Lucknow news

लखनऊ

अपना जिला चुनें

UP Weather: ब्रज क्षेत्र के कुछ जिलों को छोड़कर पूरे प्रदेश में बारिश के आसार, 19 सितंबर जारी रहेगा सिलसिला

यूपी में अगले पांच दिनों तक जारी रहेगा बारिश का सिलसिला

यूपी में अगले पांच दिनों तक जारी रहेगा बारिश का सिलसिला

UP Rain Forecast: लखनऊ स्थित मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने न्यूज 18 से बातचीत में बताया कि आज 15 सितम्बर को ब्रज क्षेत्र और तराई के कुछ जिलों को छोड़कर बाकी पूरे प्रदेश में हल्की बारिश का सिलसिला रूक-रूककर जारी रहेगा.

SHARE THIS:

लखनऊ. पूरे प्रदेश में अगले पांच दिनों तक बारिश (Rain) का मौसम बना रहेगा. मौसम विभाग (Met Department) के ताजा अनुमान के मुताबिक ब्रज क्षेत्र के कुछ जिलों को छोड़कर पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी. हालांकि सूबे में एकाध जगहों पर भारी बारिश की आशंका भी जाहिर की गयी है. बारिश का दौर ज्यादातर बुधवार और गुरुवार तक देखने को मिलेगा. वैसे तो शुक्रवार से लेकर रविवार तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, लेकिन इसकी रफ्तार धीमी हो जायेगी.

लखनऊ स्थित मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने न्यूज 18 से बातचीत में बताया कि आज 15 सितम्बर को ब्रज क्षेत्र और तराई के कुछ जिलों को छोड़कर बाकी पूरे प्रदेश में हल्की बारिश का सिलसिला रूक-रूककर जारी रहेगा. एक दो जगहों पर तो भारी बारिश की संभावना है लेकिन, ज्यादातर इलाकों में हल्की ही बारिश होती रहेगी. बता दें कि इन दिनों तेज ठण्डी हवायें भी चल रही हैं. ये कब तक थमेंगी इसे लेकर जेपी गुप्ता ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है जिसकी वजह से तेज हवायें चल रही हैं. शुक्रवार से हवा की रफ्तार कम हो जायेगी.

अगले पांच दिनों के मौसम का अनुमान
अभी तक के अनुमान के मुताबिक 16 सितम्बर को बलरामपुर में तेज बारिश की संभावना है. इसके अलावा मध्यप्रदेश, बिहार और राजस्थान से सटे जिलों में बारिश हो सकती है. 17 सितम्बर को बुन्देलखण्ड, ब्रज क्षेत्र और मध्य यूपी के कुछ जिलों में बारिश का अनुमान लगाया गया है. तराई और पूर्वांचल के जिलों में बारिश की संभावना नहीं है. इसके अलावा 18 सितम्बर को पश्चिमी यूपी और नेपाल की सीमा से लगे जिलों में बारिश हो सकती है. 19 सितम्बर को नेपाल की सीमा से लगे जिलों और ब्रज क्षेत्र के कुछ जिलों में बारिश संभावित है. 19 सितम्बर तक के लिए भारी बारिश का मौसम विभाग ने अभी तक कोई अलर्ट जारी नहीं किया है.

बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती तूफान 
बता दें कि बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती तूफान बन रहा है. 17 सितम्बर तक बंगाल और उड़ीसा में इसका असर दिखना शुरु हो जायेगा. यूपी पर फिलहाल इसके असर की कोई संभावना नहीं जताई गयी है. 19 सितम्बर के बाद का मौसम का अनुमान बाद में जारी किया जायेगा.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

शबनम की फांसी बदलेगी उम्रकैद में? 7 लोगों की हत्यारिन दिन काट रही कालकोठरी में

प्रेमी संग मिलकर कर दी थी अपने घर के 7 लोगों की हत्या.

Execution of Shabnam:अमरोहा में साल 2008 में अपने प्रेमी के साथ मिलकर 7 लोगों की हत्या के मामले में शबनम और उसके प्रेमी सलीम को हुई है फांसी की सजा. शबनम की वकील ने राज्यपाल से फांसी को उम्रकैद में बदलने की अपील की है. इससे पहले दोनों की सजा माफी याचिका राष्ट्रपति के यहां से हो चुकी है खारिज.

SHARE THIS:

लखनऊ. अपने प्रेमी के साथ मिलकर परिवार के 7 सदस्यों की हत्या करने वाली अमरोहा की शबनम पिछले कई वर्षों से अपनी फांसी का इंतजार कर रही थी. लेकिन ऐन वक्त पर उसके वकील ने यूपी के राज्यपाल से उसकी सजा को बदलने की गुहार लगाई. इलाहाबाद हाईकोर्ट की वकील सहर नकवी ने गवर्नर आनंदीबेन पटेल को दी गई अपनी अर्जी में शबनम के महिला होने के नाते उसकी सजा उम्रकैद में बदलने की अपील की थी. इस अर्जी पर विचार कर गवर्नर ने यह मामला यूपी सरकार को रेफर कर दिया. तब से शबनम अपने भविष्य के फैसले का इंतजार कर रही है. अमरोहा की शबनम की फांसी को उम्रकैद में बदलने को लेकर गवर्नर के निर्देश पर उनके विशेष सचिव ने प्रदेश के कारागार विभाग के प्रमुख सचिव को कार्रवाई का निर्देश दे रखा है. नियमों के मुताबिक उचित निर्णय लिए जाने का आदेश दिया गया है.

शबनम की सजा को बदलने के लिए गवर्नर को दी गई अर्जी में उसकी वकील सहर नकवी ने दलील दी है कि देश में अब तक किसी भी महिला को फांसी की सजा नहीं दी गई है. इसलिए शबनम को फांसी दिए जाने से पूरी दुनिया में देश की छवि खराब होगी. शबनम के किए अपराध में उसकी सजा का तरीका बदला जा सकता है. अर्जी में शबनम के इकलौते बेटे 13 साल के ताज उर्फ बिट्टू का हवाला भी दिया गया है. अर्जी में कहा गया है कि शबनम को फांसी दिए जाने से उसके बेटे के भविष्य पर गलत असर पड़ेगा. अधिवक्ता सहर नकवी ने कहा है कि इस दुनिया में बच्चे का कोई अपना नहीं है. फांसी दिए जाने से बच्चे को जीवनभर ताना सुनना पड़ेगा. फांसी की वजह से सामाजिक परिस्थितियों के चलते बच्चे के मानसिक विकास व भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है. मां के अपराध की सजा बच्चे को दिया जाना कतई न्याय संगत नहीं होगा.

इसे भी पढ़ें : शबनम को फांसी हुई तो जेल में जन्मे उसके इकलौते बच्चे का क्या होगा?

कारागार विभाग में मजबूत पैरवी की तैयारी

गवर्नर सचिवालय ने एडवोकेट सहर नकवी की अर्जी पर यूपी सरकार को उचित कार्रवाई का आदेश दिया है. इसके बाद ही यह अर्जी कारागार विभाग के प्रमुख सचिव के पास पहुंची है. बताया गया है कि प्रमुख सचिव नियमों के मुताबिक उचित फैसला लेंगे. शबनम की वकील सहर नकवी को गवर्नर सचिवालय के आदेश की कॉपी कुछ महीने पहले 22 जुलाई को मिली थी. इसके आधार पर नकवी ने दावा किया है कि प्रमुख सचिव के यहां अब तमाम दलीलों व पुरानी नजीरों के आधार पर मजबूत पैरवी की जाएगी. शबनम की फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कराने हरसंभव प्रयास किया जाएगा.

इसे भी पढ़ें : बेमेल इश्क से सज़ा-ए-मौत तक: जानें फांसी के फंदे तक पहुंची शबनम की कहानी

प्रेमी के साथ मिलकर घर के 7 लोगों को उतारा था मौत के घाट

गौरतलब है कि शबनम और उसके प्रेमी सलीम को माता-पिता, दो भाइयों और भाभी समेत परिवार के 7 सदस्यों की हत्या का दोषी करार दिया गया है. अप्रैल 2008 में यूपी के अमरोहा जिले के बावनखेड़ा में हुई यह वारदात काफी चर्चित रही थी. अपने प्रेमी सलीम से शादी करने के लिए शबनम ने 7 कत्ल किए थे. प्रेमी सलीम को भी कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है. सलीम इस समय नैनी सेंट्रल जेल में बंद है, जबकि शबनम बरेली जेल में. इन दोनों के ही पास फांसी से बचने के लिए बहुत कम विकल्प बचे हैं, क्योंकि राष्ट्रपति ने भी दोनों की दया याचिका खारिज कर दी है. हालांकि उसकी वकील सहर नकवी का दावा है कि वह सिर्फ महिला होने के नाते शबनम को फांसी के फंदे से बचाना चाहती हैं. उन्होंने शबनम के अपराध पर अपनी तरफ से कोई सफाई नहीं दी. अधिवक्ता को उम्मीद है कि उन्हें अपने मकसद में कामयाबी जरूर मिलेगी.

Court News: ATS स्पेशल कोर्ट ने मौलाना कलीम सिद्दीकी को 10 दिन की कस्टडी रिमांड पर भेजा

UP: अवैध धर्मांतरण केस में यूपी एटीएस को मौलाना कलीम सिद्दीकी की 10 दिन की रिमांड मिल गई है.

Lucknow News: मौलाना कलीम की पुलिस कस्टडी रिमांड कल यानि शुक्रवार 23 सितंबर से शुरू होगी. रिमांड के दौरान यूपी एटीएस मौलाना कलीम के नेटवर्क पर पूछताछ करेगी.

