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किसान आंदोलन कमजोर हो चुका, बागपत छोड़ पूरे पश्चिमी यूपी में जीती बीजेपी: CM योगी

किसान आंदोलन कमजोर हो चुका, बागपत छोड़ पूरे पश्चिमी यूपी में जीती बीजेपी: CM योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यूज़ 18 से की खास बातचीत

CM Yogi Adityanath Interview: सीएम योगी ने कहा कि किसान संगठनों या किसान नेताओं का आंदोलन बहुत कमजोर हो चुका है. भारत सरकार ने उन्हें ऑफर दिया है. उन्हें संवाद से समस्या का हल निकालना चाहिए.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने न्यूज 18 के मैनेजिंग एडीटर अमिष देवगन को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में किसान आंदोलन (Kisan Aandolan) को लेकर एक बड़ा बयान दिया. सीएम योगी ने कृषि कानून के खिलाफ जारी किसान आंदोलन से जुड़े सवाल पर बोलते हुए कहा कि ‘संवाद समस्या का समाधान होता है. भारत सरकार ने संवाद के सारे तरीके अपनाए . हर स्तर पर संतुष्ट करने का प्रयास किया. लेकिन जब किसान एजेंडे का हिस्सा न हो, और किसान के कंधे पर बंदूक रखकर सरकार पर निशाना साधने का प्रयास करें. उसके पीछे जब विदेशी पैसा लगा हो, तो इस प्रकार की स्थिति आती है.

सीएम योगी ने आगे बोलते हुए कहा कि ‘मुझे लगता है किसान संगठनों या किसान नेताओं का आंदोलन बहुत कमजोर हो चुका है. भारत सरकार ने ऑफर दे रखा है. उन्हें सरकार के साथ संवाद बनाना चाहिए. संवाद से ही समस्या का समाधान निकालना चाहिए. पिछले 7 वर्षों से किसानों की खुशहाली के लिए कई कार्य किए गए है. जिसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, फसल की लागत से डेढ़ गुना अधिक दाम देने का काम शामिल है. जब भारत सरकार कृषि कानून के एक-एक मुद्दे पर चर्चा कर उसका समाधान निकालना चाहती है, तो महज जिद के लिए आप व्यवस्था को बाधित नहीं कर सकते.’

नहीं है किसान आंदोलन का प्रभाव
अंत में सीएम योगी ने 2022 के विधानसभा चुनाव पर किसान आंदोलन के प्रभाव से जुड़े सवाल पर कहा कि ‘सरकार बिना नफा-नुकसान की चिंता किए बगैर अपना काम कर रही है. हमने किसान आंदोलन के बीच ही पंचायत चुनाव भी लड़े हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बागपत को छोड़कर सभी सीटें बीजेपी ने जीती है. गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, मथुरा, आगरा ये सभी सीटें बीजेपी ने ही जीती है. आप किस समर्थन की बात करते हैं? जनता से जुड़े जनप्रतिनिधियों को मिले जनादेश का क्या सम्मान नहीं करना चाहते? इस जनादेश का भी सम्मान होना चाहिए.’

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Explainer: क्या बयानबाजियों पर सिमट जाएगा UP विधानसभा चुनाव, सत्ताधारी दल से लेकर विपक्ष तक एक ही ढर्रे पर!

Explainer: क्या बयानबाजियों पर सिमट जाएगा UP विधानसभा चुनाव, सत्ताधारी दल से लेकर विपक्ष तक एक ही ढर्रे पर!

UP Election 2022: वरिष्ठ पत्रकार अनिल भारद्वाज कहते हैं कि पिछले चुनाव के अली और बजरंगबली सबको याद होंगे. वे कहते हैं कि बीजेपी एक नैरेटिव सेट करती है और धीरे-धीरे सभी राजनीतिक दल उसी पर चले आते हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) होने वाले हैं. सभी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. उधर, आए दिन बयानबाजियां सुनने को मिल रही है. राजनीतिक दलों के रिएक्शन की एक कड़ी बनती दिखाई तो देती है, लेकिन इन सबके बीच वास्तविक मुद्दों पर कोई बात करता दिखाई नहीं दे रहा है. न्यूज़ 18 के एजेंडा बनारस कार्यक्रम में भी यही दिखा. जहां कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सत्ता धारी दल पर आरोप लगाते हुए कहा कि मैं भी हिंदू हूं. वहीं सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया ने बीजेपी पर आरोप लगाते ये सफाई भी दे डाली कि समाजवादी पार्टी आतंकियों के साथ नहीं है.

