UP Panchayat Chunav Result: पंचायत चुनाव की मतगणना पर संकट, शिक्षक-कर्मचारी करेंगे बहिष्कार

यूपी पंचायत चुनाव की 2 मई से मतगणना शुरू हो रही है,  (न्यूज़ 18 ग्राफिक्स)

यूपी पंचायत चुनाव की 2 मई से मतगणना शुरू हो रही है, (न्यूज़ 18 ग्राफिक्स)

UP Panchayat Chunav: शिक्षक महासंघ और कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी, पेंशनर्स अधिकार मंच के अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर साफ कह दिया है कि 2 मई को होने वाली मतगणना में कोई भी शिक्षक और कर्मचारी हिस्सा नहीं लेगा.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण (COVID-19 Infection) की रफ्तार बेकाबू है. इस बीच पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav) की मतगणना (Counting) होनी है और प्राथमिक शिक्षक महासंघ ने राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. शिक्षक महासंघ की मांग है कि 2 मई को होने वाली मतगणना को कम से कम दो महीने आगे बढ़ाया जाए. अगर ऐसा नहीं होता है तो मतगणना ड्यूटी में लगे शिक्षक इसका खुला बहिष्कार करेंगे. कोई अव्यवस्था हुई तो उसकी जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग की होगी.

शिक्षक महासंघ ने आरोप लगाया कि ट्रेनिंग से लेकर पोलिंग तक राज्य निर्वाचन आयोग ने कोरोना गाइडलाइन का कहीं भी पालन नहीं कराया, जिससे हालात भयावह हो गए. महासंघ ने एक लिस्ट जारी करते हुए दावा किया है कि चुनाव ड्यूटी करने वाले करीब 706 शिक्षक/कर्मचारी कोविड संक्रमण से जान गंवा चुके हैं, बड़ी संख्या में शिक्षक बीमारी से जूझ रहे हैं. इन शिक्षकों के परिवार में कितने लोग संक्रमित हैं? उसका तो कोई हिसाब ही नहीं है. इसलिए 2 मई को होने वाली मतगणना हर कीमत पर रोकी जाए.

शिक्षक नेताओं के अनुसार 12 अप्रैल को ही संघ ने आयोग से अनुरोध किया था कि निर्वाचन से पहले कोविड से बचाव की गाइडलाइन का पालन किया जाए लेकिन इसको लेकर कोई इंतजाम नहीं किए गए. शिक्षक-कर्मचारियों को बिना सुरक्षा उपायों के महामारी के समय मतदान कराने के लिए भेजा गया, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी संक्रमित हो गए.

2 महीने बाद परिणाम आने से क्या है तकलीफ?
शिक्षक महासंघ और कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी, पेंशनर्स अधिकार मंच के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने न्यूज़ 18 से बातचीत में कहा, '2 मई को होने वाली मतगणना को शिक्षकों और कर्मचारियों में डर है. निर्वाचन आयोग ने शुरुआत से हम लोगों की नहीं सुनी और अब भी नहीं सुन रहा है. ऐसे में हमारे सामने क्या विकल्प बचता है? पंचायत चुनाव करा ही लिए गए हैं, ऐसे में अगर रिजल्ट 2 महीने बाद भी आ जाएं तो क्या नुकसान है इसमें?'

…तो बहिष्कार ही एकमात्र विकल्प

डॉ दिनेश चंद्र शर्मा बताते हैं, 'हमने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर साफ कह दिया है कि 2 मई को होने वाली मतगणना में कोई भी शिक्षक और कर्मचारी हिस्सा नहीं लेगा. हम नौकरी जिंदा रहने के लिए ही तो करते हैं. जब जीवन ही नहीं बचेगा तो नौकरी का भी क्या करेंगे? प्रदेश के सभी प्राथमिक शिक्षक 2 मई को मतगणना के खिलाफ हैं और अगर इसे रोका नहीं गया तो बहिष्कार के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचेगा.'



HC भी लगा चुका है आयोग को फटकार

कोरोना संक्रमण के बीच पंचायत चुनाव कराए जाने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी फटकार लगाई थी और राज्य निर्वाचन आयोग से पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमण से मृत सरकारी कार्मिकों की संख्या का ब्योरा तलब किया है.

अखिलेश, मायावती और प्रियंका ने भी सरकार को घेरा

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पंचायत चुनाव में शिक्षकों की कोरोना संक्रमण से मौत के मुद्दे पर सरकार को घेरा है.
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