UP Panchayat Election: आरक्षण तय, राज्य निर्वाचन आयुक्त की सभी जिलों के DM-SSP से VC आज

गोरखपुर में 100 से अधिक हिस्ट्रीशीटर लड़ रहे चुनाव, पुलिस की पैनी नजर (File photo)

गोरखपुर में 100 से अधिक हिस्ट्रीशीटर लड़ रहे चुनाव, पुलिस की पैनी नजर (File photo)

UP Panchayat Chunav 2021: उत्तर प्रदेश के पंचायती राज विभाग ने सभी जिलों में पंचायत चुनाव से जुड़ा आरक्षण तय कर दिया गया है. आपत्तियां मांगी गई हैं. इस बार आरक्षण को 2015 का ही आधार बनाया गया है. इसे लेकर राज्य निर्वाचन आयुक्त आज प्रदेश के सभी जिलों के डीएम, एसएसपी से अहम वीडियो कांफ्रेंसिंग करने जा रहे हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव (UP Panchayat Elections) के लिए आरक्षण (Reservation) तय होने के बाद आज राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commissioner) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे. लखनऊ में दोपहर 1 बजे योजना भवन में राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिलाधिकारी और कप्तान के साथ बैठक करेंगे. पंचायत चुनावों से पहले क्या तैयारी है? किस तरीके से सुरक्षा के इंतजाम हैं? चुनावों में कोई भी गड़बड़ी ना हो. किसी भी तरह की कोई कमी न रह जाए. इन सभी बिंदुओं पर राज्य निर्वाचन आयुक्त सभी जिलों के कप्तान और जिलाधिकारियों के साथ बातचीत करके उन्हें दिशा-निर्देश देंगे.

आपको बता दें कि पंचायती राज विभाग ने सभी जिलों में पंचायत चुनाव से जुड़ी हुई आरक्षण सूची जारी कर दी है. आरक्षण को 2015 का ही आधार बनाया गया है. सूत्र बताते हैं कि मार्च के अंतिम सप्ताह में चुनाव आयोग पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है.

इससे पहले बुधवार देर रात जिला पंचायत अध्यक्ष (Zila Panchayat Adhyaksh) के आरक्षण की सूची जारी कर दी गई. पिछली सूची की तुलना में नई आरक्षण सूची में बदलाव सिर्फ अनारक्षित और महिला के लिए आरक्षित सीटों में हुआ है. अनुसूचित जाति (महिला), अनूसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग (महिला) और पिछड़ा वर्ग के लिए जो जिले आरक्षित थे, उनमें किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं हुआ है.

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नई लिस्ट के मुताबिक अमेठी, कन्नौज, मऊ, कासगंज, मैनपुरी, फिरोजाबाद, सोनभद्र और हमीरपुर अनारक्षित हो गए हैं. पिछली लिस्ट में इन जिलों को महिला के लिए आरक्षित किया गया था. इसी तरह सिद्धार्थनगर, आगरा, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, बलरामपुर और अलीगढ़ को महिला के लिए आरक्षित किया गया है. पहले ये जिले अनारक्षित थे.

अनुसूचित जाति (महिला)

लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, शामली, बागपत और कौशांबी की सीट अनुसूचित जाति (महिला) के लिए आरक्षित कर दी गई है.



अनुसूचित जाति

इसी तरह जो सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित की गई है उसमें कानपुर नगर, औरैया, चित्रकूट, महोबा, झांसी, जालौन, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, रायबरेली और मिर्जापुर की सीट शामिल है.

ओबीसी (महिला)

बदायूं, संभल, एटा, हापुड़, बरेली, कुशीनगर और वाराणसी की जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट ओबीसी (महिला) के लिए आरक्षित की गई है.

ओबीसी

आजमगढ़, बलिया, इटावा, फर्रुखाबाद, बांदा, ललितपुर, अंबेडकर नगर, पीलीभीत, बस्ती, संत कबीर नगर, चंदौली, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर की सीट ओबीसी के लिए आरक्षित किया गया है.

महिलाओं के लिए आरक्षित जिले

बहराइच, प्रतापगढ़, जौनपुर, सिद्धार्थनगर, गाजीपुर, आगरा, सुल्तानपुर, बुलंदशहर, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, बलरामपुर और अलीगढ़ महिला के लिए आरक्षित हो गए हैं.

अनारक्षित सीटें

गोंडा, प्रयागराज, बिजनौर, उन्नाव, मेरठ, रामपुर, फतेहपुर, मथुरा, अयोध्या, देवरिया, महाराजगंज, गोरखपुर, अमेठी, श्रावस्ती, कानपुर देहात, अमरोहा, हाथरस, भदोही, गाजियाबाद, कन्नौज, मऊ, कासगंज, मैनपुरी, फिरोजाबाद, सोनभद्र, हमीरपुर और गौतमबुद्ध नगर अनारक्षित हैं.
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