MSME से रोजगार देने वाले देश के टॉप 5 राज्यों में शामिल हुआ UP, इन राज्यों से भी आगे

एमएसएमई सेक्टर में रोजगार देने के मामले में यूपी ने बड़ी छलांग लगाई है.
एमएसएमई सेक्टर में रोजगार देने के मामले में यूपी ने बड़ी छलांग लगाई है.

रिजर्व बैंक (RBI) की रैंकिंग में महाराष्‍ट्र, तमिलनाडु, गुजरात और मध्‍यप्रदेश के बाद उत्तर प्रदेश है. आरबीआई ने देश के सभी राज्‍यों का आंकलन कर एमएसएमई सेक्‍टर में रोजगार की रिपोर्ट तैयार की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 4, 2020, 3:58 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) रोजगार (Employement) और आर्थिक मोर्चे पर लगातार नई उपलब्धियां अपने नाम कर रही है. उत्तर प्रदेश अब सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) सेक्‍टर के जरिये सबसे ज्‍यादा रोजगार देने वाला देश का पांचवा सबसे सफल राज्‍य बन गया है. रिजर्व बैंक आफ इंडिया (RBI) द्वारा तैयार की गई रैंकिंग में कई राज्‍यों को पीछे छोड़कर उत्‍तर प्रदेश ने टॉप 5 में जगह बनाई है. रिजर्व बैंक की रैंकिंग में महाराष्‍ट्र (Maharashtra), तमिलनाडु (Tamilnadu), गुजरात (Gujarat) और मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बाद उत्तर प्रदेश है. आरबीआई ने देश के सभी राज्‍यों का आंकलन कर एमएसएमई सेक्‍टर में रोजगार की रिपोर्ट तैयार की है.

लॉकडाउन के दौरान एक्शन ने दिया बड़ा लाभ

खास बात ये हे कि यूपी ने इस रैंकिंग में राजस्‍थान, कर्नाटक, दिल्‍ली और पंजाब जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है. दरअसल आरबीआई ने कोरोना के संकटकाल में योगी सरकार द्वारा रोजगार सृजन के आंकड़ों को अपनी रिपोर्ट में शामिल किया है. दरअसल लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्‍यों में फंसे 40 लाख से ज्‍यादा प्रवासी मजदूरों को वापस लाने का बड़ा फैसला सरकार ने लिया और उन्हें यूपी में ही रोजगार देने के लिए योजनाएं लागू की. इस दौरान यूपी सरकार ने 20 लाख से ज्‍यादा मजदूरों की स्किल मैपिंग कराने का बड़ा काम किया, जो सूक्ष्‍म लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्रालय के जरिये अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार से जुड़े. यही नहीं यूपी सरकार ने फिक्की और आइआईए के साथ 6 लाख मजदूरों को रोजगार से जोड़ने का एमओयू साइन किया. वहीं नार्डको और लघु उद्योग भारती जैसे संस्‍थानों के साथ 5 लाख रोजगार सृजन का एमओयू कर कुल 11 लाख लोगों को निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने का काम किया.



ओडीओपी योजना साबित हो रही  गेम चेंजर
बता दें उत्तर प्रदेश में एमएसएमई की 90 लाख इकाइयां हैं, जो देश में सबसे ज्यादा हैं. कोरोना और लॉकडाउन के बीच योगी सरकार की एक जनपद एक उत्‍पाद योजना (ODOP) रोजगार के मामले में गेम चेंजर साबित हुई. एमएसएमई के अंतर्गत इस योजना के जरिए राज्‍य सरकार ने स्‍थानीय स्‍तर पर लोगों को रोजगार के साथ ही व्‍यापार से भी जोड़ा. ओडीओपी के तहत हर जिले के एक उत्‍पाद को ब्रांड बना कर राज्‍य सरकार ने अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर मार्केटिंग की. अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों के साथ सरकार के ऑनलाइन व्‍यापार के एमओयू ने योजना को गति दे दी. बड़े जिलों के साथ जौनपुर, एटा, पीलीभीत, मिर्जापुर और प्रतापगढ़ जैसे छोटे जिले भी ओडीओपी योजना के साथ रोजगार के केंद्र बन गए.
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