UP Panchayat Chunav: कमजोर प्रदर्शन के बाद बीजेपी में मंथन तेज, फीडबैक लेने लखनऊ पहुंचे राधा मोहन सिंह

यूपी बीजेपी प्रभारी राधामोहन सिंह पंचायत चुनाव के नतीजों को लेकर लेंगे फीडबैक.

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. इस बीच हुए पंचायत चुनाव में बीजेपी (BJP) का परफॉर्मेंस कुछ फीका दिखा. नतीजों के बाद फीडबैक लेने  यूपी बीजेपी प्रभारी राधामोहन सिंह लखनऊ पहुंच गए हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में हुए पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election 2021) के नतीजों ने बीजेपी को मंथन करने के लिए मजबूर कर दिया है. यूपी बीजेपी प्रभारी राधामोहन सिंह लखनऊ (Lucknow) में डेरा डाल चुके हैं. बुधवार को राधामोहन सिंह (Radhamohan Singh) के लखनऊ पहुंचने के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और महामंत्री सुनील बंसल के साथ एक दौर की बैठक हो चुकी है. सहसंगठन मंत्री भवानी सिंह के निधन के चलते बुधवार को बैठक पर ब्रेक लग गई, अब एक बार फिर शुक्रवार से यूपी प्रभारी मंथन करेंगे.

कानपुर में दो मंत्री सतीश महाना और नीलिमा कटियार जिला पंचायत सदस्यों को जिताने में कामयाब नहीं हो पाईं. यहां भी सपा आगे रही. लखनऊ की 25 सीटों में से 10 पर सपा ने कब्जे का दावा किया है, जबकि बीजेपी को तीन और बसपा को चार सीटें मिली हैं. गोंडा जैसे जिले में जहां भाजपा से सांसद कीर्तिवर्धन सिंह हैं और सातों विधानसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा है, वहां पर भी सपा का बेहतर प्रदर्शन है. बस्ती मे सांसद हरीश द्विवेदी के करीबियों का प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा.

मंत्री भी नहीं दिला पाए बीजेपी को जीत

कानपुर देहात में भी सपा और निर्दलीयों ने बाजी मारी और भाजपा को केवल 4 सीटें मिली. इसी तरह केशव प्रसाद मौर्य कौशांबी और प्रयागराज में भी अपना भाजपा को नहीं जीता पाए. यहां पर निर्दलीय और समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की. मऊ में सपा- बसपा और भाजपा पर निर्दलीय भारी पड़ेअनिल राजभर कैबिनेट मंत्री व दारा सिंह चौहान कैबिनेट मंत्री के क्षेत्र मऊ में सपा- बसपा और भाजपा पर निर्दलीय भारी पड़ गए हैं. उत्तर प्रदेश कैबिनेट के मंत्री रमापति शास्त्री के भतीजे भी जिला पंचायत के चुनाव हार गए. बृजेश पाठक लखनऊ शहर के मध्य से विधायक हैं. उनको उन्नाव में जिला पंचायत के लिए लगाया गया था जहां पर निर्दलीय और सपा अपने ज्यादा सदस्य जीता पाई है. वाराणसी में नीलकंठ तिवारी भी कुछ खास नहीं कर पाए. मात्र 7 सीटें बीजेपी को मिल पाईं. मथुरा से आने वाले दो मंत्री श्रीकांत शर्मा और लक्ष्मी नारायण चौधरी क्षेत्र में भाजपा को बड़ी शिकस्त मिली.

बीजेपी के लिए आने  वाले कुछ दिन बहुत महत्वपूर्ण

मथुरा से आने वाले दो मंत्री श्रीकांत शर्मा और लक्ष्मी नारायण चौधरी क्षेत्र में भाजपा को बड़ी शिकस्त मिली है. प्रतापगढ़ जिले से उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह  की पत्नी का टिकट पार्टी ने काट दिया था. वहां मात्र सात सीटें बीजेपी के खाते में गई.  इसके अलावा जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह जिला पंचायत में कुछ खास प्रदर्शन अपने क्षेत्र में नहीं कर पाए. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कोटे से गन्ना मंत्री बने सुरेश राणा, भूपेंद्र चौधरी समेत आधा दर्जन मंत्रियों की मेहनत पर किसान आंदोलन ने पानी फेर दिया, लेकिन पश्चिम यूपी में किसान आंदोलन आरएलडी के लिए संजीवनी साबित हुआ है.

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बीजेपी के यूपी प्रभारी राधामोहन सिंह कहते हैं कि ये गलतफहमी है कि किसान आंदोलन का पंचायत चुनाव में असर पड़ा है. अगर ऐसा होता तो हमारा प्रदर्शन गौतमबुद्ध नगर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर में बेहतर नहीं होता. उन्होंने कहा कि पहली बार हमलोग पंचायत चुनाव में प्रत्याशी उतारे थे और हमारे विचारधारा के लोग जीते हैं. निर्दलीय की संख्या अधिक जरूर है लेकिन वे लोग हमसे जुड़े हुए हैं. जीते हुए हमारे लोगों की संख्या 900 से अधिक है. एक तरफ विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. ऐसे में बीजेपी के आने वााला पंद्रह दिन काफी महत्वपूर्ण होंगे.