UP Panchayat Chunav 2021: 1 अप्रैल को बीजेपी की अहम बैठक, प्रत्याशियों की सूची हो सकती है जारी

यूपी पंचायत चुनाव में  आज से कई जिलों में नामांकन पत्र मिलना शुरू हो रहे हैं. (File photo)

यूपी पंचायत चुनाव में आज से कई जिलों में नामांकन पत्र मिलना शुरू हो रहे हैं. (File photo)

UP Panchayat Chunav BJP List of Candidates: बीजेपी पंचायत चुनाव के प्रदेश प्रभारी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि प्रत्याशियों के चयन का काम चल रहा है. पार्टी मजबूती के साथ पंचायत चुनाव लड़ने जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 31, 2021, 8:21 AM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav 2021) में पहले और दूसरे चरण की जिला पंचायत सदस्य सीटों के प्रत्याशियों की सूची पर प्रदेश बीजेपी (BJP) अहम बैठक राजधानी लखनऊ (Lucknow) में गुरुवार को होगी. इस बैठक में पहले दो चरणों के चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी. बैठक में बीजेपी के सभी क्षेत्रीय अध्यक्ष को उनके क्षेत्र के प्रत्याशियों की सूची के साथ बुलाया गया है. इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल, पंचायत चुनाव के प्रदेश प्रभारी विजय बहादुर पाठक के साथ ही प्रदेश के पदाधिकारी और क्षेत्रीय अध्यक्ष शामिल होंगे।

बीजेपी पंचायत चुनाव के प्रदेश प्रभारी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि प्रत्याशियों के चयन का काम चल रहा है. पार्टी मजबूती के साथ पंचायत चुनाव लड़ने जा रही है. गौरतलब है कि पहले चरण की सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया तीन अप्रैल से और मतदान 15 अप्रैल को है जबकि दूसरे चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया सात अप्रैल से और मतदान 19 अप्रैल को है.

इसलिए भी खास है इस बार का चुनाव

बता दें यूपी में होने वाले पंचायत चुनाव को 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले का सेमीफइनल माना जा रहा है. यही वजह है कि सत्तधारी दल होने के नाते बीजेपी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है. इस बार का चुनाव इसलिए भी खास है क्योंकि प्रदेश की मुख्य विपक्षी दलों समाजवादी पार्टी, बसपा और कांग्रेस के साथ ही आम आदमी पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM भी अपनी किस्मत आजमा रही है.
सभी दलों ने तय की रणनीति

पंचायत चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही सभी सियासी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. बीजेपी ने अपनी तैयारी पहले ही शुरू कर दी थी. संगठन के सभी पदाधिकारियों को मैदान में उतार दिया गया है. उधर समाजवादी पार्टी भी आंदोलनों और किसान चौपालों के जरिए जनता को लुभा रही है. बसपा ने तो सभी मण्डलाध्यक्षों को जीत की जिम्मेदारी सौंपी है. कांग्रेस भी जिला पंचायत चुनाव में अपना जोर दिखाने की जुगत में है.
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