UP Panchayat Election 2021: आज जारी हो सकती है अधिसूचना, मध्य अप्रैल से चुनाव शुरू होने की संभावना

ऐसी संभावना जताई जा रही है अप्रैल मध्य में चुनाव हो सकते हैं. (सांकेतिक फोटो))

ऐसी संभावना जताई जा रही है अप्रैल मध्य में चुनाव हो सकते हैं. (सांकेतिक फोटो))

UP Panchayat Election 2021: पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही औपचारिक प्रकिया शुरू हो जाएगी. राज्‍य निर्वाचन आयोग और राज्‍य सरकार ने चुनाव के बाबत सभी तैयारियां पूरी करने की बात कही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2021, 9:31 AM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव (Uttar Pradesh Panchayat Election 2021) को लेकर लगभग सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. संभावित दावेदर प्रचार के लिए मैदान में उतर भी गए हैं. इससे गांव की राजनीति तेज हो गई है. सोशल मीडिया (Social Media) पर भी आरोप-प्रत्यारोप के दौर भी शुरू हो चुके हैं. इसी बीच खबर है कि उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की अधिसूचना (Notification) शुक्रवार को जारी हो सकती है. सरकार और निर्वाचन आयोग की पूरी तैयारी हो गई है. सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण को लेकर 26 मार्च को ही अहम सुनवाई भी है. ऐसी संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल के मध्य में चुनाव हो सकते हैं.

राज्‍य निर्वाचन आयोग सुबह 10:30 बजे अपने कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस करेगा. ऐसे में उम्‍मीद जताई जा रही है कि आयोग पंचायत चुनावों को लेकर महत्‍वपूर्ण घोषणाएं कर सकता है. बता दें कि उत्‍तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार को ही सभी आपत्तियों को निस्‍तारित कर दिया था. ऐसे में चुनाव आयोग के प्रेस कांफ्रेंस को अहम माना जा रहा है. वहीं, पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जो नई आरक्षण सूची तैयार कराई गई है, शुक्रवार को सभी जिलों में उसका अंतिम प्रकाशन किया जाएगा. यानी विभिन्‍न पदों के लिए आरक्षण व्‍यवस्‍था की नई सूची अंतिम रूप से जारी कर दी जाएगी.

गौरतलब है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के दौरान गड़बड़ी फैलाने वालों के खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की जाएगी. इस बाबत जोनल मजिस्ट्रेटों को भी खास जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. इस बीच, उत्‍तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने कहा है कि सरकार की उपेक्षा से शिक्षामित्र त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ड्यूटी नहीं करेंगे. संघ ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम में भी शिक्षामित्र ड्यूटी नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है. कम वेतन में शिक्षामित्रों से शिक्षण कार्य के साथ चुनाव ड्यूटी का कार्य भी कराया जा रहा है. संघ ने निर्णय लिया है कि यदि शिक्षामित्रों की मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो वे शिक्षण कार्य के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं करेंगे.

(इनपुट: मोहम्मद शबाब)
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