SHARE THIS:

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में आज अवैध धर्मांतरण (Illegal Religious Conversion) मामले में गिरफ्तार मौलाना कलीम सिद्दीकी (Maulana Kaleem Siddiqui) को एटीएस स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया. जहां से कोर्ट ने मौलाना कलीम को 10 दिन की एटीएस की कस्टडी रिमांड पर भेज दिया है. मौलाना कलीम की पुलिस कस्टडी रिमांड कल यानि शुक्रवार 23 सितंबर से शुरू होगी. रिमांड के दौरान यूपी एटीएस मौलाना कलीम के नेटवर्क पर पूछताछ करेगी.

बता दें मेरठ से ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष मौलाना कलीम सिद्दीकी को एटीएस ने गिरफ्तार किया था. यूपी एटीएस के अनुसार मौलाना कलीम विदेशों से मिल रही फंडिंग के आधार पर पूरे देश में संगठित ढंग से गैर मुस्लिमों को गुमराह कर रहा था. उन्हें डराकर भारत का सबसे बड़ा अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट चला रहा था.

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने इस संबंध में बताया था कि 20 जून को यूपी एटीएस ने धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड उमर गौतम समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया था. उमर गौतम और उसके साथियों को ब्रिटेन के ट्रस्ट से करीब 57 करोड़ रूपये की फंडिंग की गई थी. खर्च का ब्यौरा इन आरोपियों द्वारा नहीं दिया जा सका है. इस दौरान इस मामले में दिल्ली में रहने वाले मौलाना कलीम सिद्दीकी का भी नाम आया था. ये मूल रूप से यूपी के मुजफ्फरनगर जिले के फुलत के रहने वाले हैं.

भारत का सबसे बड़ा अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट चला रहा था मौलाना कलीम सिद्दीकी: ADG

जांच में पुष्टि हुई कि मौलाना कलीम देश में एक बडे़ स्तर पर अवैध धर्मांतरण के कार्य में संलिप्त है. विदेशों से मिल रही फडिंग के आधार पर पूरे देश में एक संगठित ढंग से गैर मुस्लिमों को गुमराह कर और डराकर भारत के सबसे बड़े अवैध धर्मांतरण का सिंडिकेट चला रहे हैं. यूपी एटीएस ने मौलाना कलीम सिद्दीकी को भी मेरठ से गिरफ्तार किया और उन्हें कोर्ट में पेश कर उनकी रिमांड के लिये कोर्ट में अर्जी भी दाखिल कर दी गई है.

एडीजी के अनुसार मौलाना कलीम सिद्दीकी जामिया इमाम वलीउल्ला नाम का एक ट्रस्ट चलाता है. जिसके जरिये सामाजिक सौहार्द के कार्यक्रमों की आड़ में विभिन्न प्रकार का लालच देकर अवैध धर्मांतरण का सिडिंकेट चला रहा है. इसके ट्रस्ट में हवाला और विदेशों से होने वाली फंडिग के जरिये तमाम मदरसों को भी फंडिग की जाती है.

UP TGT PGT Result 2021 : पीजीटी इंटरव्यू के लिए इतने दिन पहले जारी होगा कॉल लेटर


UP TGT PGT Result 2021 :  यूपी टीजीटी और पीजीटी का रिजल्ट जल्द जारी हो सकता है.

UP TGT PGT Result 2021 : यूपी टीजीटी और पीजीटी शिक्षक भर्ती 2021 के लिए परीक्षा 07-08 अगस्त और 17-18 अगस्त को हुई थी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार यूपी सरकार को यह भर्ती प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी कर लेनी है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 18:56 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. UP TGT PGT Result 2021 : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (UPSESSB) ने पीजीटी भर्ती परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है. चयन बोर्ड ने कहा है कि पीजीटी भर्ती के लिए इंटरव्यू लेटर 21 दिन की बजाए अब 10 दिन पहले जारी किया जाएगा. बोर्ड ने अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाने की समय सीमा घटा दी है. इस पर राज्य सरकार ने भी मुहर लगा दी है. हालांकि यूपी टीजीटी में इंटरव्यू खत्म कर दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह मामले में टीजीटी और पीजीटी 2021 के लिए 15198 पदों पर भर्ती के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया है.

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने अशासकीय इंटर कॉलेजों में 15 हजार से अधिकब पदों पर भर्ती के लिए 07 और 08 अगस्त को टीजीटी परीक्षा का आयोजन किया था. वहीं पीजीटी परीक्षा का आयोजन 17 और 18 अगस्त 2021 को हुई थी.

आंसर-की पर ली जा चुकी हैं आपत्तियां

बता दें कि चयन बोर्ड की ओर से सभी विषयों की आंसर-की जारी करके उन पर आपत्तियां भी ली जा चुकी हैं. ऐसे में अब अभ्यर्थियों को रिजल्ट का इंतजार है. माना जा रहा है कि चयन बोर्ड रिजल्ट कभी भी जारी कर सकता है. चयन बोर्ड रिजल्ट की घोषणा आधिकारिक वेबसाइट http://www.upsessb.org/ पर करेगा.

ये भी पढ़ें

Police Recruitment 2021: पुलिस में सिपाही और एसआई के 2600 से अधिक पदों पर भर्तियां, आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक
Sarkari Naukri: इन नौकरियों के लिए अप्लाई करने की लास्ट डेट कल, 70,000 तक सैलरी पाने का मौका

Crime File: 1 लाख रुपए के इनामी अपराधी रज्जाक को UP ATS ने महाराष्ट्र से दबोचा

UP: साइबर ठगी के मामले में यूपी पुलिस की एटीएस ने महाराष्ट्र से एक लाख के इनामी अब्दुल रज्जाक को गिरफ्तार किया है.

Cyber And Economic Crime: अब तक इस साइबर ठगी के मामले में 3 चीनी नागरिकों समेत इस गिरोह के 17 सदस्य गिरफ्तार हो चुके हैं. एटीएस द्वारा गिरफ्तारी के बाद अब्दुल रज्जाक मेमन को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है.

SHARE THIS:

लखनऊ. हजारों फर्जी सिम के माध्यम से भारत और चीन में बैठकर साइबर एवं आर्थिक अपराध करने वाले गिरोह का वांछित सदस्य और 1 लाख का इनामी अब्दुल रज्जाक अब्दुल नबी मेमन महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार किया गया है. उत्तर प्रदेश की एटीएस ने ठाणे से अब्दुल रज्जाक अब्दुल नबी मेमन को गिरफ्तार किया है. मेमन को साइबर आर्थिक अपराध मामले में गिरफ्तार किया गया है. उसके खिलाफफ हजारों फर्जी सिम कार्ड के जरिए ठगी का मामला है. पता चला है कि फर्जी आईडी पर प्री एक्टिवेटेड सिम से धोखाधड़ी की जा रही थी.

बता दें मामले में अब तक 3 चीनी नागरिकों समेत इस गिरोह के 17 सदस्य अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं. एटीएस द्वारा गिरफ्तारी के बाद मेमन को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है. पुलिस के अनुसार आरोपी प्री एक्टिवेटेड सिम के जरिए ओटीपी प्राप्त करते थे और ऑनलाइन अकाउंट खोलते थे. फिर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर अवैध रूप से धन मंगाते थे. प्री एक्टिवेटेड सिम कार्ड चीन भी भेजे गए थे. चीन और पड़ोसी देशों में बैठकर ये नेटवर्क चलाया जा रहा था.

जाली नोटों के रैकेट से जुड़ा है रज्जाक

अब्दुल रज्जाक अब्दुल नबी मेमन मुंब्रा के ठाकुरपाड़ा का रहने वाला है. पुलिस के अनुसार मेमन के खिलाफ जाली नोटों के रैकेट से जुड़े मामले में भारतीय दंड संहिता और आईटी कानून की संबंधित धाराओं के तहत लखनऊ में मामला दर्ज किया गया है. उत्तर प्रदेश एटीएस की लखनऊ इकाई ने मेमन को देश से भागने से रोकने के लिए लुकआउट नोटिस जारी किया था.

UP Home Guard Recruitment 2021: कितने नंबर लाने पर होगा यूपी होमगार्ड भर्ती में चयन, देखें यहां

UP Home Guard Recruitment 2021: भर्ती के लिए 10वीं पास उम्मीदवारों को अप्लाई करने का मौका दिया जा सकता है.

UP Home Guard Recruitment 2021: भर्ती को लेकर उम्मीदवारों के मन में ये सवाल है कि होमगार्ड बनने के लिए उन्हें भर्ती परीक्षा में कितने नंबर लाने होंगे. इस सवाल का जवाब नीचे दिया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 16:26 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. UP Home Guard Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश में बहुत जल्द होमगार्ड जवान के पदों पर भर्ती आयोजित की जाएगी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसके माध्यम से तकरीबन 40 हजार पदों की भर्ती की जाएगी. बता दें कि भर्ती के लिए 10वीं पास उम्मीदवारों को अप्लाई करने का अवसर दिया जा सकता है.

हांलाकि भर्ती के संबंध में आधिकारिक अधिसूचना अभी तक जारी नहीं की गई है. लेकिन खबरों की मानें तो यूपी होमगार्ड विभाग जल्द ही ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर सकता है. फ़िलहाल भर्ती को लेकर उम्मीदवारों के मन में ये सवाल है कि होमगार्ड बनने के लिए उन्हें भर्ती परीक्षा में कितने नंबर लाने होंगे. इस सवाल का जवाब नीचे दिया जा रहा है.

