JNU हिंसा के बाद AMU, BHU और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी को लेकर अलर्ट जारी
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JNU हिंसा के बाद AMU, BHU और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी को लेकर अलर्ट जारी
जेएनयू हिंसा के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में कुछ छात्रों ने देर रात कैंडल जलाकर अपना विरोध प्रदर्शित किया.

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) और इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी को लेकर यूपी पुलिस ने अलर्ट जारी किया है. इसमें अलीगढ़, वाराणसी और प्रयागराज पुलिस को किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है.

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लखनऊ. जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में रविवार को हुए बवाल के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस अलर्ट पर है. मामले में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) और इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी को लेकर यूपी पुलिस ने अलर्ट जारी किया है. इसमें अलीगढ़, वाराणसी और प्रयागराज पुलिस को किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए अलर्ट कर दिया गया है. साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस को यूनिवर्सिटी प्रशासन से संवाद रखने के निर्देश दिए गए हैं.

एएमयू में तिरंगा यात्रा का ऐलान
उधर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने जेएनयू में घटना के बाद अब एएमयू में तिरंगा यात्रा का एलान किया है. ये तिरंगा यात्रा आज (6 जनवरी) दोपहर 3 बजे मास कॉम डिपार्टमेंट से बाबे सैय्यद गेट तक निकाली जाएगी. यात्रा को लेकर पुलिस भी अलर्ट है. सुरक्षा को लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया जा रहा है. इसमें रैपिड एक्शन फोर्स, पीएसी के साथ सिविल पुलिस फोर्स व पुलिस के आलाधिकारी मौजूद हैं. मौके पर पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग कर वाटर कैनन व फायर बिग्रेड की गाड़ियां भी बुलाई हैं. माना जा रहा है कि तिरंगा यात्रा के दौरान हजारों की संख्या में छात्रों की भीड़ मौजूद रह सकती है.

मायावती ने की न्यायिक जांच की मांग
उधर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) परिसर में हिंसा के मामले में सियासत भी तेज हो गई है. बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने न्यायिक जांच की मांग की है. उन्होंने ट्वीट करके लिखा 'JNU में छात्रों व शिक्षकों के साथ हुई हिंसा अति-निन्दनीय व शर्मनाक. केन्द्र सरकार को इस घटना को अति-गम्भीरता से लेना चाहिये. साथ ही इस घटना की न्यायिक जाँच हो जाये तो यह बेहतर होगा.'



छात्रों के गुट एक-दूसरे को ठहरा रहे दोषी
बता दें, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने रविवार को कहा कि लाठियों से लैस कुछ नकाबपोश उपद्रवी परिसर के अंदर घूम रहे थे और वहां संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ लोगों पर हमले कर रहे थे. जिसके बाद कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा. दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसने फ्लैग मार्च किया और जेएनयू प्रशासन से लिखित अनुरोध मिलने के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया. वाम-नियंत्रित जेएनयूएसयू और एबीवीपी ने हिंसा के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया. छात्र संघ ने आरोप लगाया कि एबीवीपी के सदस्यों द्वारा किए गए पथराव में घोष सहित उसके कई सदस्य घायल हो गए.

इनपुट: ऋषभ मणि त्रिपाठी/प्रशांत कुमार

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