क्या आने वाला विधानसभा चुनाव धीरे-धीरे बयानबाजियों की तरफ बढ़ रहा है. वरिष्ठ पत्रकार अनिल भारद्वाज कहते हैं कि पिछले चुनाव के अली और बजरंगबली सबको याद होंगे. वे कहते हैं कि बीजेपी एक नैरेटिव सेट करती है और धीरे- धीरे सभी राजनीतिक दल उसी पर चले आते हैं और मुद्दों के बजाय चुनाव बयानों पर ही निपट जाता है. वे कहते हैं कि अभी से अगर नेताओं के बयानों पर ध्यान दें तो सिलसिला चल पड़ा है और विधानसभा चुनाव आते आते गति पकड़ लेगा.

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क्या बीजेपी चुनावी नैरेटिव सेट करती है, क्या बयानबाजियों पर सिमटेगा चुनाव. इस सवाल पर बीजेपी प्रवक्ता मनीष शुक्ला कहते हैं कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा ही नहीं है तो विपक्षी दल क्या बात करेंगे. शुक्ला कहते हैं कि इतना जरुर है कि वे अपने किए गये कर्मों पर बयानों के माध्यम से पानी डालते नजर आते हैं. बीजेपी प्रवक्ता के मुताबिक, जब पुलिस आतंकियों की गिरफ्तारी करती है तो सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का बयान आता है कि उन्हें यूपी पुलिस पर भरोसा नहीं है. वहीं राहुल गांधी और उनकी पार्टी का बयान मंदिर को लेकर जगजाहिर है, ऐसे में इनकी मजबूरी है जनता को सफाई देना. जनता जानती है कि बीजेपी सरकार ने क्या क्या जनहित के काम किए हैं यही कारण है कि 2022 का चुनाव बीजेपी ही जीतेगी.

UP News Live Updates: पेट्रोल-डीजल की मंहगाई से राहत नहीं, जीवनरक्षक दवाएं होंगी सस्ती

UP News Live Updates: पेट्रोल-डीजल की मंहगाई से राहत नहीं, जीवनरक्षक दवाएं होंगी सस्ती

UP News Live Updates: निर्मला सीतारमण ने बताया कि हमने जनता के हितों वाले फैसले लिए हैं. ये सभी लंबे समय से अटके पड़े थे. आवश्यक दवा को लेकर प्रक्रिया बहुत लंबी थी, जिसको अब टैक्स के दायरे से बाहर कर दिया गया है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 06:06 IST
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UP News Live Updates 18 September 2021: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में जीएसटी परिषद (GST Council) की 45वीं बैठक में पेट्रोल व डीजल की महंगाई से अभी राहत नहीं मिली है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitaraman) की अध्यक्षता में हुई बैठक में पेट्रोल व डीजल को जीएसटी में शामिल करने पर विचार किया गया, लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी. हालांकि, काउंसिल ने आम लोगों को राहत देने वाले भी कुछ फैसले किए हैं. कई महंगी जीवनरक्षक दवाओं को जीएसटी से मुक्त कर दिया गया हैं. साथ ही कोविड से जुड़ी दवाओं पर जीएसटी की रियायत 31 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है. निर्यात के लिए जीएसटी इनपुट क्रेडिट साल के अंत तक जारी रहेगी. वहीं दिव्यांगों के लिए बनी गाड़ियों को अब सिर्फ 5 प्रतिशत कर देना होगा. बायो डीजल में घटोत्तरी करते हुए 12 से 5 प्रतिशत पर लाया गया है.

निर्मला सीतारमण ने बताया कि हमने जनता के हितों वाले फैसले लिए हैं. ये सभी लंबे समय से अटके पड़े थे. आवश्यक दवा को लेकर प्रक्रिया बहुत लंबी थी, जिसको अब टैक्स के दायरे से बाहर कर दिया गया है. zolgensma और viltepso नाम की बहुत महंगी दवाओं को टैक्स के दायरे से बाहर रखने का फैसला आज हुआ है. स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जिन दवाओं को टैक्स के दायरे के बाहर रखने का सुझाव आया था, उन्हें भी छूट दी गई है.

UP: जहरीली शराब मामले में CM योगी का एक्शन जारी, अलीगढ़ और बुलंदशहर के सहायक आबकारी आयुक्त निलंबित

UP: जहरीली शराब मामले में CM योगी का एक्शन जारी, अलीगढ़ और बुलंदशहर के सहायक आबकारी आयुक्त निलंबित

Hooch Tragedy: उत्तर प्रदेश के आबकारी आयुक्त सेंथिल पांडियन के मुताबिक,' सहायक आबकारी आयुक्त डीएन सिंह बीते 2 वर्षो से वेब आसवानी में तैनात थे.'

