लाइव टीवी

UP में उर्दू में चलने वाले कुछ Whatsapp Groups पर पुलिस और खुफिया विभाग की विशेष नजर

Rishabh Mani | News18 Uttar Pradesh
Updated: November 1, 2019, 6:04 PM IST
UP में उर्दू में चलने वाले कुछ Whatsapp Groups पर पुलिस और खुफिया विभाग की विशेष नजर
वैसे प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह के मुताबिक सभी लैंग्वेज और कम्युनिटी के व्हाट्सएप ग्रुप पर नज़र रखी जा रही है. (Demo Pic)

दरअसल बीते दिनों मेरठ (Meerut) में झारखंड में हुई तबरेज़ की मॉब लिंचिंग के खिलाफ एक प्रदर्शन के दौरान करीब 4000 लोग सड़कों पर उतर आए थे. जांच में सामने आया कि एलआईयू (LIU) के लोग उर्दू (Urdu) के व्हाट्सएप ग्रुप (Whatsapp Group) में चल रहे मैसेज को पढ़ ही नहीं पाए और मेरठ में कानून व्यवस्था प्रभावित हो गई.

  • Share this:
लखनऊ. अयोध्या जमीन विवाद केस (Ayodhya Land Dispute Case) में फैसला आने की उम्मीद के चलते यूपी पुलिस, एलआईयू और खुफिया ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. सोशल मीडिया (Social Media) के सभी प्लेटफॉर्म पर नज़र रखी जा रही है, लेकिन उर्दू (Urdu) में बने कुछ व्हाट्सएप ग्रुप (Whatsapp Group) पुलिस और ख़ुफ़िया विभाग के लिए चुनौती बने हुए हैं. जानकारी के अनुसार उर्दू में चलने वाले कुछ व्हाट्सएप ग्रुप पर विशेष नज़र रखी जा रही है. हालांकि प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह (DGP OP Singh) के मुताबिक सभी लैंग्वेज और कम्युनिटी के व्हाट्सएप ग्रुप पर नज़र रखी जा रही है.

सोशल मीडियो पर विशेष नजर की रणनीति तैयार

दरअसल राम मंदिर पर संभावित फैसले के मद्देनजर केंद्र और राज्य सरकार की सभी खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. एजेंसियों ने सोशल मीडिया पर विशेष नजर रखने के निर्देश देते हुए रणनीति भी तैयार कर ली है. ऐसे कुछ व्हाट्सएप ग्रुप को भी चिन्हित किया गया है, जो उर्दू में चलते हैं. इनमें ग्रुप के नाम के साथ ग्रुप में जुड़े हुए ज्यादातर लोग उर्दू में लिखते हैं. उर्दू के इन व्हाट्सएप ग्रुप की निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं.

मेरठ की घटना के बाद उर्दू में चलने वाले व्हॉट्सएप ग्रुप आए नजर में

दरअसल बीते दिनों मेरठ में झारखंड में हुई तबरेज़ की मॉब लिंचिंग के खिलाफ एक प्रदर्शन के दौरान करीब 4000 लोग सड़कों पर उतर आए थे. कानून व्यवस्था पर चुनौती खड़ी हुई तो एक आरोपी बदर अली को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. बदर अली पर एनएसए की कार्रवाई भी की गई. मामले की तहकीकात शुरू हुई तो पता चला कि उर्दू में चलने वाले कुछ व्हाट्सएप ग्रुप में कुछ जानकारियां साझा की गई थीं और लोगों से एक विशेष जगह पर जमा होने की अपील भी की गई थी.

एलआईयू के लोग उर्दू के मैसेज पढ़ ही नहीं पाए 

उस घटना के बाद से ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों में चल रहे उर्दू के व्हाट्सएप ग्रुप पर नजर रखने का काम शुरू कर दिया गया है. एलआईयू और खुफिया विभाग के पास जिम्मेदारी होती है कि वह किसी भी मुद्दे पर भीड़ के जुटने से पहले इस तरह की जानकारी जिला पुलिस प्रशासन को दे. जांच में सामने आया कि एलआइयू के लोग उर्दू के व्हाट्सएप ग्रुप में चल रहे मैसेज को पढ़ ही नहीं पाए और मेरठ में कानून व्यवस्था प्रभावित हो गई.
Loading...

हर प्लेटफॉर्म पर नजर, चाहे किसी भाषा या कम्युनिटी से जुड़ा हो: डीजीपी

हालांकि पुलिस की तैयारियों पर डीजीपी ओपी सिंह का कहना है कि सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर उनकी नजर है. फिर वह चाहे किसी भी भाषा या कम्युनिटी से जुड़ा हुआ हो. डीजीपी ने कहा कि कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले लोगों पर एनएसए तक की कार्रवाई की जाएगी.

ये भी पढ़ें:

योगी सरकार ने 17 ओबीसी जातियों को एससी का दर्जा देने का आदेश लिया वापस

CRPF कैंप पर आतंकी हमला केस में 6 दोषी करार, कौसर और गुलाब खान बरी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लखनऊ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 1, 2019, 5:39 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...