UP Panchayat Election: अधिसूचना से पहले हटेंगे ग्राम प्रधानों के बोर्ड, नाम पुतवाने के निर्देश, जानें क्यों?

UP Panchayat Election: यूपी में पंचायत चुनावों को लेकर इस समय जोरदार तैयारी चल रही है.

UP Panchayat Election: पंचायती राज विभाग के अनुसार जब प्रधान पद (Pradhan) का कार्यकाल खत्म हो गया है तो कोई भी व्यक्ति अपने नाम के आगे प्रधान पद नहीं लिखा सकता है.

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लखनऊ. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election) की तैयारियां तेज हैं. पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी (Bhupendra Singh Chaudhary) का कहना है कि पंचायत चुनाव को लेकर 15 फरवरी तक नोटिफिकेशन आ जाएगा. 15 मार्च से 30 मार्च के बीच त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न होगा. उधर नोटिफिकेशन से पहले ग्राम प्रधानों (Village Heads) के नाम लगे बोर्ड को पुतवाने का काम भी जिला पंचायत राज विभाग की तरफ से किया जाएगा. अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दे दिया गया है. इसके अनुसार जहां भी प्रधानों के नाम के बोर्ड लगे हैं, उन पर से प्रधानों के नाम को पुतवाया जाए.

दरअसल ग्राम प्रधानों का बस्ता 25 दिसंबर को ही जमा हो चुका है. पंचायती राज विभाग के अनुसार जब प्रधान पद का कार्यकाल खत्म हो गया है तो कोई भी व्यक्ति अपने नाम के आगे प्रधान पद नहीं लिखा सकता है.

पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने न्यूज18 से बातचीत मे कहा ग्राम सभाओं के पुनर्गठन का कार्य पूरा हो चुका है. वार्डों का परिसमीन जारी है. प्रदेश के 4 जिले मुरादाबाद, गोंडा, संभल और गौतमबुद्धनगर का पूर्ण परिसीमन हो रहा है और बाकी जिलों का आंशिक परिसीमन जारी है. 14 जनवरी तक परिसीमन का कार्य पूरा हो जाएगा. इसके बाद आरक्षण का काम पूरा किया जाएगा.

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पंचायतों में आरक्षण लागू करने के लिए ये है प्रक्रिया 
पंचायतों में आरक्षण लागू करने के लिए राजस्व ग्रामों की जनसंख्या का आकलन किया जाएगा. पांच साल पहले चुनाव के समय ग्राम पंचायत की क्या स्थिति थी? वर्तमान में क्या स्थिति है? उसी आधार पर तय होगा कि उस ग्राम पंचायत की सीट किस प्रत्याशी के लिए आरक्षित होगी.