Partial Corona Curfew) के दौरान जीवन और जीविका मुहिम के तहत मनरेगा श्रमिकों को काम के बदले 480 करोड़ का भुगतान किया गया.

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लखनऊ. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की कोरोना काल में जीवन और जीविका की मुहिम रंग ला रही है. देश में उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जिसने सूबे में आंशिक कोरोना कर्फ्यू (Partial Corona Curfew) लागू किया. जबकि अन्य प्रदेशों में पूर्णत: लॉकडाउन लगाया गया था. इसके बावजूद प्रदेश में 11 मई से छह जून तक मनरेगा (Mahatma Gandhi National Rural Employment) में करीब छह गुना श्रमिकों को रोजगार मिला है. कोरोना काल में मनरेगा में हर रोज औसतन 50 से 60 हजार लोगों को रोजगार मिला है.

सीएम योगी ने दूसरे प्रदेशों में लॉकडाउन शुरू होते ही आने वाले प्रवासियों की स्किल मैपिंग के निर्देश दिए थे. साथ ही उन्होंने मनरेगा में श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मानव दिवस भी बढ़ाने के निर्देश दिए थे. इसी का परिणाम है कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू लागू होने के बावजूद 10 मई से लेकर छह जून तक लगातार श्रमिकों की संख्या बढ़ी है.

दो करोड़ से अधिक मानव दिवस सृजित किए
बता दें कि 10 मई को 17,980 ग्राम पंचायतों में श्रमिकों की संख्या 2,49,428 थी, जो बढ़कर पांच जून को 53,099 ग्राम पंचायतों में 13,45,151 हो गई. इसके बाद छह जून को 52,818 ग्राम पंचायतों में श्रमिकों की संख्या 14,08,615 हो गई है. इस दौरान दो करोड़ से अधिक मानव दिवस सृजित हुए हैं, जिसके सापेक्ष 11 लाख 60 हजार श्रमिकों को 448 करोड़ रुपये भुगतान भी किया गया है.

इस बाबत यूपी के अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास विभाग मनोज कुमार सिंह ने बताया है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर मानव दिवस और सृजित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जो गांव कोरोना मुक्त हैं, वहां मनरेगा के तहत गतिविधियां और बढ़ाई जाएंगी.

इन जिलों को मिला सबसे अधिक फायदा
मनरेगा में श्रमिकों को सबसे ज्यादा रोजगार खीरी में 60,435, कुशीनगर में 55,130, बहराइच में 53,674, महराजगंज 48,770, सीतापुर में 47,704, हरदोई में 36,046, सिद्धार्थनगर में 35,635, प्रयागराज में 34,206, बस्ती में 32,192 और रायबरेली में 31,599 श्रमिकों को रोजगार मिला है.