बलिया कांड: मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह पर लगेगा NSA और गैंग्स्टर एक्ट

मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह पर लगेगा NSA और गैंग्स्टर एक्ट
मुख्य आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह पर लगेगा NSA और गैंग्स्टर एक्ट

Ballia Firing Case: बलिया में कोटा आवंटन को लेकर हो रही खुली बैठक में धीरेंद्र सिंह के ऊपर फायरिंग करने का लगा है आरोप. फायरिंग के दौरान जयप्रकाश उर्फ गामा पाल की गोली लगने से मौत हो गई.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 18, 2020, 12:54 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बलिया (Ballia) में कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बुलाई गई खुली बैठक में एक शख्स की गोली मारकर हत्या के मामले में मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह (Dheerendra Singh) पर NSA और गैंग्स्टर एक्ट के तहत केस चलेगा. इससे पहले पुलिस उप महानिरीक्षक सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि हत्या के आरोपी धीरेंद्र सिंह समेत बाकी आरोपियों पर NSA और गैंग्स्टर एक्ट तहत कार्रवाई की जाएगी. उधर, रविवार को हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह को एसटीएफ (STF) ने राजधानी लखनऊ (Lucknow) से गिरफ्तार कर लिया है.

दो नामजद अभियुक्त और गिरफ्तार
पुलिस ने दो नामजद अभियुक्त और 50-50 हजार के इनामी संतोष यादव और अमरजीत यादव को भी गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही मुख्य आरोपी समेत छह लोगों के खिलाफ रासुका और गैंगस्टर के तहत भी कार्रवाई की है. इसके अलावा इस मामले में बयान देने वाले बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने जवाब तलब भी किया है.

ये है पूरा मामला
बलिया जिले की ग्राम सभा दुर्जनपुर व हनुमानगंज की कोटे की दो दुकानों के आवंटन के लिए गुरुवार दोपहर को पंचायत भवन में खुली बैठक का आयोजन किया गया था. इसमें एसडीएम बैरिया सुरेश पाल, सीओ बैरिया चंद्रकेश सिंह और बीडीओ बैरिया गजेंद्र प्रताप सिंह के साथ ही रेवती थाने की पुलिस फोर्स मौजूद थी. दुकानों के लिए चार स्वयं सहायता समूहों ने आवेदन किया, जिसमे दो समूहों मां सायर जगदंबा स्वयं सहायता समूह और शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह के बीच मतदान कराने का निर्णय लिया गया.



अधिकारियों ने कहा कि वोटिंग वहीं करेगा जिसके पास आधार अथवा अन्य कोई पहचान पत्र होगा. एक पक्ष के पास आधार व पहचान पत्र मौजूद था, लेकिन दूसरे पक्ष के पास कोई आईडी प्रूफ नहीं था. इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया. मामला बिगड़ता देख बैठक की कार्रवाई को स्थगित कर अधिकारी चले गए. इस बीच दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई. आरोप है कि धीरेंद्र ने अपनी पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें जयप्रकाश उर्फ गामा पाल की गोली लगने से मौत हो गई. (रिपोर्ट- मनीष मिश्रा)
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