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UP: जिस चुनाव को लेकर माया-अखिलेश हैं आमने सामने, आयोग ने की घोषणा

जिस चुनाव को लेकर माया-अखिलेश हैं आमने सामने (file photo)
जिस चुनाव को लेकर माया-अखिलेश हैं आमने सामने (file photo)

बता दें कि स्नातक क्षेत्र की जिन सीटों पर चुनाव होने हैं उनमें लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ (Meerut) और इलाहाबाद-झांसी क्षेत्र शामिल है.

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लखनऊ. जिस चुनाव में जीत-हार को लेकर मायावती (Mayawati) और अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) में तनातनी चल रही है उसकी घोषणा सोमवार को चुनाव आयोग (Election Commission) ने कर दी है. यूपी में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 1 दिसम्बर को वोटिंग होगी. इसी चुनाव में सपा के प्रत्यासी को हराने का बीड़ा मायावती ने उठाया है. पहले उन्होंने कहा था कि यदि सपा को हराने के लिए उन्हें भाजपा का भी साथ देना पड़े तो उनके विधायक देंगे. हालांकि इसके बाद मचे राजनीतिक तूपान के बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वे भले ही संन्यास ले लेंगी लेकिन, भाजपा से गठबंधन नहीं करेंगी.

उच्च सदन विदान परिषद की 11 सीटें मई महीने से खाली हैं. कोरोना के चलते चुनाव टाल दिये गये थे. 11 सीटों में पांच स्नातक क्षेत्र और 6 शिक्षक क्षेत्र की हैं. वैसे तो इन दोनों ही श्रेणियों के विधायकों के चुनाव में आम तौर पर राजनीतिक दल शामिल नहीं होते थे लेकिन, इस बार माहौल बदल गया है. भाजपा सहित लगभग सभी पार्टियों ने अपने कैंडिडेट उतार दिये हैं. चुनाव आयोग की घोषणा के मुताबिक शिक्षक और स्नातक विधायक के लिए नामांकन 5 से 12 नवम्बर तक होंगे. 1 दिसम्बर को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक वोट डाले जायेंगे. 3 दिसंबर को वोटों को नतीजे घोषित होंगे.

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बता दें कि स्नातक क्षेत्र की जिन सीटों पर चुनाव होने हैं उनमें लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी क्षेत्र शामिल है. इसके अलावा लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली- मुरादाबाद और गोरखपुर-फैज़ाबाद शिक्षक क्षेत्र के लिए चुनाव होने हैं. इन सभी सीटों से चुने गये विधायकों का कार्यकाल 6 मई को खत्म हो गया था. ऐसे सभी विधायकों का कार्यकाल 6 साल के लिए होता है.
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