UP Home Guard Recruitment 2021: इतना रह सकता है कट ऑफ
उत्तर प्रदेश में होमगार्ड भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को बता दें कि, इन पदों पर चयन के लिए सामान्य वर्ग का कट ऑफ 60, अन्य पिछड़ा वर्ग का 50 व एससी/एसटी वर्ग का कट ऑफ 35 अंक रह सकता है. गौरतलब है कि भर्ती परीक्षा 100 अंकों की होगी. हालांकि फ़िलहाल यह आंकडे, विभिन्न एक्सपर्टों द्वारा लगाए जा रहे अनुमान पर आधारित है. ऐसे में उम्मीदवारों को कन्फर्म जानकारी के लिए आधिकारिक अधिसूचना आने का इंतजार करना चाहिए.

ये भी पढ़ें-
Sarkari Naukri: युवाओं के लिए सुनहरा मौका, यहां निकली हैं बंपर भर्तियां
Sarkari Naukri: इस विश्वविद्यालय में हैं गैर-शिक्षण पदों पर नौकरियां, जानें कौन कर सकता है अप्लाई

UP Lekhpal Recruitment 2021: लेखपाल भर्ती परीक्षा में 10वीं के स्तर के प्रश्न पूछे जाएंगें या 12वीं? जानें यहां

UP Lekhpal Recruitment 2021: भर्ती के लिए ऑफिशियल नोटिफिकेशन जल्द जारी किया जाएगा

UP Lekhpal Recruitment 2021: भर्ती के लिए अधिसूचना जारी न होने से उम्मीदवारों के मन में कई प्रकार के संशय देखने को मिल रहे हैं. उन्हीं में से एक संशय ये भी है कि परीक्षा में किस स्तर के प्रश्न पूछे जाएंगें. इसे लेकर महत्वपूर्ण जानकारी नीचे साझा की जा रही है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 16:01 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. UP Lekhpal Recruitment 2021: उम्मीदवार उत्तर प्रदेश राजस्व लेखपाल भर्ती के लिए बड़ी बेसब्री से अधिसूचना जारी होने का इंतजार कर रहे हैं. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने प्रदेश के 7882 लेखपाल पदों पर भर्ती की घोषणा की थी. जिसके लिए अभी तक आयोग ने अधिसूचना जारी नहीं की है. हांलाकि ऐसी सम्भावना जताई जा रही है कि जल्द ही भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा.

UPSSSC द्वारा जारी परीक्षा कैलेंडर के अनुसार लेखपाल भर्ती के लिए नवम्बर में लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी. आयोग ने ये भी स्पष्ट किया था कि 24 अगस्त को आयोजित प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (PET) में उतीर्ण होने वाले उम्मीदवार ही इस भर्ती में शामिल हो सकेंगें. भर्ती के लिए अधिसूचना जारी न होने से उम्मीदवारों के मन में कई प्रकार के संशय देखने को मिल रहे हैं. उन्हीं में से एक संशय ये भी है कि परीक्षा में किस स्तर के प्रश्न पूछे जाएंगें. इसे लेकर महत्वपूर्ण जानकारी नीचे साझा की जा रही है.

UP Lekhpal Recruitment 2021: कैसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं
बता दें कि लेखपाल पदों की पिछली भर्तियों में 12वीं पास होना अनिवार्य शैक्षिक योग्यता रहती थी. इसी तर्ज पर अब तक 12वीं स्तर के प्रश्न परीक्षा में पूछे जाते रहे हैं. ऐसे में इस वर्ष भी यही उम्मीद लगाई जा रही है कि परीक्षा में 12वीं स्तर के प्रश्न ही पूछे जाएंगें. हालांकि अधिसूचना जारी नहीं होने तक इस सम्बन्ध में किसी भी जानकारी की पुष्टि नहीं की जा सकती है. इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अधिसूचना संबंधी अपडेट के लिए UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करते रहें.

ये भी पढ़ें-
Sarkari Naukri: युवाओं के लिए सुनहरा मौका, यहां निकली हैं बंपर भर्तियां
Sarkari Naukri: इस विश्वविद्यालय में हैं गैर-शिक्षण पदों पर नौकरियां, जानें कौन कर सकता है अप्लाई

Tata Airbus: UP में टाटा एयरबस का लगेगा प्लांट, C-295 विमानों का होगा निर्माण

UP: उत्तर प्रदेश में टाटा समूह सी-295 व एयरबस विमानों का निर्माण करेगा. (File Photo)

UP News: टाटा समूह सी-295 व एयरबस विमानों का निर्माण करेगा. मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत सी-295 एयरबस विमानों का निर्माण किया जाना है. सैन्य परिवहन में इस्तेमाल होने वाले इन एयरबस को केंद्र सरकार ने अनुमति दे दी है

SHARE THIS:

लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में मेक इन इंडिया (Make In India) के तहत बड़े निवेश की तैयारी है. दरअसल यहां टाटा एयरबस (Tata Airbus) का प्लांट लगेगा. जानकारी के अनुसार केंद्र से 22 हजार करोड़ रुपए की डील हो चुकी है. अब यूपी में टाटा समूह सैन्य विमानों का निर्माण करेगा. बता दें टाटा समूह देश की पहली निजी कंपनी होगी, जो मेक इन इंडिया के तहत सैन्य विमानों का निर्माण करेगी. टाटा समूह अब तक इन सैन्य विमानों को हैदराबाद या बेंगलुरु में तैयार करने की योजना बना रहा था. लेकिन अब टाटा समूह इस योजना के लिए उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों का भी रुख कर रहा है.

जानकारी के अनुसार टाटा सी-295 व एयरबस विमानों का निर्माण करेगा.  मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत सी-295 एयरबस विमानों का निर्माण किया जाना है. सैन्य परिवहन में इस्तेमाल होने वाले इन एयरबस को केंद्र सरकार ने अनुमति दे दी है. इस परियोजना के तहत इंडियन एयर फोर्स को 56 एयरबस मिलेंगे.

बता दें केंद्र सरकार और टाटा समूह के साथ हुए करार के तहत स्पेन से 48 माह के अंदर 16 परिवहन विमान भारत आएगा. 60 दशक के बाद यह भारत का पहला यूरोपियन फर्म से रक्षा अनुबंध समझौता है. इसके बाद अगले 10 वर्षों में शेष 48 विमानों का निर्माण टाटा कंसोर्टियम कंपनी मेक इन इंडिया के तहत सैन्य विमानों का निर्माण करेगी. हालांकि केंद्र और टाटा ग्रुप में 6 साल पहले ही इस परियोजना पर सहमति बन गई थी.

टाटा द्वारा तैयार किए जा रहे सी-295 एक बहु भूमिका परिवहन वाला विमान होगा, जिसकी अधिकतम पे-लोड क्षमता 9.25 टन है. इस विमान की खासियत होगी कि यह छोटे रनवे वाले एयरपोर्ट पर भी आसानी से उतर व उड़ान भर सकता है. सभी 56 विमान स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट के साथ स्थापित किए जाएगा. यह परियोजना भारत में एयरो स्पेस पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देगी.

देखिए इस क्रिकेटर ने लखनऊ से तय किया अफ्रीका तक का सफर

क्रिकेटर अभिनव दीक्षित स्टेडियम में प्रैक्टिस करते हुए.

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रहने वाले क्रिकेटर अभिनव दीक्षित का साउथ अफ्रीका में चैट्सवर्थ क्लब में मैच खेलने के लिए चयन हुआ है जो कि अपने आप में ही एक विशेष उपलब्धि है. यह मैच अक्टूबर के महीने में होगा और अभिनव लखनऊ से 10 को रवाना हो जायेंगे.

SHARE THIS:

हमारे देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है. अगर सही मंच मिले तो वह देश  नही बल्कि विदेश तक में परचम लहरा सकते हैं. जिसकी बानगी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देखने को मिली. उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रहने वाले क्रिकेटर अभिनव दीक्षित का साउथ अफ्रीका में चैट्सवर्थ क्लब में मैच खेलने के लिए चयन हुआ है जो कि अपने आप में ही एक विशेष उपलब्धि है. यह मैच अक्टूबर के महीने में होगा और अभिनव लखनऊ से 10 को रवाना हो जायेंगे.


1998 से कि केडी बाबू स्टेडियम से शुरु किया सफर

अभिनव की मानें तो उन्होंने वर्ष 1998-1999 के दौरान लखनऊ के ही केडी सिंह बाबू स्टेडियम से उन्होंने अपने सफर की शुरुआत की थी. जिसके बाद उत्तर प्रदेश अंडर 15 के कप्तान की भूमिका निभाई थी. उसके बाद में अंडर 17, अंडर 19, अंडर 22, अंडर 25 टूर्नामेंट में भी खेल चुके हैं.

कुछ इस तरह का रणजी सफर

वर्ष 2015-16 में रणजी ट्रॉफी खेलने के लिए उत्तर प्रदेश की टीम में अभिनव दीक्षित को जगह मिली थी. उन्होंने 2014-15 के बीच वन सेअर्स में भाग लिया था. उन्होंने अपनी उपलब्धियों को निरंतर जारी रखा और उपलब्धियों की शिखर को छूते हुए उनको रेलवे की टीम में भी वर्ष 2018-2019 में चयनित किया गया. इतना ही नहीं 2018-19 के आयोजन में विजय हजारे ट्रॉफी में भी अपने कौशल से उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया. उन्होंने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें 200 साल पुरानी विरासत में अब खेलने का अवसर मिल पाएगा. हालांकि उन्हें इस बात का मलाल है कि इंडियन टीम में खेलने के लिए जगह नहीं मिल पाई. उनका कहना है कि भविष्य में और मेहनत करेंगे.