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आबकारी विभाग की लाख कोशिशो के बावजूद जहरीली शराब (Poisonous Liquor) से मौतों का सिलसिला और भष्टाचार थमता नजर नहीं आ रहा है. जिसके चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के निर्देश पर शुक्रवार शाम बुलंदशहर में जहरीली शरीब से हुई मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आबकारी विभाग के 2 सहायक आबकारी आयुक्तों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

दरअसल, योगी सरकार के कार्यकाल में आबकारी विभाग और अवैध शराब माफियाओं की मिलीभगत से बिकने वाली जहरीली शराब से अब तक करीब 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. जिसको लेकर समय-समय पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाती रही है. उसी के क्रम में बुलंदशहर में जहरीली शराब से 6 लोगों की मौत के मामले में कडी कार्रवाई की गई है. जिसमें सहायक आबकारी आयुक्त डीएन सिंह और संजय त्रिपाठी को निलंबित कर, दोनों सहायक आबकारी आयुक्तों को प्रयागराज स्थित आबाकारी विभाग के मुख्यालय से संबंध कर दिया गया है.

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उत्तर प्रदेश के आबकारी आयुक्त सेंथिल पांडियन के मुताबिक,’ सहायक आबकारी आयुक्त डीएन सिंह बीते 2 वर्षो से वेब आसवानी में तैनात थे.’ इस दौरान बीते दिनों मदिरा की भराई को लेकर उच्चाधिकारियों से जांच कराई गई थी. जिसमें मदिरा की तीव्रता निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं मिली थी. जिस पर कड़ा रूख अपनाते हुए सहायक आबकारी आयुक्त डीएन सिंह को निलंबित कर दिया गया है.

राजकीय कार्यों में शिथिलता का आरोप
और साथ ही बुलंदशहर में तैनाती के दौरान 6 लोगों की जहरीली शराब से हुई मौत के मामले में सहायक आबकारी आयुक्त संजय त्रिपाठी को भी निलंबित किया गया है. और विभागीय कार्यो में लापरवाही के आरोप में निलंबित किये गये इन दोनों सहायक आबकारी आयुक्तों को आबकारी मुख्यालय सें संबद्ध कर दिया है. आबकारी आयुक्त ने बताया कि भविष्य में कोई अन्य अधिकारी और कर्मचारी अपने राजकीय कार्यों में शिथिलता बरतता है तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी.

सरकारी मदद की उम्मीद पाले चल बसा टोक्यो पैरालंपिक-81 में 3 गोल्ड जीतने वाला खिलाड़ी

सरकारी मदद की उम्मीद पाले चल बसा टोक्यो पैरालंपिक-81 में 3 गोल्ड जीतने वाला खिलाड़ी

टोक्यो पैरालंपिक-1981 में 3 गोल्ड जीतने वाले पैरालंपिक खिलाड़ी कौशलेंद्र सिंह की मौत इलाज के अभाव में बुधवार को हो गई है. उन्होंने अपनी मदद के लिए गुहार लगाई थी, पर उन्हें सरकारी मदद नहीं मिल सकी. वह किडनी की बीमारी से पीड़ित थे.

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लखनऊ. टोक्यो पैरालंपिक-2020 में शानदार प्रर्दशन कर दुनियाभर में भारत का नाम रोशन करने वाले पैरालंपिक खिलाड़ियों का इन दिनों पूरे देश में जोरदार स्वागत और सम्मान किया जा रहा है. देश के खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात कर उनका अभूतपूर्व स्वागत और सम्मान किया. इन खिलाड़ियों को भविष्य में भी हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया गया. लेकिन इस बीच दुर्भाग्यवश टोक्यो पैरालंपिक-1981 में भारत के लिए 3 गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले पैरालंपिक खिलाड़ी कौशलेंद्र सिंह की इलाज के अभाव में मौत हो गई है.

किडनी के इलाज के लिए लगाई थी मदद की गुहार

55 वर्ष के पैरालंपिक खिलाड़ी कौशलेंद्र सिंह बीते कुछ दिनों से यूरिनरी ब्लैडर में गांठ के चलते असहनीय दर्द से जूझ रहे थे. इस बीमारी के इलाज के लिए कौशलेंद्र शाहजहांपुर से उत्तराखंड और दिल्ली तक भटकते रहे. इस बीच उन्हें हरिद्वार स्थित रामकृष्ण मिशन सेवा आश्रम से रेफर किए जाने पर नई दिल्ली स्थित RML में भर्ती तो कर लिया गया. लेकिन 2 दिन बाद कुछ और जांच कराकर आने की बात कहकर डिस्चार्ज कर दिया गया. जिसके बाद प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने के पैसे न होने के चलते कौशलेंद्र सिंह ने अपने भतीजे दीपक के जरिये ट्वीट कराकर संबंधित मंत्रियों और संस्थानों से अपनी जान बचाने के लिए मदद की गुहार लगाई थी. लेकिन पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के अलावा उन्हें कही से कोई मदद का भरोसा नहीं मिला. इस बीच मदद मिलने के पहले ही बुधवार की रात कौशलेंद्र सिंह इलाज के अभाव में इस दुनिया से विदा हो गए.

