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UP MLC Election: जानिए कब और कैसे शुरू हुई शिक्षक-स्नातक सदस्यों के निर्वाचन के लिए वोटिंग प्रक्रिया

लखनऊ में स्थिति उत्तर प्रदेश विधानभवन (File Photo)
लखनऊ में स्थिति उत्तर प्रदेश विधानभवन (File Photo)

UP MLC Election: उत्तर प्रदेश में जब विधान परिषद का गठन हुआ उस समय हर वर्ग को उच्च सदन में नुमाइंदगी देने का फैसला लिया गया, क्योंकि उत्तर प्रदेश में जनसंख्या सबसे अधिक थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 1, 2020, 9:52 AM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की विधान परिषद की 11 सीटों पर हो रहे चुनाव (MLC Election) के लिए मतदान जारी है. इनमें खंड स्नातक की 5 और शिक्षक स्नातक की 6 सीटें हैं. उच्च सदन में शिक्षकों और स्नातकों की नुमाइंदगी के लिए मतदान की प्रक्रिया की शुरुआत के पीछे की कहानी भी दिलचस्प है. दरअसल देश के सबसे बड़े राज्य में जब विधान परिषद् का गठन किया गया तो यह फैसला लिया गया कि इसमें सभी की नुमाइंदगी सुनिश्चित हो. जनसंख्या अधिक होने की वजह से प्रदेश में शिक्षकों और स्नातकों की संख्या भी ज्यादा थी लिहाजा उच्च सदन में 16 सीटें इनके लिए सुरक्षित रखा गया. हालांकि शुरुआत में इनका निर्वाचन राजनीतिक दलों से अलग था, लेकिन समय के साथ पार्टियां अपने-अपने नुमाइन्दों को भेजने लगे.

ऐसे हुई शुरुआत

वरिष्ठ पत्रकार रतन मणिलाल के मुताबिक उत्तर प्रदेश में जब विधान परिषद का गठन हुआ उस समय हर वर्ग को उच्च सदन में नुमाइंदगी देने का फैसला लिया गया, क्योंकि उत्तर प्रदेश में जनसंख्या सबसे अधिक थी. यहां का यूपी बोर्ड एशिया के सबसे बड़े एजुकेशन बोर्ड के तौर पर देखा जाता था. इसलिए इस वर्ग की नुमाइंदगी को सुनिश्चित करने के लिए खंड शिक्षक का चुनाव शुरू हुआ था. क्योंकि शिक्षक नेताओं की तरह स्वतंत्र रूप से चुनावों को लड़ पाने में सक्षम नहीं थे. इसलिए उन्हें उच्च सदन में सीधे भेजने के लिए खंड शिक्षा का चुनाव शुरू हुआ. ठीक इसी तरह खंड स्नातक के चुनाव के लिए भी विधान परिषद के गठन के साथ ही प्रक्रिया शुरू की गई, क्योंकि उत्तर प्रदेश में ग्रेजुएट होने वालों की संख्या सबसे अधिक थी. इसलिए उनकी नुमाइंदगी विधान परिषद में जरूरी थी. इसलिए उत्तर प्रदेश विधान परिषद में खंड स्नातक के चुनाव कराए गए.



शिक्षक व स्नातक के लिए इतनी सीटें आरक्षित
मौजूदा वक्त में उत्तर प्रदेश में 8 सीटें खंड स्नातक के लिए रिजर्व हैं, जबकि 8 सीटें खंड शिक्षक के लिए. शुरुआत में इन सभी 16 सीटों पर राजनीतिक दलों का प्रभाव बिल्कुल नहीं तह. यह चुनाव गैर राजनीतिक कहे जाते थे. धीरे-धीरे राजनीतिक पार्टियों की इसमें दखल बढ़ी और खंड स्नातक तथा खंड शिक्षक के चुनावों में राजनीतिक हस्तक्षेप दिखने लगा. इस बार उत्तर प्रदेश की 11 रिक्त सीटों पर 199 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं.
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