लखनऊ बुलेटिन : अब लखनऊ के 24 स्थलों पर मिलेगी फ्री वाई-फाई की सुविधा

लखनऊ के 24 स्थलों पर मिलेगी फ्री वाई-फाई की सुविधा

उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, वाराणसी, प्रयागराज, झांसी, बरेली, सहारनपुर, मुरादाबाद, गोरखपुर, अयोध्या, मेरठ, शाहजहांपुर, गाजियाबाद, मथुरा-वृंदावन और फीरोजाबाद नगर निगम वाले शहरों के अलावा नगर पालिका परिषद वाले छोटे शहरों में भी मुफ्त वाई फाई की सुविधा उपलब्ध कराएगी.

SHARE THIS:

उत्तर प्रदेश सरकार अब यूपी की जनता को फ्री वाईफाई की सुविधा देने जा रही है.उन जगहों पर विशेष तौर पर वाई फाई की सुविधा होगी जहां लोग अधिक संख्या में आते हैं. सरकार ने इन जगहों पर फ्री इंटरनेट कनेक्शन देने के लिए सिक्का ब्रॉडबैंड से एक सितंबर को अनुंबध किया था, जिसे अब जल्द लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है. अक्टूबर के महीने में शुरू हो सकती है फ्री वाई-फाई की सुविधा.
उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, वाराणसी, प्रयागराज, झांसी, बरेली, सहारनपुर, मुरादाबाद, गोरखपुर, अयोध्या, मेरठ, शाहजहांपुर, गाजियाबाद, मथुरा-वृंदावन और फीरोजाबाद नगर निगम वाले शहरों के अलावा नगर पालिका परिषद वाले छोटे शहरों में भी मुफ्त वाई फाई की सुविधा उपलब्ध कराएगी.

2. लखनऊ वासियों की सेहत को ध्यान में रखते हुए शहर के पार्कों में एलडीए लगाएगा हेल्थ एटीएम
एलडीए ने लखनऊ के 6 बड़े पार्कों में हेल्थ एटीएम लगाने की मंजूरी दे दी है. हेल्थ एटीएम पर लोग चेकअप के लिए बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले इसके लिए जांच शुल्क बेहद मामूली होगा. रिपोर्ट के अनुसार हेल्थ एटीएम संचालन के लिए स्वास्थ्यकर्मी भी तैनात किए जाएंगे.
गोमती नगर के लोहिया पार्क, गोमती नगर विस्तार के जनेश्वर मिश्र पार्क, गोमती रिवर फ्रंट, बेगम हजरत महल पार्क, इको गार्डन पार्क, अंबेडकर पार्क और लखनऊ विकास प्राधिकरण परिसर में हेल्थ एटीएम मशीनें लगाई जाएंगी.

3. लखनऊ में अशोक मार्ग से निशातगंज और महानगर को जोड़ने वाले दोनों पुलों की होगी मरम्मत. करीब 70 लाख रुपये का खर्च रखरखाव और जरूरी मरम्मत पर आएगा. पुल काफी पुराना है इस कारण इसे मरम्मत की जरूरत है. पुल के कई हिस्सों में दरारें पड़ चुकी है.जिसको ठीक करना बेहद जरूरी है. प्रमुख रूप से पुल के पिलर और वायडक्ट के बीच लगी बियरिंग्स को बदला जाना है. यह बियरिंग्स पुल को हैवी ट्रैफिक के समय सुरक्षित बनाती है. इसके अलावा दूसरी टूटफूट को भी ठीक किया जाएगा.

UP JEECUP Counselling 2021: आज जारी होगी तीसरे राउंड की सीट अलॉटमेंट लिस्ट, ऐसे करें चेक

JEECUP 3rd Allotment list 2021: इस वर्ष 1.7 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की है

UP JEECUP Counselling 2021 की शुरुआत 14 सितंबर, 2021 को हुई थी. जिसके लिए तीसरे राउंड की सीट आवंटन की सूची आज यानी 23 सितंबर, 2021 को जारी की जाएगी.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 23, 2021, 10:22 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. UP JEECUP Round 3 Seat Allotment List: विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उत्तर प्रदेश संयुक्त प्रवेश परीक्षा पॉलिटेक्निक की काउंसलिंग (UP JEECUP Counselling 2021) 14 सितंबर, 2021 को शुरू हुई. जिसके लिए तीसरे राउंड की सीट आवंटन की सूची आज यानी 23 सितंबर, 2021 को जारी की जाएगी. हांलाकि लिस्ट जारी होने के समय की घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन ये बात तय है कि लिस्ट आज ही जारी की जाएगी. बता दें कि UP JEECUP Counselling 2021 के उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट- jeecup.nic.in पर लिस्ट देख सकेंगें.

पूरी प्रवेश प्रक्रिया का यह दूसरा चरण है. UP JEECUP Counselling 2021 के तहत सीट आवंटन का पहला और दूसरा राउंड पहले ही जारी किया जा चुका है. जिसके लिए उम्मीदवारों ने अपनी सीट भी कन्फर्म कर ली है. बता दें कि इस वर्ष 1.7 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की है. तीसरे राउंड की सीट आवंटन की सूची जारी होने के बाद उसे कैसे चेक करें, इसकी आसान प्रक्रिया नीचे दी जा रही है.

JEECUP 3rd Allotment list 2021: लिस्ट कैसे चेक करें
-लिस्ट चेक करने के लिए उम्मीदवार उत्तर प्रदेश संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट jeecup.nic.in पर जाएं.
-लिस्ट जारी होने के बाद होमपेज पर उपलब्ध ‘UP JEECUP Round 3 Seat Allotment List’ पर क्लिक करें
-एक नया पेज खुलेगा जहां अपने क्रेडेंशियल दर्ज करें
-अपना रोल नंबर, पासवर्ड दर्ज करें और लॉग इन करें.
-अब स्क्रीन पर तीसरे राउंड की सीट आवंटन सूची आ जाएगी.
-इसे डाउनलोड करें और जांचें.

ये भी पढ़ें-
UP Teacher Recruitment: यूपी में शुरू होगी बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती
Sarkari Naukri: इस प्रदेश में शुरू होगी 8,000 मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती

Mahant Narendra Giri Suicide: योगी सरकार ने की नरेंद्र गिरि मौत मामले में CBI जांच की सिफारिश

उत्तर प्रदेश सरकार ने अब महंत नरेंद्र गिरि मौत मामले में केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश की है.

Mahant Narendra Giri Death: उत्तर प्रदेश के गृह मंत्रालय ने केंद्र सरकार को केंद्रीय जांच एजेंसी से मामले की पड़ताल करने को लेकर की सिफारिश, बुधवार को ही आई थी कि नरेंद्र गिरि की पोस्टमार्टम रिपोर्ट.

SHARE THIS:

लखनऊ. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत की गुत्‍थी सुलझाने के लिए अब योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने मामले की जांच के लिए केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश की है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाना चाहती है और निष्पक्ष जांच को देखते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश की है.

गौरतलब है कि नरेंद्र गिरी की मौत के मामले में लगातार सवाल उठ रहे थे और कई राजनेताओं से लेकर संत समाज से जुड़े लोग भी इसे आत्महत्या का मामला मानने से इनकार कर रहे थे. साथ ही इस पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग कर रहे थे.

तीन आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
नरेंद्र गिरि मौत के मामले में पुलिस ने अभी तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. नरेंद्र गिरि के मिले सुसाइड नोट में आनंद गिरि, आद्या तिवारी और उसके बेटे संदीप तिवारी को मौत का जिम्मेदार बताया गया था. सुसाइड नोट में लिखा गया था कि ये तीनों ब्लैकमेल कर रहे हैं और मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहे हैं. नरेंद्र गिरि ने तीनों को अपनी मौत का जिम्मेदार सुसाइड लैटर में बताया था जिसके आधार पर यूपी पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था.

नहीं मिले चोट के निशान
वहीं सीजेएम कोर्ट में पेश की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार नरेंद्र गिरि के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं उनकी मौत दम घुटने के कारण ही हुई है. रिपोर्ट में हैंगिंग की बात भी आई है. उनके गले पर वी शेप का निशान पाया गया है जो फंदा लगाने के कारण ही आता है. ऐसे में पुलिस कुछ हद तक स्पष्ट है कि नरेंद्र गिरि ने आत्महत्या की है और उनकी मौत फंदे से लटकने के कारण ही हुई है.

समय भी चला पता
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार नरेंद्र गिरि की मौत दोपहर में 3 से साढ़े तीन बजे के बीच हुई है. इससे स्पष्ट है कि खाना खाने के बाद आराम करने गए नरेंद्र गिरि ने पहले वीडियो बनाया और उसके बाद सुसाइड नोट लिख कर आत्महत्या कर ली. काफी देर तक जब वे बाहर नहीं आए तो उनके शिष्यों ने दरवाजा तोड़कर देखा तो गिरि पंखे में रस्सी डालकर फंदे से लटके हुए थे. इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया. लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.

Mahant Narendra Suicide: मरने से पहले महंत गिरि ने बनाया था Video, लिया था आनंद, आद्या और संदीप का नाम

महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में पुलिस अब तक तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.

Mahahnt Narendra Giri Death: महंत नरेंद्र गिरी ने फंदा लगाने से पहले अपने मोबाइल में एक वीडियो भी बनाया था. इस वीडियो में उन्होंने आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी का नाम लिया था. उन्होंने कहा कि इन्होंने मुझे आत्महत्या करने पर मजबूर कर दिया.