टोक्यो पैरालंपिक-1981 में जीते थे 3 गोल्ड मेडल

दरअसल, UP के शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद में रहने वाले कौशलेंद्र सिंह 12 वर्ष की उम्र में जामुन के पेड़ से गिर गए थे. उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी और इसकी वजह से दोनों पैर खराब हो गए थे. बावजूद कौशलेंद्र सिंह ने अपने बुलंद इरादों और हौसले की बदौलत 1981 में जापान में आयोजित टोक्यो पैरालंपिक में हिस्सा लिया और अपने शानदार प्रर्दशन से 3 गोल्ड मेडल जीतकर दुनिया भर में भारत का नाम रोशन कर दिया. कौशलेंद्र सिंह ने टोक्यो पैरालंपिक में 1500 मीटर और 100 मीटर व्हीलचेयर रेस में गोल्ड मेडल के साथ 100 मीटर की बाधा दौड़ में भी गोल्ड मेडल जीता था. साथ ही राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित पैरालंपिक खेलों में कई मेडल जीतकर प्रदेश और देश का नाम दुनिया भर में रोशन किया था.

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मानित

टोक्यो पैरालंपिक-1981 के गोल्ड मेडलिस्ट कौशलेंद्र सिंह ने बीते 12 सितंबर को न्यूज18 से बात करते हुए कहा था कि आज टोक्यो पैरालंपिक-2020 में शानदार प्रर्दशन कर देश का नाम रोशन करने वाले अपने खिलाडियों पर बेहद गर्व हो रहा है. क्योंकि आज हमारे साथियों ने दुनिया भर में भारत का झंडा बुलंद किया है. टोक्यो पैरालंपिक-1981 में मैंने भी 3 गोल्ड मेडल जीतकर अपने देश का झंडा बुलंद किया था. गोल्ड मेडल जीतने पर मेरा भी इसी तरह से स्वागत-सम्मान हुआ था. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाधी ने हमसे मुलाकात कर हमारे साथ लंच किया था. हमें सम्मानित करते हुए भविष्य में भी हमारी पूरी मदद का आश्वासन उन्होंने दिया था. लेकिन उसके बाद नेताओं और अधिकारियों ने हमारे साथ फोटो तो जरूर खिंचवाई, लेकिन मदद के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिया.

पीएम के जन्मदिन पर CM योगी और डिप्टी सीएम ने दी बधाई, कहा- देश को आत्मनिर्भर बना रहे मोदी

पीएम के जन्मदिन पर CM योगी और डिप्टी सीएम ने दी बधाई, कहा- देश को आत्मनिर्भर बना रहे मोदी

PM Modi Birthday: डिप्टी सीएम मौर्य ने लिखा,' एक-एक पल मां भारती की सेवा में समर्पित रहने वाले, विश्व के सबसे शक्तिशाली नेता, देशवासियों के हृदय सम्राट तथा हम सभी के प्रेरणा स्रोत व मार्गदर्शक, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 17:25 IST
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लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का शुक्रवार को 71वां जन्मदिन है. इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने पीएम मोदी को बधाई दी. सीएम योगी ने कहा, अंत्योदय से आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को साकार कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं. प्रभु श्री राम की कृपा से आपको दीर्घायु व उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति हो. आजीवन मां भारती की सेवा का परम सौभाग्य आपको प्राप्त होता रहे.

उधर, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी ट्वीट कर पीएम मोदी को बधाई दी है. डिप्टी सीएम मौर्य ने लिखा,’ एक-एक पल मां भारती की सेवा में समर्पित रहने वाले, विश्व के सबसे शक्तिशाली नेता, देशवासियों के हृदय सम्राट तथा हम सभी के प्रेरणा स्रोत व मार्गदर्शक, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं.

सीएम योगी ने पीएम मोदी को दी जन्मदिन की बधाई

सीएम योगी ने पीएम मोदी को दी जन्मदिन की बधाई

वाराणसी में लोगों ने जलाए दीए
पीएम मोदी के 71वें जन्मदिन की पूर्व संध्या पर वाराणसी में लोगों ने मिट्टी के दीए जलाए और 71 किलो के लड्डू का भोग लगाकर प्रसाद बांटा. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर भाजपा आज से सेवा एवं समर्पण अभियान शुरू कर रही है. इसके तहत भाजपा का चिकित्सा प्रकोष्ठ 17 से 20 सितंबर तक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन करेगा. युवा मोर्चा के कार्यकर्ता रक्तदान शिविर, जबकि अनुसूचित मोर्चा के कार्यकर्ता गरीब बस्तियों में फल और जरूरी सामानों का वितरण करेंगे.

