यूपी पुलिस के शस्त्रागार में अब नहीं रहेगी दूसरे विश्व युद्ध की एनफील्ड राइफल

एएसपी (लॉजिस्टिक) सुशील शुक्ला ने बताया कि ली एनफील्ड राइफल्स के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि उन्हें हर फायर के बाद बोल्ट करना पड़ता है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 11, 2018, 9:27 AM IST
यूपी पुलिस के शस्त्रागार में अब नहीं रहेगी दूसरे विश्व युद्ध की एनफील्ड राइफल
ली एनफील्ड राइफल्स
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Updated: September 11, 2018, 9:27 AM IST
द्वितीय विश्व युद्ध में इस्तेमाल की गई ली एनफील्ड राइफल की यूपी पुलिस के शस्त्रागार से विदाई होने जा रही है. अब ली एनफील्ड राइफल की जगह यूपी पुलिस के जवानों को देश में निर्मित इंसास (इंडियन स्‍‍‍‍‍‍मॉल आर्म्स सिस्टम) राइफल मुहैया कराई जाएगी. इंसास राइफल का निर्माण देश की ऑर्डनेन्स फैक्ट्री में किया गया है और वर्तमान में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल, बीएसएफ, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ और असम की पुलिस द्वारा किया जाता है.

एक प्रमुख इंग्लिश डेली से बातचीत में अपर पुलिस महानिदेशक (लोजिस्टिक) कल्लूरी एसपी कुमार ने बताया "ली एनफील्ड राइफल्स अतीत के ऐतिहासिक अवशेष हैं और ऑपरेशन में भी हैं, लेकिन जैमिंग और फिर से लोड करने की समस्या की वजह से इन्हें 6 महीने में चरणबद्ध तरीके से शस्त्रागार से बाहर किया जाएगा." उन्होंने कहा कि अगले 6 महीने में इन्हें पूरी तरह से हटाकर इनकी जगह इंसास राइफल्स को शामिल किया जाएगा.

एएसपी (लोजिस्टिक) सुशील शुक्ला ने बताया कि ली एनफील्ड राइफल्स के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि उन्हें हर फायर के बाद बोल्ट करना पड़ता है. जबकि इंसास राइफल्स एक साथ कई राउंड फायर करने में सक्षम है. उन्होंने कहा कि इंसास को यूपी पुलिस के शस्त्रागार में पहले इस लिए शामिल नहीं किया जा सका क्योंकि यहां बीएसएफ और सीआरपीएफ की तरह हथियारों के लिए कमेटी नहीं बनी. अब इन्हें शामिल किया जा रहा है.

शुक्ला ने बताया, "दो महीने पहले हमने हथियार विशेषज्ञ आशीष राठौर को परामर्शदाता के रूप में नियुक्त किया था. वह पहले बीएसएफ के साथ थे और अब पूरे आधुनिकीकरण अभ्यास की समीक्षा कर रहे हैं. पुराने ली एनफील्ड राइफल्स सीतापुर में केंद्रीय शस्त्रागार स्टेशन पर भेजे जाएंगे, जहां से उन्हें रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा. पूरा अभ्यास तीन महीने में खत्म हो जाएगा, जिसके बाद हम इंसास आवंटित करेंगे.

वर्तमान में, सांप्रदायिक अशांति, कानून-व्यवस्था नियंत्रण और चुनाव जैसे विशेष जगह पर तैनात पुलिस कर्मियों को इंसास राइफल दिया गया है. डीजीपी ओ पी सिंह ने कहा कि पुराने हो गए एनफील्ड राइफल्स का निपटान खुद में एक चुनौती है. उन्होंने कहा, "मैंने हाल ही में नई दिल्ली में ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के मुख्य प्रबंधक से बात की थी. वे पुरानी राइफल्स को बदलने में हमारी मदद करेंगे.
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