SHARE THIS:

प्रयागराज. महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में बुधवार को बड़ा खुलासा हुआ. पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में महंत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ ही उनके मोबाइल में मिले एक वीडियो के बारे में भी जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि नरेंद्र गिरि ने मरने से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था और इस वीडियो में उन्होंने तीनों आरोपियों आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी का नाम लिया था. उन्होंने वीडियो में कहा था कि इन लोगों ने मुझे आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया.
पुलिस सूत्रों के अनुसार अब उस मोबाइल को सील कर दिया गया है और वीडियो पुलिस के पास सुरक्षित है क्योंकि वो एक अहम सबूत है.

नहीं मिले चोट के निशान
वहीं सीजेएम कोर्ट में पेश की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार नरेंद्र गिरि के शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं उनकी मौत दम घुटने के कारण ही हुई है. रिपोर्ट में हैंगिंग की बात भी आई है. उनके गले पर वी शेप का निशान पाया गया है जो फंदा लगाने के कारण ही आता है. ऐसे में पुलिस कुछ हद तक स्पष्ट है कि नरेंद्र गिरि ने आत्महत्या की है और उनकी मौत फंदे से लटकने के कारण ही हुई है.

समय भी चला पता
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार नरेंद्र गिरि की मौत दोपहर में 3 से साढ़े तीन बजे के बीच हुई है. इससे स्पष्ट है कि खाना खाने के बाद आराम करने गए नरेंद्र गिरि ने पहले वीडियो बनाया और उसके बाद सुसाइड नोट लिख कर आत्महत्या कर ली. काफी देर तक जब वे बाहर नहीं आए तो उनके शिष्यों ने दरवाजा तोड़कर देखा तो गिरि पंखे में रस्सी डालकर फंदे से लटके हुए थे. इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया. लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.

संदीप तिवारी गिरफ्तार
वहीं बुधवार को ही यूपी पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले के तीसरे आरोपी संदीप तिवारी को भी गिरफ्तार कर लिया है. संदीप लेटे हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी का बेटा है. गौरतलब है कि पुलिस ने मामले में आनंद गिरि और आद्या तिवारी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी आनंद गिरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने आनंद गिरि को कोर्ट में पेश किया था जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया.

शिवपाल यादव और असदुद्दीन ओवैसी की मुलाकात: क्या अखिलेश यादव और शिवपाल के बीच खत्म होंगी दूरियां ?

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों के लिये जोड़तोड़ की कोशिशों के बीच AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के लिये दुविधा के हालात हो गये हैं.

ओवैसी ने मंगलवार रात शिवपाल यादव के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और करीब एक घंटे तक दोनो नेताओ के बीच बातचीत हुयी. इससे पहले भी असदुद्दीन ओवैसी और शिवपाल यादव ने फरवरी के महीने में आजमगढ़ के विवाह समारोह में मुलाकात की थी. ओमप्रकाश राजभर और ओवैसी ने भी लखनऊ के एक होटल में डेढ़ घंटे तक मुलाकात कर चुके हैं

SHARE THIS:

उत्तर प्रदेश में सियासी जोड-तोड के बीच प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल यादव और एआईआईएम (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी (Owaisi) के बीच मुलाकात के कई मायने हैं. क्या सब वैसा ही है जैसा दिख रहा है, या किसी बडे प्लान के तहत ये दोनो नेता साथ बैठे थे. क्योंकिी  ओवैसी की शिवपाल (Shivpal Yadav) से मुलाकात सूबे के चुनाव पूर्व कई समीकरणो को गडबड कर सकती है. वजह साफ है, पहली बार यूपी मे इस बडे स्तर पर चुनाव लड रहे ओवैसी भले ही बीजेपी से लिये नुकसानदेय साबित ना हो, लेकिन उनकी मौजूदगी विपक्ष के लिये कई विधानसभा सीटो पर मुश्किल खडी कर सकती है. हांलाकि इससे पहले भी ओवैसी की पार्टी यूपी मे साल 2017 में चुनाव लड चुकी है.

हालांकि मंगलवार रात हुयी इस मुलाकात के बारे मे  शिवपाल यादव ने साफ किया कि ये बस शिष्टाचार की मुलाकात थी, लेकिन सब जानते है कि चंद दिनो बाद चुनाव देखने जा रहे इस सूबे के लिये किसी भी नेता से से किसी भी बडे नेता की मुलाकात बेमकसद नही है.

क्या हैं ओवैसी और शिवपाल की शिष्टाचार मुलाकात के मायने

ओवैसी ने मंगलवार रात शिवपाल यादव के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और करीब एक घंटे तक दोनो नेताओ के बीच बातचीत हुयी. इससे पहले भी असदुद्दीन ओवैसी और शिवपाल यादव ने फरवरी के महीने में आजमगढ़ के विवाह समारोह में मुलाकात की थी. ओमप्रकाश राजभर और ओवैसी ने भी लखनऊ के एक होटल में डेढ़ घंटे तक मुलाकात कर चुके हैं

सोहेलदेव पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर पहले ही भागीदारी संकल्प मोर्चा बनाने की बात कह चुके हैं जिसमे शिवपाल यादव के भी शामिल होने की बात कही जा रही है. अगर इसे अमली जामा पहनाया जा सका तो ये मोर्चा हर राजनीतिक पार्टी के लिये नुकसानदेय होगा, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर समाजवादी पार्टी पर पडेगा क्योंकि इस मोर्चे के घटक दल समाजवादी पार्टी के पारंम्परिक वोटो पर सबसे ज्यादा सेंध लगायेगे. नतीजा ये होगा कि कई जगहो पर सपा ना सिर्फ छोटे मार्जिन से जीतने से चूकेगी बल्कि कई पिछडा और मुस्लिम बहुल इलाकों की कई सीटे ऐसी भी होंगी जहां पर आसान लगते हुये भी जीत पक्की करना मुश्किल होगा.

उलझन मे हैं शिवपाल, निगाहें अभी टिकी हैं अखिलेश यादव पर

बहरहाल शिवपाल यादव के इस मोर्चे मे शामिल होने और असदुद्दीन ओवैसी के साथ जाने में अभी  संशय है, क्योंकि मुलाकातों औऱ बैठकों से इतर माना यह भी जा रहा है कि शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ दूरियां मिटाकर साथ में मिलकर चुनाव लड़ना चाहते हैं. इस मामले में शिवपाल यादव की तरफ से हर तरह की कोशिश भी की जा रही है. बांलाकि इसके भी अभी तक कोई सार्थक परिणाम नही आये हैं. ऐसे में चुनाव से पहले शिवपाल यादव अन्य छोटे दलों के साथ हाथ मिलाकर भागीदारी मोर्चे को बडा करने की तैयारी मे दिखते हैं. मंगलवार को शिवपाल यादव और असदुद्दीन ओवैसी की मुलाकात इसी कोशिश की तरफ बढा हुआ एक कदम हो सकती है,पर इन दिखती हुयी कोशिशों के बीच सूच्र बताते हैं कि शिवपाल यादव और समाजवादी पार्टी के बीच में भी अभी समझौते की पूरी गुंजाइश है.

समाजवादी पार्टी और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के समझौते के सियासी नतीजे

जानकारी के मुताबिक शिवपाल यादव को अगर समाजवादी पार्टी की तरफ से मौका मिलता है तो दोनो पार्टियां मिलकर चुनाव लड सकती हैं. माना ये भी जा रहा है कि अगर अखिलेश की तरफ से मजबूत वायदा मिलता है तो शिवपाल यादव अपनी पार्टी का समाजवादी पार्टी में विलय भी कर सकते हैं, पर इसकी उम्मीद कम दिखती है. क्योंकि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का आकार इतना बड़ा हो चुका है कि समाजवादी पार्टी का विलय के लिये आगे बढना और प्रसपा के पदाधिकारियों को उचित स्थान दे पाना संभव नही होगा. ऐसे में अगर दोनों पार्टियों के बीच में सीटों पर समझौता होना ही आखिरी विकल्प है. ऐसे में समाजवादी पार्टी शिवपाल यादव को उनकी मजबूत जगहों पर कुछ सीटे दे सकती है, और शिवपाल यादव के चुने हुए कैंडिडेट समाजवादी पार्टी के साइकिल चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड सकते हैं. अगर ऐसा होता है तो इसके कई फायदे हो सकते हैं. सबसे बड़ा फायदा तो ये कि जिन जगहों पर समाजवादी पार्टी थोड़ी कमजोर है और शिवपाल यादव का वर्चस्व ज्यादा है वहां पर सीटें जीतने की संभावना बढ़ जाएगी. दूसरा फायदा ये कि आपस मे मिल जाने की वजह से शिवपाल यादव की तरफ से समाजवादी पार्टी को होने वाला संभावित नुकसान भी टल जाएगा और इसके अलावा समाजवादी पार्टी के चुनाव चिन्ह पर लड़ने की वजह से भविष्य में किसी भी तरीके का विश्वासघात होने की भी संभावना खत्म हो जाएगी.