UP Crime News: रक्तदान के नाम पर 'मिलावटी खून' की सप्लाई, डॉक्टर समेत 2 गिरफ्तार

UP Crime News: रक्तदान के नाम पर 'मिलावटी खून' की सप्लाई, डॉक्टर समेत 2 गिरफ्तार

Blood Donation: अमित नागर के मुखबिर की सूचना पर लखनऊ -आगरा एक्सप्रेसवे पर डॉ अभय की इकोस्पोर्ट कार को एसटीएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम रोका था. तलाशी में उसकी कार से ही कुछ ब्लड यूनिट और ब्लड डोनेशन के फर्जी कागजात बरामद हुए थे.

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लखनऊ. यूपी की राजधानी लखनऊ में मिलावटी खून की सप्लाई करने वाले दो आरोपी पकड़े गए हैं आरोपियों के पास से भारी मात्रा में ब्लड पैकेट बरामद हुए हैं. एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार सप्लायर में एक डॉक्टर भी शामिल है.आरोपियों के पास 100 यूनिट ब्लड, 21 ब्लड बैंकों के फर्जी कागजात और रक्तदान शिविर के दो बैनर भी बरामद हुए है. गिरफ्तार आरोपी डॉ अभय प्रताप सिंह यूपी यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेडिकल साइंसेज सैफई इटावा में असिस्टेंट प्रोफेसर है.

इस गैंग का खुलासा करने वाले यूपी एसटीएफ के डीएसपी अमित नागर ने बताया कि पंजाब, राजस्थान, हरियाणा आदि राज्यों में ब्लड डोनेट करने के लिए लोग आसानी से से तैयार हो जाते हैं. इसी चलन का फायदा उठाते हुए डॉक्टर अभय प्रताप सिंह ने इन राज्यों में ब्लड डोनेशन कैंप लगाने शुरू कर दिए. कैंप में इकट्ठे किए गए ब्लड यूनिट को फर्जी कागजातों के जरिए यह गिरोह यूपी लाता था और सेलाइन वाटर मिलाकर इस ब्लड को दोगुना कर लखनऊ और आसपास के जिलों में बेचा जाता था. एसटीएफ के डीएसपी अमित नागर ने बताया की आमतौर पर 1200 से 1600 रुपए तक मिलने वाले एक यूनिट ब्लड यह गिरोह दलालों के जरिए 4 से 6000 रुपए में बेचा करता था.

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कार से मिले फर्जी कागजात

लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर डॉ अभय की इकोस्पोर्ट कार को एसटीएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीम रोका. तलाशी में उसकी कार से ब्लड यूनिट और ब्लड डोनेशन के फर्जी कागजात बरामद हुए थे. शुरुआती पूछताछ के बाद जब डॉ अभय के आवास पर छापेमारी की गई तो उसके फ्रीज से भी ब्लड यूनिट बरामद हुए. एसटीएफ के डीएसपी ने बताया कि आरोपी डॉ अभय प्रताप सिंह केजीएमयू से एमबीबीएस और पीजीआई लखनऊ से एमडी कर चुका है. डीएसपी अमित नागर ने बताया कि रिमांड पर लेकर आरोपियों से इनके पूरे गिरोह के बारे में सख्ती से पूछताछ की जाएगी.

UP Anganwadi Recruitment 2021: यूपी आंगनवाड़ी भर्ती में इन उम्मीदवारों का आवेदन निरस्त हो सकता है, जानिए पूरी बात

UP Anganwadi Recruitment 2021: यूपी आंगनवाड़ी भर्ती में इन उम्मीदवारों का आवेदन निरस्त हो सकता है, जानिए पूरी बात

UP Anganwadi Recruitment 2021: भर्ती के लिए जारी अधिसूचना में कुछ शर्तें एवं नियमों का भी जिक्र किया गया था. जिनको पूरा ना करने पर उम्मीदवारों का आवेदन भी निरस्त किया जा सकता है.ऐसे ही कुछ नियमों की जानकारी नीचे साझा की जा रही है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 17:14 IST
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नई दिल्ली. UP Anganwadi Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश बाल विकास सेवा एवं पुष्टहार विभाग द्वारा आंगनवाड़ी, मिनी आंगनवाड़ी और सहायिका पदों पर भर्ती जारी है. गौरतलब है कि प्रदेश में काफी सालों बाद इन पदों पर इतनी बड़ी निकाली गई है. भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया के शुरुआत को भी काफी समय हो चुका है. अभी भी कई जिलों में भर्ती प्रक्रिया जारी है. 58 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों के लिए होने वाली इस भर्ती के लिए केवल महिलाएं ही आवेदन कर सकती हैं.

भर्ती के लिए जारी अधिसूचना में कुछ शर्तें एवं नियमों का भी जिक्र किया गया था. जिनको पूरा ना करने पर उम्मीदवारों का आवेदन भी निरस्त किया जा सकता है.ऐसे ही कुछ नियमों की जानकारी नीचे साझा की जा रही है.

UP Anganwadi Recruitment 2021: इन नियमों का रखें ध्यान
-आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को एप्लीकेशन फॉर्म में निवास प्रमाणपत्र की कॉपी लगाना अनिवार्य है. जो उम्मीदवार ऐसा नहीं करेंगें, उनका आवेदन निरस्त माना जाएगा.
-जिस पद के लिए आवेदन किया जा रहा है, आवेदन पत्र में उसका उल्लेख अनिवार्य है.
-इसके अलावा यदि उम्मीदवार ग्राम पंचायत की मूल निवासिनी नहीं है और हाल ही में वहां रहना शुरू किया है तो ऐसे में ग्राम प्रधान से निवास प्रमाणपत्र बनवाना होगा और आवेदन फार्म में लगाना होगा.
-साथ ही यदि फॉर्म में शैक्षिक योग्यता समेत अन्य जरूरी प्रमाणपत्र नहीं लगाया है तो भी आवेदन निरस्त माना जाएगा.

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समाजवादी लोग सीधे हैं, सोशल मीडिया में BJP के 'ई-रावण' बैठे हैं: अखिलेश यादव

समाजवादी लोग सीधे हैं, सोशल मीडिया में BJP के 'ई-रावण' बैठे हैं: अखिलेश यादव

Lucknow News: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि विश्वकर्मा समाज का मुख्यमंत्री जी ने अपमान किया है. हमने विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी की थी. भगवान हनुमान का गदा, भगवान कृष्ण का चक्र विश्वकर्मा समाज ने ही बनाया था. उनकी ही छुट्टी खत्म कर दी.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) कार्यालय पर अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा का कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे. कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने बीजेपी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विश्वकर्मा समाज का अपमान करने का आरोप लगाया. साथ ही ऐलान किया कि यूपी में सत्ता में आने पर समाजवादी पार्टी विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी बहाल करेगी. यही नहीं लखनऊ में गोमती नदी के किनारे भगवान विश्वकर्मा के भव्य मंदिर का निर्माण होगा.

अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बारिश से भारी क्षति और जान का भी नुकसान हुआ. सरकार ने कोई इंतजाम नहीं किया था. अब ये सरकार जाने वाली है, सरकार का सफाया होगा. इस सरकार में हर वर्ग का आदमी अपमानित हुआ है. इस सरकार ने झूठ का रिकॉर्ड बना दिया.

कहीं बीजेपी वालों का ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट भी है, जहां से झूठ बोलना सिखाया जाता है. समाज मे हर तरफ झूठ फैलाया जा रहा है. अखिलेश ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी ने विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी खत्म कर दी. विश्वकर्मा समाज का मुख्यमंत्री जी ने अपमान किया है. हमने विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी की थी. भगवान हनुमान का गदा, भगवान कृष्ण का चक्र विश्वकर्मा समाज ने ही बनाया था और उनकी ही छुट्टी खत्म कर दी.

अखिलेश ने कहा कि सरकार सिर्फ नाम बदलने का सिर्फ काम कर रही है. उन्होंने पूछा- 5 ट्रिलियन इकोनॉमी का सपना कहां गया? मुख्यमंत्री ने 1 ट्रिलियन इकॉनमी के लक्ष्य की बात कही थी, कहां है?  लखनऊ में बड़े-बड़े कागजों पर दस्तखत हुआ था. बड़े-बड़े एमओयू साइन हुए थे.

अखिलेश यादव ने कहा कि कोरोना में लोगों की कितनी जान चली गयी? अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं था, बेड नहीं था. कोरोना काल में समाजवादियों की चलाई गई एम्बुलेंस काम आयी. ऐसा लॉक डाउन किया कि गरीब की जान चली गयी. सरकार ने सही समय पर लॉकडाउन नहीं किया. गंगा मां में लाशें बह रही थीं.

‘उत्तर प्रदेश में डीएम और ईवीएम से रहना होगा सावधान’

उन्होंने कहा कि समाजवादी लोग सीधे हैं. मोबाइल पर जो चीजें आ जाती हैं, हम यकीन कर लेते हैं. सोशल मीडिया में बीजेपी के “ई-रावण” बैठे हैं. यूपी का चुनाव देश का सबसे बड़ा चुनाव है. बिहार में बेईमानी हुई थी, बिहार में DM और EVM ने बेईमानी की लेकिन बंगाल में जनता ने सही जवाब दिया. उत्तर प्रदेश में भी हमें दोनों (DM & EVM) से सावधान रहना होगा.

Weather Report: UP में आफत की बारिश से जिंदगी हुई जाम, आज और कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

Weather Report: UP में आफत की बारिश से जिंदगी हुई जाम, आज और कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

UP Weather Update: लखनऊ समेत यूपी के कई जिलों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मकान ढहने, दीवारें, पेड़ गिरने से अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी है, कई घायल हैं. राज्य सरकार ने स्कूल-कॉलेजों को आज और कल दो दिन बंद रखने का फैसला किया है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बारिश से हाहाकार मचा हुआ है. राजधानी लखनऊ (Lucknow Rain) समेत कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है. पूरे राज्य में हो रही बारिश को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलों में स्कूल और कॉलेजों को 2 दिनों के लिए बंद करने का फैसला किया है. सूत्रों के मुताबिक अलग-अलग जगहों पर मकान ढहने और दीवार गिरने की वजह से अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी हैं, जबकि कई घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है. फिलहाल सरकार की तरफ से कोई अधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है.

उधर, बारिश के चलते जगह-जगह मकान, दीवार, पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए. रेलवे ट्रैक पर ओएचई लाइन टूट जाने से कई ट्रेनों के पहिए थम गए. वहीं विमान सेवा बाधित हुई है. भारी बारिश का असर सबसे ज्यादा राजधानी लखनऊ में देखने को मिला.

कई जिलों में रेड अलर्ट

जानकारी के अनुसार इस साल 28 जुलाई को इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश हुई थी. उस दौरान 24 घंटे में कुल 115 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी. इससे पहले 2012 में 24 घंटे के दरम्यान कुल 138 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी. गौरतलब है कि लखनऊ समेत कई जिलों में मौसम विभाग ने बारिश को लेकर रेड अलर्ट (Red Alert) जारी किया है. वहीं राजधानी में बुधवार से शुरू हुई बारिश गुरुवार को भी लगातार होती रही. ऐसे में पूरे शहर में जलभराव की समस्या खड़ी हो गई है.

सीएम ने दिए निर्देश-तेजी से हों राहत कार्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई क्षेत्रों में अतिवृष्टि के को देखते हुए सभी मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं. सीएम ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर राहत कार्यों पर नजर रखने के लिए भी कहा है. इसके साथ ही अगले 02 दिन, 17 व 18 सितम्बर को प्रदेश में स्कूल-कॉलेजों सहित सभी शिक्षण संस्थानों को बन्द रखने का निर्देश दिया गया है.

सीएम योगी ट्वीट कर कही ये बात

सीएम योगी ट्वीट कर कही ये बात

नुकसान का आकलन करने के निर्देश

सीएम ने इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए. इसके साथ ही जलजमाव की स्थिति में पानी को निकालने की प्राथमिकता पर व्यवस्‍था करवाई जाए. सीएम योगी ने निर्देश दिए कि सभी जनपदों के अधिकारी अपने क्षेत्र में बारिश के चलते हुए नुकसान का सही सही आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें.

आज से मिलेगी कुछ राहत, तेवर ढीले पड़ने की उम्मीद

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से कम दबाव का सिस्टम बनने से चल रही नम हवाओं के चलते ऐसा मौसम बना हुआ है. वेदर चैनल के मुताबिक यह सिस्टम अगले कुछ दिनों तक मध्य प्रदेश के पूर्वी व मध्य भारत के कुछ हिस्सों तक बना रहेगा, जिससे भारी और मद्धम दर्जे की बारिश होती रहेगी. शुक्रवार के बाद यह सिस्टम उत्तर पश्चिम की तरफ रुख करेगा, जिससे यूपी में बारिश के तेवर ढीले पड़ने की उम्मीद है.

UP में सस्ती हो सकती है बिजली! नियामक आयोग ने इस प्रस्ताव पर पावर कॉर्पोरेशन से मांगा जवाब

UP में सस्ती हो सकती है बिजली! नियामक आयोग ने इस प्रस्ताव पर पावर कॉर्पोरेशन से मांगा जवाब

UP News: उपभोक्ता परिषद के बिजली दरों में कमी करने के लिए दाखिल प्रस्ताव पर उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा पावर कॉर्पोरेशन के मुख्य अभियन्ता (टैरिफ यूनिट) से 2 सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश प्रदेश में बिजली दरों (Power Tariff) में कमी को लेकर कवायद तेज होती दिख रही है. दरअसल उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद का कहना है कि यूपी में विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर उदय व ट्रू-अप में कुल लगभग 20,596 करोड़ रुपए निकल रहा है. इसके एवज में प्रदेश के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में कमी की राहत दी जानी चाहिए. उपभोक्ता परिषद की तरफ से इस संबंध में उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UP Electricity Regulatory Commission) में याचिका भी दाखिल की गई है.

उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन के निर्देश पर आयोग सचिव संजय कुमार सिंह द्वारा उपभोक्ता परिषद के बिजली दरों में कमी करने के लिए दाखिल प्रस्ताव पर पावर कॉर्पोरेशन के मुख्य अभियन्ता टैरिफ यूनिट से 2 सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है.

दरअसल आज शुक्रवार को परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग चेयरमैन आर पी सिंह से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने बिजली दरों में कमी कराने के लिए एक प्रस्ताव फिर से पूर्व दाखिल पुनर्विचार याचिका के क्रम में सौंपा.

उपभोक्ता परिषद ने आयोग के सदस्यगण विनोद कुमार श्रीवास्तव व कौशल किशोर शर्मा से भी इस मुददे पर चर्चा की और उपभोक्ताओं को राहत दिलाने की दिशा में आयोग से विचार करने की मांग उठाई. इस पर आयोग के चेयरमैन और सदस्यों ने कहा कि पावर कॉर्पोरेशन से जवाब आने पर आयेाग नियमों की परिधि में कार्यवाही करेगा.

वहीं इस संबंध में उपभोक्ता परिषद का कहना है कि प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा से भी उनकी बात हुई है और शनिवार को वह उनसे इस मामले मुलाकात करेगा.

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि 2 अगस्त, 2021 को बिजली दर जारी होने के तुरन्त बाद उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर निकल रहे करोडों रुपयों के एवज में आयोग में एक पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी. जिसमें यह मुददा उठाया गया था कि प्रदेश में सभी 3 करोड़ विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली दरों को निकाला जाय तो एकमुश्त बिजली दरों में 34 प्रतिशत कमी हो जाएगी.

लेकिन बिजली कम्पनियों की आर्थिक स्थित को देखते हुए उपभोक्ता परिषद् ने अगले पांच वर्षो तक हर वर्ष लगभग 6.8 प्रतिशत रेगुलेटरी रिबेट व विद्युत दरों में कमी का प्रस्ताव सौंपते हुए आयोग से टैरिफ पर पुनर्विचार की मांग उठाई गयी थी.

उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग का पत्र

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उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग का पत्र

अवधेश वर्मा का कहना है कि बिजली कम्पनियों पर उपभोक्ताओं का इस बार भी कुल लगभग 1059 करोड़ सरप्लस निकला है. वही प्रदेश के उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर पहले भी कुल लगभग 19537 करोड़ उदय व ट्रूप में निकला था. सब मिलाकर देखा जाय तो प्रदेश के उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर कुल लगभग 20596 करोड़ रुपया सरप्लस हो गया है.

उपभोक्ता परिषद ने कहा यदि बिजली दरों में उपभोक्ताओ की निकले लगभग रुपया 20596 करोड़ का लाभ वर्तमान अनुमोदित आकलित राजस्व 60701 करोड़ के एवज में निकाला जाय, तो एकमुश्त बिजली दरों में 34 प्रतिशत कमी करनी पड़ेगी. बिजली कम्पनियों की आर्थिक स्थित को देखते हुए उपभोक्ता परिषद् ने पांच वर्षो तक कमी निम्न वत प्रस्तावित किया है, जिससे उपभोक्ताओं का हिसाब बिजली कम्पनियों से बराबर हो सके. वर्ष 2021-22 से लेकर हर साल बिजली दरों में 6.8 प्रतिशत कमी की जाए तो वर्ष 2025-26 तक हिसाब बराबर हो जाएगा.

परिषद ने आयोग से अपनी पुनर्विचार याचिका में कहा कि जब उपभोक्ताओं पर बिजली कम्पनियों का ट्रूप में पैसा निकला तो कई वर्षों तक प्रदेश के उपभोक्ताओं ने रेगुलेटरी सरचार्ज पहले 3.71 प्रतिशत और 4.28 प्रतिशत भरा था. अब जब प्रदेश के उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर रुपया 20596 पैसा निकल रहा तो बिजली दरे कम होनी चाहिए.

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