1.15 करोड़ रुपए हड़पने में गिरफ्तार इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह मामले की जांच SIT को
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1.15 करोड़ रुपए हड़पने में गिरफ्तार इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह मामले की जांच SIT को
गबन की आरोपी इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह

गाजियाबाद में तैनात इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह और 6 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक सिक्योरिटी एजेंसी के सवा करोड़ रुपए हड़पने के मामले में FIR दर्ज हुई थी.

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लखनऊ. यूपी पुलिस (UP Police) की बहुचर्चित इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह (Inspector Lakshmi Singh) मामले की जांच अब एसआईटी (SIT) करेगी. मंगलवार को इस बाबत आदेश जारी किये गए. कुछ महीने पहले एटीएम लूट के मामले में पकड़े गए गिरोह से बरामद नकदी में करीब सवा करोड़ रुपये इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान ने अपने कुछ सहयोगी पुलिसकर्मियों के साथ बंदरबांट कर ली थी. बाद में इस मामले का खुलासा हुआ तो इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह फरार हो गईं. पिछले साल 7 नवम्बर को इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह और एक सिपाही धीरज भारद्वाज ने मेरठ के एंटी करप्शन कोर्ट में सरेंडर कर दिया था.

एसआईटी के डीजी आरपी सिंह ने बताया कि लॉकडाउन से पहले ही इस मामले की विवेचना एसआईटी को करने का आदेश मिला था, लेकिन लॉकडाउन के चलते दस्तावेज गाजियाबाद पुलिस से नहीं लिए पाए थे. अनलॉक के बाद एसआईटी टीम ने गाजियाबाद पुलिस से इस मामले से जुड़े हुए सभी दस्तावेज ले लिए हैं. एसआईटी ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है.

गौरतलब है कि गाजियाबाद में तैनात इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह और 6 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक सिक्योरिटी एजेंसी के सवा करोड़ रुपए हड़पने की एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसमें लक्ष्मी सिंह समेत छह पुलिसकर्मी गिरफ्तार हुए थे. गाजियाबाद पुलिस ने मामले में चार्जशीट भी लगा दी है, लेकिन मामले की विवेचना के दौरान सामने आया कि मामला सवा करोड़ नहीं बल्कि ढाई करोड़ रुपए हड़पने का है. नए तथ्यों के सामने आने के बाद शासन ने इस मामले की विवेचना एसआईटी को करने का निर्देश दिया था. अब एसआईटी के पास इस मामले की विवेचना आने के बाद मामले में कुछ अन्य खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है.



ये है पूरा मामला
एटीएम में कैश लोड करने वाली कंपनी सीएमएस इन्फो सिस्टम ने 22 अप्रैल 2019 को गाजियाबाद के लिंक रोड थाने में अपने कैश कस्टोडियन एजेंट के खिलाफ गबन का मामला दर्ज करवाया था. जांच में ढाई करोड़ रुपए का हेरफेर सामने आया था .जिसमें लिंक रोड थाने की तत्कालीन इंस्पेक्टर लक्ष्मी सिंह चौहान ने महेश को अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार कर 1.15 करोड़ रुपए की बरामदगी की की थी. जबकि फर्द में महज 45 लाख रुपए दिखाए थे. लक्ष्मी सिंह ने अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर 70 लाख रुपए का बंदरबांट कर लिया था.

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