भागीदारी मोर्चे की रणनीति

बहरहाल अभी दोनों नेताओं के बीच में सिर्फ शुरुआती स्तर की बात भी सिर्फ फोन पर ही हुई है जिसका जिक्र अखिलेश यादव कर चुके हैं. हांलकि शिवपाल यादव कई बार कह चुके है कि अखिलेश उन्हे मिलने का वक्त नही दे रहे है. शिवपाल यादव का मानना यह है कि इस मामले में जब तक अखिलेश यादव आमने-सामने बैठकर साफ तौर पर बातचीत नहीं करेंगे तब तक कुछ भी कहना संभव नहीं है. अब जबकि सितंबर का महीना भी खत्म होने वाला है और अभी तक दोनों नेताओं में कोई औपचारिक या अनौपचारिक मुलाकात तक नहीं हुई हैं, इसे भांपते हुये छोटे दलों की तरफ से शिवपाल यादव को लगातार संपर्क किया जा रहा है, जिससे उनके सामने भी आखिरी फैसला लेने की समस्या है. असदुद्दीन ओवैसी की शिवपाल से मुलाकात भी इसी का नतीजा है. इसके अलावा चंद्रशेखर रावण की अगुवाई वाली भीम आर्मी पार्टी भी सुभाषपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर से मुलाकात कर चुकी है और उसने साफ किया है कि वह भागीदारी संकल्प मोर्चे का हिस्सा होंगी. दोनों नेताओं की बातचीत में साथ आने पर सहमति भी बन गई है और आने वाले 27 अक्टूबर से मऊ जिले से मोर्चे की साझा बैठके और कार्यक्रम भी शुरू होंगे. 27 अक्टूबर को मऊ में एक बड़ा सम्मेलन करने का प्लान किया जा रहा है जिसमें मोर्चे के सभी घटक दल शामिल होंगे. उससे पहले जितने भी लोग इस मोर्चे में शामिल होना चाह रहे हैं उन सब के बीच बातचीत का दौर जारी है. ऐसे में शिवपाल यादव और असदुद्दीन ओवैसी की मुलाकात इस मायने से भी खास है कि अगर शिवपाल और ओवैसी एक साथ आते हैं तो उनकी अखिलेश यादव से समझौते की संभावना खत्म हो जाएगी.

क्या हो सकता है समझौते का फ़ॉर्मूला
ऐसा माने जाने की वजह भी साफ है. एक तो अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी यह नहीं चाहती कि किसी भी मोर्चे को अपनी पार्टी में शामिल किया जाए औऱ ये भी है कि पार्टी किसी भी ऐसे दल से समझौता नही करना चाहती जो उनके ही वोटों मे सेंध लगा दे, बल्कि समाजवादी पार्टी का इरादा है कि वह छोटे-छोटे दलों के साथ समझौता करके उनकी ताकत के हिसाब से उनको कुछ सीटें दें, जिससे कि जहां पर सपा का पलडा कमजोर है वहां पर छोटी पार्टी के नेता अपनी सीट जिता सकें. इस कड़ी में वह शिवपाल यादव की पार्टी प्रसपा को भी गिनते हैं. पर मुद्दा ये भी है कि शिवपाल यादव और ओवैसी के साथ जाने की अटकले अगर सही निकली तो समाजवादी पार्टी के लिए ओवैसी और प्रसपा दोनो कई जगहों से वोट काटने वाले दल की तरह ही होंगे.

बात ये भी है कि सामने से दिखनेवाली राजनीति से इतर एक कारगर रास्ता ये ही हो सकता है कि पारिवारिक मतभेद भुलाकर अखिलेश यादव, शिवपाल यादव के साथ मिलकर चुनाव लडें और उनकी क्षमता के हिसाब से उन्हे सीटे देकर अपने पास ज्यादा सीटे लाने के रास्ते को मजबूत करें. इसके अलावा बाकी मोर्टे के लोगो को अपने तरीके से संगठित होकर चुनाव लडनें दे, जिससे कि अपने क्षेत्र, जाति और व्यक्तिगत समीकरण के लिहाज से कुछ सीटे ला सके. ताकि चुनाव बाद के नतीजे अगर किसी उम्मीद को पूरा करते हुये दिखे तो बाकी लोगों से मदद ली जा सके.

सपा नेता सुनील सजन का बड़ा आरोप- आतंकी है विकास दुबे, बीजेपी नेताओं के घर में ही है छिपा

समाजवादी पार्टी के एमएलसी सुनील सिंह साजन ने कहा कि विकास दुबे आतंकी है. उसे सरकार का संरक्षण प्राप्त है.

समाजवादी पार्टी के एमएलसी सुनील सिंह साजन ने कहा कि विकास दुबे आतंकी है. उसे सरकार का संरक्षण प्राप्त है.

SHARE THIS:

लखनऊ. कानपुर (Kanpur) के विकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों के शहादत मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई है. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने सोमवार को योगी सरकार (Yogi Government) पर बड़ा हमला बोला. समाजवादी पार्टी ने सरकार पर फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे (Vikas Dubey) को संरक्षण देने का आरोप लगाया. समाजवादी पार्टी का आरोप है कि विकास दुबे बीजेपी नेताओं के घर में ही छिपा है. पुलिस बीजेपी नेताओं के घर की तलाशी ले.

समाजवादी पार्टी के एमएलसी सुनील सिंह साजन ने कहा कि विकास दुबे आतंकी है. उसे सरकार का संरक्षण प्राप्त है. उसके असली अक सरकार में ही हैं. सरकार विकास दुबे का कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड सार्वजानिक करे. सब कुछ साफ हो जाएगा. उन्होंने कहा कि ये कैसे हो सकता है कि जिले के टॉप अपराधियों की लिस्ट में विकास दुबे का नाम ही न हो. ऐसा सिर्फ सरकार में बैठे उनके आकाओं की शह पर ही हो सकता है. असली बादशाह तो सरकार में है, जिसका संरक्षण विकास दुबे को था. सुनील सिंह साजन ने कहा कि विकास दुबे बीजेपी नेताओं के घर में ही छिपा है. पुलिस सभी की तलाशी ले.

पत्नी ऋचा भी बेटे संग फरार

गौरतलब है कि 72 घंटे से ज्यादा का वक्त गुजर जाने के बाद भी विकास दुबे का पता पुलिस नहीं लगा सकी है. विकास दुबे के साथ ही उसकी पत्नी ऋचा भी दो जुलाई की रात से छोटे बेटे के साथ फरार है. उधर पुलिस ने विकास दुबे पर इनाम की राशि बढ़ाकर ढाई लाख कर दिया है. 40 थानों की पुलिस फाॅर्स के साथ ही क्राइम ब्रांच व एसटीएफ भी उसकी तलाश में जुटी है.

(इनपुट: अलाउद्दीन)

UPPSC Admit Card : स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड जारी, इन पांच शहरों में होगी परीक्षा

UPPSC Admit Card : स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा 31 अक्टूबर को होनी है.

UPPSC Admit Card : यूपीपीएससी स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा प्रदेश के पांच शहरों में होगी. इस भर्ती के लिए आवेदन 16 जुलाई से तीन सितंबर तक हुआ था.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 18:39 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. UPPSC Staff nurse Exam : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने स्टाफ नर्स/सिस्टर ग्रेड-2 परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया है. स्टाफ नर्स भर्ती के लिए परीक्षा तीन अक्टूबर 2021 को होनी है. स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थी यूपीपीएससी की वेबसाइट uppsc.up.nic.in से अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं. एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि एंटर करके लॉग इन करना होगा.

यूपीपीएससी स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा 31 अक्टूबर को प्रदेश के पांच शहरों में आयोजित की जाएगी. ये शहर हैं- गाजियाबाद, गोरखपुर, प्रयागराज, लखनऊ और मेरठ. परीक्षा का समय सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे का है. परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों को अपने साथ एडमिट कार्ड के साथ ओरिजिनल आईडी प्रूफ और उसकी फोटो कॉपी लेकर जाना है.

ऐसे डाउनलोड करें स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड

– सबसे पहले यूपीपीएससी की वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाएं
– इसके बाद होम पेज पर ‘Admit Card :- CLICK HERE TO DOWNLOAD ADMIT CARD FOR ADVT. NO. A-4/E-1/2021, STAFF NURSE /SISTER GRADE-2 (MALE/FEMALE) EXAM-2021’ मिलेगा
– इस लिंक पर क्लिक करें
– यहां नए पेज पर अपने लॉग इन क्रेडेंशियल एंटर करें
– अब एडमिट कार्ड डाउनलोड करके प्रिंट कर लें

ये भी पढ़ें

JPSC Exam 2021: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की JPSC परीक्षा में उम्र सीमा छूट की मांग, झारखंड हाई कोर्ट का फैसला बरकरार

NEET SS 2021: जारी हुआ एप्‍ल‍िकेशन फॉर्म, इस डायरेक्‍ट लिंक पर चेक करें

भारत का सबसे बड़ा अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट चला रहा था मौलाना कलीम सिद्दीकी: ADG

UP: अवैध धर्मांतरण मामले में मेरठ से ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष मौलाना कलीम सिद्दीकी गिरफ्तार

UP News: यूपी के एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि अभी तक की जांच में मौलाना कलीम सिद्दीकी के ट्रस्ट के खाते में एकमुश्त 1.5 करोड़ रूपये बहरीन देश से भेजे गये हैं. कुल 3 करोड़ रूपये की फंडिंग के साक्ष्य मिले हैं.

SHARE THIS:

लखनऊ. बीते दिनों उत्तर प्रदेश में एक बड़े स्तर पर अवैध धर्मांतरण (Illegal Religious Conversion) कराने वाले गिरोह के सरगना के साथ 10 लोगों को गिरफ्तार कर एक बडे़ सिंडिकेट का खुलासा किया था. इसी क्रम में मंगलवार रात मेरठ से ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष मौलाना कलीम सिद्दीकी (Maulana Kaleem Siddiqui) को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. यूपी एटीएस के अनुसार मौलाना कलीम विदेशों से मिल रही फंडिंग के आधार पर पूरे देश में संगठित ढंग से गैर मुस्लिमों को गुमराह कर रहा था. उन्हें डराकर भारत का सबसे बड़ा अवैध धर्मांतरण सिंडिकेट चला रहा था. राजधानी लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने इसकी जानकारी दी है.

एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार के मुताबिक बीते 20 जून को यूपी एटीएस ने धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड उमर गौतम समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया था. उमर गौतम और उसके साथियों को ब्रिटेन के ट्रस्ट से करीब 57 करोड़ रूपये की फंडिंग की गई थी. खर्च का ब्यौरा इन आरोपियों द्वारा नहीं दिया जा सका है. इस दौरान इस मामले में दिल्ली में रहने वाले मौलाना कलीम सिद्दीकी का भी नाम आया था. जोकि मूलत: यूपी के मुजफ्फरनगर जिले के फुलत के रहने वाले हैं.

एडीजी ने बताया कि जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि मौलाना कलीम सिद्दीकी भी देश में एक बडे़ स्तर पर अवैध धर्मांतरण के कार्य में संलिप्त है. विदेशों से मिल रही फडिंग के आधार पर पूरे देश में एक संगठित ढंग से गैर मुस्लिमों को गुमराह कर और डराकर भारत के सबसे बड़े अवैध धर्मांतरण का सिंडिकेट चला रहे हैं. यूपी एटीएस ने मौलाना कलीम सिद्दीकी को भी मेरठ से गिरफ्तार किया और उन्हें कोर्ट में पेश कर उनकी रिमांड के लिये कोर्ट में अर्जी भी दाखिल कर दी गई है.

एडीजी, कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने आगे बताया, “मौलाना कलीम सिद्दीकी जामिया इमाम वलीउल्ला नाम का एक ट्रस्ट चलाता है. जिसके जरिये सामाजिक सौहार्द के कार्यक्रमों की आड़ में विभिन्न प्रकार का लालच देकर अवैध धर्मांतरण का सिडिंकेट चला रहा है. मौलाना कलीम के ट्रस्ट में हवाला और विदेशों से होने वाली फंडिग के जरिये तमाम मदरसों को भी फंडिग की जाती है.”

उन्होंने आगे कहा कि फिर इन मदरसों में मौलाना कलीम पैगामे इंसानियत के संदेश देने के बहाने जन्नत और जहन्नुम जैसी बातों का लालच और भय दिखाकर इस्लाम स्वीकार करने के लिये प्रेरित करता है. जिसके बाद इन लोगो को प्रशिक्षित कर अन्य लोगों को धर्मांतरण के लिये प्रेरित करता है. मौलाना कलीम इस दौरान खुद के लिखे हुए साहित्य और दावा (धर्मांतरण के आमंत्रण) निशुल्क मुहैय्या कराता है.

इस दौरान मौलाना कलीम लोगों के बीच में इस बात का दावा करता है कि सिर्फ शरियत के अनुसार बनी व्यवस्था ही न्याय दे सकती है इसलिये तीन तलाक जैसे मामले भी शरियत के कानून के तहत ही निपटाये जाने चाहिए.

प्रशांत कुमार ने बताया कि यूपी एटीएस द्वारा बीते जून में धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार किये गये उमर गौतम से जुडे़ अल-हसन एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट में जिन संगठनों ने फडिंग की थी. उन्हीं के जरिये मौलाना कलीम सिद्दीकी के ट्रस्ट जामिया ईमाम वलीउल्ला को भी अनियमित रूप से भारी मात्रा में फंडिंग की गई है. अभी तक की जांच में मौलाना कलीम सिद्दीकी के ट्रस्ट के खाते में एकमुश्त 1.5 करोड़ रूपये बहरीन देश से भेजे गये हैं. अब तक कुल 3 करोड़ रूपये की फंडिंग के साक्ष्य मिले हैं.

इतना ही नहीं इस दौरान उमर गौतम ने जिनका धर्मांतरण कराया है, उनके तार मौलाना कलीम सिद्दीकी से भी जुडे़ पाये गये हैं.

उन्होंने बताया कि मौलाना कलीम सिद्दीकी ने मेरठ कालेज से बीएससी की है. पीएमटी की भी परीक्षा पास की थी. लेकिन इस बीच इस्लामी साहित्यकारों और संस्थान से जुडे़ लोगों से प्रभावित होकर MBBS करने के बजाय दारूल उलूम नदवतुल उलमा, लखनऊ से शिक्षा हासिल की है.

UP Assembly Election 2022: मिले ओवैसी और शिवपाल, किसका होगा बेड़ा पार

यूपी की सियासत में अहम है ओवैसी और शिवपाल की मुलाकात. फाइल फोटो

Uttar Pradesh Politics: असदुद्दीन ओवैसी और शिवपाल यादव के बीच एक बार फिर मुलाकात हुई है. ये मुलाकात उत्तर प्रदेश की सियासत में खास अहमियत रखती है. दोनों के बीच गठबंधन की अटकलें चल रही हैं. हालांकि शिवपाल इस पर चुप हैं तो वहीं ओवैसी शिवपाल यादव को बड़ा नेता बता रहे हैं.

SHARE THIS:

लखनऊ. इन दिनों होने वाली हर सियासी मुलाकातों के बड़े मायने निकाले जा रहे हैं. हो भी क्यों न. विधानसभा के अहम चुनाव जो होने जा रहे हैं. ऐसी ही एक मुलाकात फिर से असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) और शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) के बीच हुई. इसके बाद दोनों के बीच गठबंधन की अटकलें शुरू हो गईं, हालांकि मुलाकात के बाद शिवपाल ने तो कुछ नहीं बोला लेकिन, ओवैसी ने कहा कि शिवपाल यादव बड़े नेता हैं. ये उनकी कोई पहली मुलाकात नहीं थी. अब समझना ये है कि क्या दोनों के बीच गठबंधन हो पाएगा. सवाल ये भी है कि यदि गठबंधन होता है तो किसे फायदा होगा और किसे नुकसान और गठबंधन नहीं होता है तो क्या स्थिति बनेगी.

इसे समझने के लिए ये जानना जरूरी है कि ओवैसी और शिवपाल की यूपी चुनाव में क्या ताकत है. इसे पिछले इलेक्शन के आंकड़ों से समझा जा सकता है. ओवैसी की पार्टी 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ चुकी है. ज्यादातर लोग ये जानते हैं कि 38 में से 37 सीटों पर उसके उम्मीदवार की जमानत जब्त हो गई थी, लेकिन कई सीटों पर AIMIM ने तगड़ी ताकत दिखायी थी. कांठ में 23 हजार, ठाकुरद्वारा में 9 हजार, कुंदरकी में 7 हजार, संभल में 59 हजार, फिरोजाबाद में 11 हजार और मेहंदावल में 19 हजार वोट AIMIM कैण़्डिडेट को मिले थे. नई पार्टी के लिए ये उत्साहजनक नतीजे थे. इसीलिए ओवैसी इस बार पूरी ताकत लगा रहे हैं.

अब शिवपाल की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया की बात कर लें. 2019 में पार्टी ने पहला चुनाव लड़ा. 2017 में AIMIM की ही तरह PSPL को 2019 में एक भी सीट नहीं मिली लेकिन, शिवपाल यादव की ताकत का पता जरूर चला. फिरोजाबाद, मोहनलालगंज, फर्रूखाबाद, सुल्तानपुर और इटावा में पार्टी को लगभग 10000 वोट मिले. फिरोजाबाद में तो शिवपाल ने 91 हजार वोट बटोरे और सपा प्रत्याशी को हरवा दिया. हालांकि फिरोजाबाद सीट के अलावा कोई दूसरी सीट ऐसी नहीं थी, जहां शिवपाल की पार्टी की वजह से सपा-बसपा गठबंधन का प्रत्याशी हारा हो, जैसा कि कहा जाता रहा है.

ये आम समझ है कि ओवैसी और शिवपाल को जो वोट मिले, वो भाजपा के कभी नहीं थे. AIMIM और PSPL को मिलने वाले वोट भाजपा विरोधी खेमे के ही वोट माने जाते हैं. यानि भाजपा विरोधी वोटों में ही दोनों ने सेंधमारी करके अपने लिए वोट जुटाए. अब दोनों साथ चुनाव लड़ेंगे तो इसके क्या नतीजे होंगे.

शिवपाल और ओवैसी के साथ-साथ लड़ने से क्या होगा

इसे काफी आसानी से समझा जा सकता है. शिवपाल को मिलने वाला वोट उन सपाइयों का है जो अखिलेश से नाराज हैं. यही गणित ओवैसी के साथ भी है. यानि सपा विरोधी वोट ही दोनों को मिलेंगे. कुल मिलाकर दोनों पार्टियों के चुनाव लड़ने से सपा का ही घाटा है, लेकिन इसके कुछ पहलू और भी हैं. साथ चुनाव लड़ने से अखिलेश यादव का चाहे जो घाटा या फायदा हो लेकिन, इन दोनों पार्टियों को भी अलग-अलग नुकसान उठाना पड़ सकता है. कैसे, इसे समझना जरूरी है.

यदि दोनों पार्टियां गठबंधन में लड़ती हैं तो कुछ सीटों पर AIMIM लड़ेगी और कुछ सीटों पर PSPL. अब AIMIM के साथ लड़ने के बाद ये जरूरी नहीं कि शिवपाल यादव का वोटर उनके साथ जुड़ा रहे. AIMIM की छवि कट्टर मुस्लिम पार्टी की है. ऐसे में शिवपाल यादव के साथ बड़ा रिस्क खड़ा हो जाएगा. इसकी आशंका प्रबल है कि उनका हिन्दू वोटर ध्रुवीकरण के कारण शिवपाल को छोड़कर भाजपा में चला जाए. भाजपा से भी नाराज हुआ तो किसी और पार्टी में लेकिन, शिवपाल का साथ छोड़ सकता है.

इस गठबंधन से रिस्क ओवैसी को भी है. ओवैसी का वोटर उन्हें तो जिताना चाहता है, लेकिन उनकी गैरहाजिरी में वो अखिलेश यादव की तरफ झुका रहेगा. गठबंधन के चलते जिस सीट पर ओवैसी का प्रत्याशी नहीं उतरेगा उस सीट पर ओवैसी का वोटर शिवपाल की जगह अखिलेश को तवज्जो देगा. मतलब ये है कि AIMIM और PSPL को एक दूसरे के वोट ट्रांसफर होते दिखाई नहीं दे रहे हैं.

अब अखिलेश यादव और भाजपा पर क्या पड़ेगा फर्क

शिवपाल और ओवैसी दोनों अखिलेश के घर में ही सेंधमारी करते रहे हैं या करेंगे. ऐसे में दोनों गठबंधन में चुनाव लड़ेंगे तो इससे अखिलेश यादव को कुछ फायदा हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि गठबंधन के बावजूद दोनों ज्यादा वोट नहीं खींच पाएंगे. लिहाजा अखिलेश के वोट बंटने से बच जाएंगे. ऐसा होने पर भाजपा को उतना फायदा नहीं होगा जितने की उसे अपेक्षा होगी.

अखिलेश यादव को नुकसान तब हो सकता है जब AIMIM और PSPL अलग-अलग चुनाव लड़े. ओवैसी और शिवपाल दोनों अलग-अलग अखिलेश के परम्परागत वोटरों में सेंधमारी करेंगे. अखिलेश यादव के लिए ये ज्यादा बड़ी चोट होगी. इसका सीधा फायदा भाजपा को मिलेगा.  इस गणित को शिवपाल यादव बेहतर ढंग से समझ रहे होंगे. इसीलिए ओवैसी के बार-बार मिलने के बावजूद शिवपाल लगातार गठबंधन पर बोलने से परहेज करते रहे हैं.

(डिस्क्लेमरः ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)

लखनऊ:छोटी सी उम्र में रिकॉर्ड के फलक पर 11 साल के व्योम ने  लहराया परचम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने वाद्य यंत्र बजाते होनहार व्योम

व्योम लखनऊ के निराला नगर के निवासी है और सी.एम.इस के छात्र है. 11 साल के व्योम ने संगीत, खेल और ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में 35 रिकॉर्ड हासिल किए हैं. साथ ही प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार 2021 से भी किया गया है सम्मानित.

SHARE THIS:

आज के ज्यादातर बच्चें जहां ऑनलाइन की दुनिया में व्यस्त रहते है तो वही लखनऊ के रहने वाले होनहार व्योम आहूजा ने छोटी सी उम्र में वह हासिल कर लिया है जो बड़े-बड़े धुरंधर पूरे जीवन में हासिल नहीं कर पाते. व्योम लखनऊ के निराला नगर के निवासी है और सी.एम.इस के छात्र है. 11 साल के व्योम ने संगीत, खेल और ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में 35 रिकॉर्ड हासिल किए हैं. साथ ही प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार 2021 से भी किया गया है सम्मानित.
व्योम 12 तरह के वाद्य यंत्र बजाना भी जानते है. खेल में भी खास रूचि है. व्योम नाट्य काला में भी रूचि रखते है और कई नुक्कड़ नाटक भी कर चुके है साथ ही अलग अलग शहरों में परफॉरमेंस के लिए भी बुलाया जाता है.

ढेरो इंडिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स, एशिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स पर लहराया अपना परचम.
लोकल18 से खास बातचीत में व्योम ने अपनी कहानी बताई है.
व्योम को चेस में भी एशिया बुक ऑफ़ रिकार्ड्स हासिल किया है.अब वह अपना अपना एक बोर्ड गेम भी लॉन्च करने वाले है जो की महाभारत से प्रेरित होगा.

Meerut: अवैध धर्मांतरण के आरोप में ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष मौलाना Kaleem Siddiqui गिरफ्तार

मेरठ से गिरफ्तार हुए मौलाना कलीम सिद्दीकी

Forceful Conversion in UP: गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब मौलाना कलीम सिद्दीकी मंगलवार शाम सात बजे अन्य मौलानाओं के साथ मेरठ के लिसाड़ीगेट में हूमायुंनगर की मस्जिद माशाउल्लाह के इमाम शारिक के आवास पर एक कार्यक्रम में आए थे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 14:25 IST
SHARE THIS:

लखनऊ/मेरठ. अवैध धर्मांतरण (Illegal Religious Conversion) के मामले में उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (UP ATS) ने मेरठ (Meerut) से ग्लोबल पीस सेंटर के अध्यक्ष कलीम सिद्दीकी (Kaleem Siddiqui) को गिरफ्तार किया है. कलीम सिद्दीकी उम्र गौतम का करीबी बताया जा रहा है. मौलाना कलीम जमीयत-ए- वलीउल्लाह का अध्यक्ष भी है. जानकारी के मुताबिक मौलाना कलीम को हवाला के जरिए विदेशों से फंडिंग की जाती थी. यूपी एटीएस लंबे समय से उस पर नजर रखे हुए थी

मौलाना कलीम पर आरोप है कि वह लोगों को प्रलोभन देकर शरीयत व्यवस्था लागू करने और जनसंख्या अनुपात बदलने के लिए वृहद स्तर पर धर्मांतरण करवा रहा था. गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब मौलाना कलीम सिद्दीकी मंगलवार शाम सात बजे अन्य मौलानाओं के साथ मेरठ के लिसाड़ीगेट में हूमायुंनगर की मस्जिद माशाउल्लाह के इमाम शारिक के आवास पर एक कार्यक्रम में आए थे. इसके बाद वे अचानक से लापता हो गए. परिजनों ने उनके मोबाइल पर सम्पर्क किया, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ मिला. देर रात तक हंगामा चलता रहा. बाद जानकारी मिली कि मौलाना को एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है.

ड्राइवर समेत तीन अन्य मौलाना भी गिरफ्त
मुजफ्फरनगर के खतौली क्षेत्र के फूलत निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी के साथ उनके ड्राइवर और तीन अन्य मौलानाओं को एटीएस ने गिरफ्तार किया है. मौलाना सिद्दीकी पर आरोप है कि वह दिल्ली में कई शैक्षणिक, सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं की आड़ में अवैध धर्मांतरण का काम करता है. वह गैर मुस्लिमों को पैसों और नौकरी का प्रलोभन देकर उन्हें धर्मांतरण के लिए प्रेरित करता है, बाद में उन्हें भी इसी काम में लगा देता है.

अभिनेत्री सना खान का पढ़वाया था निकाह
जानकारी के मुताबिक मौलाना कलीम सिद्दीकी ने ही बॉलीवुड अभिनेत्री सना खान का निकाह पढ़वाया था. इतना ही नहीं गत 7 सितंबर को मुंबई में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के द्वारा आयोजित राष्ट्र प्रथम और राष्ट्र सर्वोपरि कार्यक्रम में भी मौलाना कलीम शामिल हुआ था.

Kanpur Shootout: पत्नी ऋचा के संपर्क में है आरोपी विकास दुबे, 2 जुलाई को फोन कर कहा था- भाग जाओ

Kanpur Encounter: सूत्रों के अनुसार विकास दुबे ने 2 जुलाई को रात 2 बजे पत्नी ऋचा को फोन करके भाग जाने को कहा था.

Kanpur Encounter: सूत्रों के अनुसार विकास दुबे ने 2 जुलाई को रात 2 बजे पत्नी ऋचा को फोन करके भाग जाने को कहा था.

SHARE THIS:

लखनऊ. कानपुर (Kanpur) के विकरू गांव में एक सीओ समेत 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर फरार होने वाले मुख्य आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) की पत्नी ऋचा की तलाश में पुलिस ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है. पुलिस से मिली जानकारी के मुतबिक 2 जुलाई को रात 2 बजे विकास दुबे ने पत्नी ऋचा को फोन करके भाग जाने को कहा था. बताया जा रहा है कि ऋचा बेटे को साथ लेकर फरार हो गई. वहीं, भागते वक्त सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी साथ ले गई हैं. सूत्रों के अनुसार, ऋचा पति विकास दुबे के हर गुनाह की राजदार हैं. फिलहाल पुलिस की कई टीमें फरार आरोपी विकास दुबे और उसकी पत्नी ऋचा की तलाश में छापेमारी कर रही है.

उधर, सीओ समेत 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर फरार चल रहे मुख्य आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) पर अब इनाम की राशि बढ़ाकर ढाई लाख रुपए कर दी गई है. बता दें कि इस बड़े हत्याकांड को अंजाम देकर फरार चल रहे विकास दुबे की गिरफ्तारी पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. 40 थानों की फोर्स, एक हजार से अधिक दरोगा, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ की टीम उसकी तलाश में जुटी है. बावजूद उसके 72 घंटे से ज्यादा वक्त गुजरने के बाद भी विकास दुबे और उसके गुर्गे पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं.

कानपुर: CO देवेंद्र मिश्रा के परिजनों से मिले AAP सांसद संजय सिंह, शहीद का लेटर किया ट्वीट

फरार चल रहे विकास दुबे की तलाश में पुलिस चप्पे-चप्पे को छान रही है. पुलिस को आशंका है कि वह चंबल के रास्ते बीहड़ों से होते हुए मध्य प्रदेश व राजस्थान भाग सकता है. पुलिस ने चंबल में भी तलाशी अभियान चला रही है. बता दें कि विकास दुबे के पास से पुलिस से लूटी गई एके-47 और अन्य असलहा मौजूद हो सकता है.

Load More News

More from Other District

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज