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यूपी चुनाव से पहले BJP के बुकलेट पर दिखे 'रामलला', सपा-कांग्रेस के हमले पर योगी के मंत्री ने दी सफाई

यूपी चुनाव से पहले BJP के बुकलेट पर दिखे 'रामलला', सपा-कांग्रेस के हमले पर योगी के मंत्री ने दी सफाई

UP Election 2022: रामलला की तस्वीर पर विपक्ष हुआ हमलावर (File photo)

UP Election 2022: भाजपा सरकार की ओर से 12 पन्नों का बुकलेट जारी, जिसके कवर पेज पर रामलला की तस्वीर को गर्माई है सियासत. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के हमले पर बीजेपी की तरफ से मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने दिया जवाब.

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लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) से पहले एक बार फिर राम के नाम पर सियासत शुरू हो गई है. बीजेपी सरकार ने एक 12 पन्नों का बुकलेट (BJP Booklet) जारी किया है. उसके पहले पेज पर भगवान राम की तस्वीर लगी हुई है. तस्वीर को लेकर विपक्ष हमलावर नजर आ रहा है. इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने एसपी और कांग्रेस पर बड़ा पलटवार किया. सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि रामलला तो सबके हैं, रामलला से कांग्रेस और एसपी को क्या दिक्कत है. यह वही कांग्रेस है जिसने सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर के फैसले के समय कपिल सिब्बल को वकील नियुक्त किया था, जिन्होंने कहा था कि फैसला विलंब से किया जाए इसका 2019 के लोकसभा में फायदा हो सकता है.

उन्होंने कहा कि यह वही समाजवादी पार्टी है जिसने रामलला के भक्तों पर गोली चलवाई थी. रामलला आस्था का विषय है. उधर, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता एमएलसी सुनील साजन ने कहा कि बीजेपी राम के नाम का राजनीतिकरण कर रही है. राम के नाम का व्यवसायिक इस्तेमाल कर रही है. राम कण-कण में हैं रोम-रोम में है, लेकिन बीजेपी राम को हर चुनाव में अपने राजनीतिक फायदे के लिए आगे ले आती है.

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कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भगवान राम को पहले पन्ने पर रखे या आखिरी पन्ने पर, इस वक्त मंदिर बन रहा है तो पहले पन्ने पर है, नहीं बन रहा था तो राम का एजेंडा इनके आखिरी पन्ने पर था. उन्होंने कहा कि बीजेपी भगवान राम का व्यवसायिक इस्तेमाल कर रही है और एजेंडा बना रही है. बीजेपी को अपने विकास बुक में महिलाओं के अपराध को रखना था. वहीं गंगा में उतराती लाशों को रखना था. गौरतलब है कि योगी सरकार नए चुनावी नारे के साथ मैदान में होगी. इस बार इरादे नेक…, काम अनेक नारा दिया गया है. वहीं चुनावी एजेंडे में मुफ्त वैक्सीनेशन और मुक्त राशन की योजना को भी शामिल किया गया है.

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Weather Report: UP में आफत की बारिश से जिंदगी हुई जाम, आज और कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

Weather Report: UP में आफत की बारिश से जिंदगी हुई जाम, आज और कल बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज

UP Weather Update: लखनऊ समेत यूपी के कई जिलों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. मकान ढहने, दीवारें, पेड़ गिरने से अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी है, कई घायल हैं. राज्य सरकार ने स्कूल-कॉलेजों को आज और कल दो दिन बंद रखने का फैसला किया है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बारिश से हाहाकार मचा हुआ है. राजधानी लखनऊ (Lucknow Rain) समेत कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है. पूरे राज्य में हो रही बारिश को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलों में स्कूल और कॉलेजों को 2 दिनों के लिए बंद करने का फैसला किया है. सूत्रों के मुताबिक अलग-अलग जगहों पर मकान ढहने और दीवार गिरने की वजह से अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी हैं, जबकि कई घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है. फिलहाल सरकार की तरफ से कोई अधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है.

उधर, बारिश के चलते जगह-जगह मकान, दीवार, पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए. रेलवे ट्रैक पर ओएचई लाइन टूट जाने से कई ट्रेनों के पहिए थम गए. वहीं विमान सेवा बाधित हुई है. भारी बारिश का असर सबसे ज्यादा राजधानी लखनऊ में देखने को मिला.

कई जिलों में रेड अलर्ट

जानकारी के अनुसार इस साल 28 जुलाई को इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश हुई थी. उस दौरान 24 घंटे में कुल 115 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी. इससे पहले 2012 में 24 घंटे के दरम्यान कुल 138 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी. गौरतलब है कि लखनऊ समेत कई जिलों में मौसम विभाग ने बारिश को लेकर रेड अलर्ट (Red Alert) जारी किया है. वहीं राजधानी में बुधवार से शुरू हुई बारिश गुरुवार को भी लगातार होती रही. ऐसे में पूरे शहर में जलभराव की समस्या खड़ी हो गई है.

सीएम ने दिए निर्देश-तेजी से हों राहत कार्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई क्षेत्रों में अतिवृष्टि के को देखते हुए सभी मण्डलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं. सीएम ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर राहत कार्यों पर नजर रखने के लिए भी कहा है. इसके साथ ही अगले 02 दिन, 17 व 18 सितम्बर को प्रदेश में स्कूल-कॉलेजों सहित सभी शिक्षण संस्थानों को बन्द रखने का निर्देश दिया गया है.

सीएम योगी ट्वीट कर कही ये बात

सीएम योगी ट्वीट कर कही ये बात

नुकसान का आकलन करने के निर्देश

सीएम ने इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए. इसके साथ ही जलजमाव की स्थिति में पानी को निकालने की प्राथमिकता पर व्यवस्‍था करवाई जाए. सीएम योगी ने निर्देश दिए कि सभी जनपदों के अधिकारी अपने क्षेत्र में बारिश के चलते हुए नुकसान का सही सही आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें.

आज से मिलेगी कुछ राहत, तेवर ढीले पड़ने की उम्मीद

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से कम दबाव का सिस्टम बनने से चल रही नम हवाओं के चलते ऐसा मौसम बना हुआ है. वेदर चैनल के मुताबिक यह सिस्टम अगले कुछ दिनों तक मध्य प्रदेश के पूर्वी व मध्य भारत के कुछ हिस्सों तक बना रहेगा, जिससे भारी और मद्धम दर्जे की बारिश होती रहेगी. शुक्रवार के बाद यह सिस्टम उत्तर पश्चिम की तरफ रुख करेगा, जिससे यूपी में बारिश के तेवर ढीले पड़ने की उम्मीद है.

UP में सस्ती हो सकती है बिजली! नियामक आयोग ने इस प्रस्ताव पर पावर कॉर्पोरेशन से मांगा जवाब

UP में सस्ती हो सकती है बिजली! नियामक आयोग ने इस प्रस्ताव पर पावर कॉर्पोरेशन से मांगा जवाब

UP News: उपभोक्ता परिषद के बिजली दरों में कमी करने के लिए दाखिल प्रस्ताव पर उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा पावर कॉर्पोरेशन के मुख्य अभियन्ता (टैरिफ यूनिट) से 2 सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश प्रदेश में बिजली दरों (Power Tariff) में कमी को लेकर कवायद तेज होती दिख रही है. दरअसल उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद का कहना है कि यूपी में विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर उदय व ट्रू-अप में कुल लगभग 20,596 करोड़ रुपए निकल रहा है. इसके एवज में प्रदेश के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में कमी की राहत दी जानी चाहिए. उपभोक्ता परिषद की तरफ से इस संबंध में उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UP Electricity Regulatory Commission) में याचिका भी दाखिल की गई है.

उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन के निर्देश पर आयोग सचिव संजय कुमार सिंह द्वारा उपभोक्ता परिषद के बिजली दरों में कमी करने के लिए दाखिल प्रस्ताव पर पावर कॉर्पोरेशन के मुख्य अभियन्ता टैरिफ यूनिट से 2 सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है.

दरअसल आज शुक्रवार को परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग चेयरमैन आर पी सिंह से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने बिजली दरों में कमी कराने के लिए एक प्रस्ताव फिर से पूर्व दाखिल पुनर्विचार याचिका के क्रम में सौंपा.

उपभोक्ता परिषद ने आयोग के सदस्यगण विनोद कुमार श्रीवास्तव व कौशल किशोर शर्मा से भी इस मुददे पर चर्चा की और उपभोक्ताओं को राहत दिलाने की दिशा में आयोग से विचार करने की मांग उठाई. इस पर आयोग के चेयरमैन और सदस्यों ने कहा कि पावर कॉर्पोरेशन से जवाब आने पर आयेाग नियमों की परिधि में कार्यवाही करेगा.

वहीं इस संबंध में उपभोक्ता परिषद का कहना है कि प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा से भी उनकी बात हुई है और शनिवार को वह उनसे इस मामले मुलाकात करेगा.

उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि 2 अगस्त, 2021 को बिजली दर जारी होने के तुरन्त बाद उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर निकल रहे करोडों रुपयों के एवज में आयोग में एक पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी. जिसमें यह मुददा उठाया गया था कि प्रदेश में सभी 3 करोड़ विद्युत उपभोक्ताओं की बिजली दरों को निकाला जाय तो एकमुश्त बिजली दरों में 34 प्रतिशत कमी हो जाएगी.

लेकिन बिजली कम्पनियों की आर्थिक स्थित को देखते हुए उपभोक्ता परिषद् ने अगले पांच वर्षो तक हर वर्ष लगभग 6.8 प्रतिशत रेगुलेटरी रिबेट व विद्युत दरों में कमी का प्रस्ताव सौंपते हुए आयोग से टैरिफ पर पुनर्विचार की मांग उठाई गयी थी.

उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग का पत्र

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उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग का पत्र

अवधेश वर्मा का कहना है कि बिजली कम्पनियों पर उपभोक्ताओं का इस बार भी कुल लगभग 1059 करोड़ सरप्लस निकला है. वही प्रदेश के उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर पहले भी कुल लगभग 19537 करोड़ उदय व ट्रूप में निकला था. सब मिलाकर देखा जाय तो प्रदेश के उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर कुल लगभग 20596 करोड़ रुपया सरप्लस हो गया है.

उपभोक्ता परिषद ने कहा यदि बिजली दरों में उपभोक्ताओ की निकले लगभग रुपया 20596 करोड़ का लाभ वर्तमान अनुमोदित आकलित राजस्व 60701 करोड़ के एवज में निकाला जाय, तो एकमुश्त बिजली दरों में 34 प्रतिशत कमी करनी पड़ेगी. बिजली कम्पनियों की आर्थिक स्थित को देखते हुए उपभोक्ता परिषद् ने पांच वर्षो तक कमी निम्न वत प्रस्तावित किया है, जिससे उपभोक्ताओं का हिसाब बिजली कम्पनियों से बराबर हो सके. वर्ष 2021-22 से लेकर हर साल बिजली दरों में 6.8 प्रतिशत कमी की जाए तो वर्ष 2025-26 तक हिसाब बराबर हो जाएगा.

परिषद ने आयोग से अपनी पुनर्विचार याचिका में कहा कि जब उपभोक्ताओं पर बिजली कम्पनियों का ट्रूप में पैसा निकला तो कई वर्षों तक प्रदेश के उपभोक्ताओं ने रेगुलेटरी सरचार्ज पहले 3.71 प्रतिशत और 4.28 प्रतिशत भरा था. अब जब प्रदेश के उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर रुपया 20596 पैसा निकल रहा तो बिजली दरे कम होनी चाहिए.

AAP का फ्री बिजली का वायदा: दिल्ली में तो चल गया था पर क्या UP में खिलायेगा गुल?

AAP का फ्री बिजली का वायदा: दिल्ली में तो चल गया था पर क्या UP में खिलायेगा गुल?

Lucknow News: प्रयागराज के गोविन्द वल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान में असिस्टेण्ट प्रोफेसर अर्चना सिंह कहती हैं कि ऐसे वायदों से इतना जरूर फायदा मिलता है कि आपकी जमीन तैयार होने लगती है.

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लखनऊ. 2022 में होने जा रहे यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election-2022) के लिए वायदों की झड़ी लग गयी है. फ्री-फ्री-फ्री होने लगा है. सबसे ज्यादा चर्चा आम आदमी पार्टी (Aam Admi Party) के उस वायदे की हो रही है, जिसमें पार्टी ने कहा कि यदि उनकी सरकार बनती है तो 300 यूनिट तक फ्री बिजली (Free Electricity) मिलेगी. लोग हिसाब लगाने लगे हैं कि यदि ऐसा होता है तो हर महीने उन्हें कितने का फायदा मिल जायेगा?

फ्री बिजली पर हो रही चर्चा को देखकर तो ऐसा लगता है कि आम आदमी पार्टी का यूपी के चुनाव में जलवा कायम हो जायेगा लेकिन, क्या फ्री बिजली का हिसाब क्या इतना सीधा है? क्या इस वायदे के सहारे आम आदमी पार्टी यूपी में सरकार बना लेगी? भई, दिल्ली में तो उसने बिजली के सहारे सरकार बना ही ली थी.

लेकिन जानकार इससे उलट सोचते हैं. उनका कहना है कि दिल्ली और यूपी में फर्क बड़ा है.  दिल्ली में फ्री बिजली का वायदा काम कर गया और यूपी में ये कितना काम करेगा? इसे समझने से पहले कुछ बातों को जानना जरूरी है. यूपी में उसी पार्टी को चुनाव में सीटें मिलती हैं जिसका अपना कुछ कैडर वोट होता है. ये हर हाल में अपनी पार्टी के साथ खड़ा रहता है. बताने की जरूरत नहीं कि यूपी में किस पार्टी का कौन सा कैडर वोट है.

किसी भी वायदे का इन पर फर्क नहीं पड़ता. लोक लुभावन वायदों का असर फ्लोटिंग वोटरों पर पड़ता है. यूपी जैसे जातिगत खेमे में बंटे राज्य में ऐसे फ्लोटिंग वोटरों की संख्या लगभग 10 फीसदी मानी जा सकती है. ऐसे में ये सभी किसी एक पार्टी के साथ हो भी जाएं तब भी उसका जीतना नामुमकिन है.

इसकी नज़ीर पिछले चुनाव की सामने है. 2017 के चुनाव से पहले कांग्रेस ने “कर्जा माफ और बिजली बिल हाफ” का नारा दिया था. राहुल गांधी ने पूरे यूपी में पदयात्रा भी की थी लेकिन, नतीजा वही ढाक के तीन पात ही रहा. कैडर वोटों को गंवा चुकी कांग्रेस के ये वायदे कुछ नहीं कर पाये. उसे सिर्फ उन्हीं सीटों पर जीत मिली, जहां से उसके कैंडीडेट की अपनी पकड़ थी. पार्टी को कुछ नहीं मिला.

ऐसे में सवाल उठता है कि आम आदमी पार्टी को दिल्ली में जीत कैसे मिल गयी? दिल्ली का सूरते-ए-हाल यूपी से अलग है. पार्टी के संघर्ष के साथ-साथ फ्लोटर वोटरों की संख्या का मसला भी बड़ा है. पार्टी ने चुनाव से बहुत पहले बिजली को लेकर बड़ा आंदोलन खड़ा किया था. सीएम अरविंद केजरीवाल खुद मैदान में उतरे थे और बिजली के खम्भों पर चढ़कर विरोध स्वरूप कनेक्शन काट रहे थे. बिजली बिलों की होली जलाई जा रही थी. इतने संघर्ष के बाद फ्री बिजली का वायदा सामने आया था.

यूपी में पार्टी की ओर से ऐसा कोई आंदोलन खड़ा नहीं किया जा सका है. फिर दिल्ली एक मेट्रोपॉलिटन सिटी है. यहां जातीयता का दायरा सिमटा हुआ है. मतलब फ्लोटिंग वोटरों का दबदबा है.

यूपी जैसे राज्य में सिर्फ फ्लोटिंग वोटरों के सहारे जीत नहीं मिल सकती. सूबे में तीनों मजबूत पार्टियों भाजपा, सपा और बसपा के पास कम से कम 20 फीसदी संख्या के काडर वोट हैं. इसमें दस फीसदी फ्लोटिंग वोटरों के जुड़ते ही एकतरफा जीत मिल जाती है. यानी 30 फीसदी के आसपास वोट मिल गये तो सरकार बन गयी. आम आदमी पार्टी फ्लोटिंग वोटरों को तो जुटा सकती है लेकिन कैडर वोटरों की कमी को कैसे पूरा करेगी?

प्रयागराज के गोविन्द वल्लभ पंत सामाजिक विज्ञान संस्थान में असिस्टेण्ट प्रोफेसर अर्चना सिंह ने कहा कि ऐसे वायदों से इतना जरूर फायदा मिलता है कि आपकी जमीन तैयार होने लगती है. इस चुनाव में भले ही ज्यादा फायदा मिले न मिले लेकिन, अगले चुनाव तक कुछ फायदा मिलने की उम्मीद की जा सकती है.

UP News Live Updates: ग्रेटर नोएडा में फर्जी निकला छात्रा का अपहरण, प्रेमी संग हुई थी फरार

UP News Live Updates: ग्रेटर नोएडा में फर्जी निकला छात्रा का अपहरण, प्रेमी संग हुई थी फरार

Uttar Pradesh News Live: उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट को घटना का जल्‍दी खुलासा करने के लिए 1 लाख रुपये का ईनाम देने की घोषण की है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 14:26 IST
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UP News Live Updates 17 September 2021: यूपी के ग्रेटर नोएडा के बादलपुर थाना क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक (Morning Walk) पर निकली छात्रा के अपहरण की कहानी फर्जी निकली (Fake Kidnapping Story) है. दरअसल छात्रा के अपहरण की कहानी परिवारजनों ने ही रची थी, क्‍योंकि वह एक दिन पहले प्रेमी के साथ घर से फरार हो गई थी. वहीं, परिवार ने अपनी इज्जत बचाने के चक्कर में अपहरण की साजिश रच डाली. यही नहीं, उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट को घटना का जल्‍दी खुलासा करने के लिए 1 लाख रुपये का ईनाम देने की घोषण की है.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के ज्यादातर इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश (Incessant Rain) ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. शुक्रवार सुबह से प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का सिलसिला जारी है. सूत्रों के मुताबिक अलग-अलग जगहों पर मकान ढहने और दीवार गिरने की वजह से अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी हैं, जबकि कई घायल हैं, जिनका इलाज चल रहा है. फिलहाल सरकार की तरफ से कोई अधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है.

यूपी में भारी बारिश को देखते हुए योगी सरकार ने दो दिन यानी की 17 और 18 सितंबर को प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेज को बंद रखने का ऐलान कर दिया है. वहीं समाजवादी पार्टी ने कहा, उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के चलते 50 लोगों की मृत्यु, हृदय विदारक घटना! मृतकों की आत्माओं को शांति दे भगवान. शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना. पीड़ित परिवारों को उचित मुआवज़ा प्रदान करे सरकार.

कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट
विभाग की ओर से कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है. बारिश के साथ साथ 87 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के तेज झोंके भी चलेंगे. जिन जिलों में बारिश जारी रहेगी, वह जिले हैं- अमेठी, अयोध्या, बाराबंकी, बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कन्नौज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, कासगंज, एटा, मथुरा, अलीगढ़, बुलंदशहर और नोएडा.

सपा सरकार में विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी होगी बहाल, गोमती किनारे बनेगा भव्य मंदिर: अखिलेश

सपा सरकार में विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी होगी बहाल, गोमती किनारे बनेगा भव्य मंदिर: अखिलेश

Lucknow News: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि विश्वकर्मा समाज का मुख्यमंत्री जी ने अपमान किया है. हमने विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी की थी. भगवान हनुमान का गदा, भगवान कृष्ण का चक्र विश्वकर्मा समाज ने ही बनाया था. उनकी ही छुट्टी खत्म कर दी.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) कार्यालय पर अखिल भारतीय विश्वकर्मा महासभा का कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे. कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने बीजेपी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विश्वकर्मा समाज का अपमान करने का आरोप लगाया. साथ ही ऐलान किया कि यूपी में सत्ता में आने पर समाजवादी पार्टी विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी बहाल करेगी. यही नहीं लखनऊ में गोमती नदी के किनारे भगवान विश्वकर्मा के भव्य मंदिर का निर्माण होगा.

अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बारिश से भारी क्षति और जान का भी नुकसान हुआ. सरकार ने कोई इंतजाम नहीं किया था. अब ये सरकार जाने वाली है, सरकार का सफाया होगा. इस सरकार में हर वर्ग का आदमी अपमानित हुआ है. इस सरकार ने झूठ का रिकॉर्ड बना दिया.

कहीं बीजेपी वालों का ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट भी है, जहां से झूठ बोलना सिखाया जाता है. समाज मे हर तरफ झूठ फैलाया जा रहा है. अखिलेश ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी ने विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी खत्म कर दी. विश्वकर्मा समाज का मुख्यमंत्री जी ने अपमान किया है. हमने विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी की थी. भगवान हनुमान का गदा, भगवान कृष्ण का चक्र विश्वकर्मा समाज ने ही बनाया था और उनकी ही छुट्टी खत्म कर दी.

अखिलेश ने कहा कि सरकार सिर्फ नाम बदलने का सिर्फ काम कर रही है. उन्होंने पूछा- 5 ट्रिलियन इकोनॉमी का सपना कहां गया? मुख्यमंत्री ने 1 ट्रिलियन इकॉनमी के लक्ष्य की बात कही थी, कहां है?  लखनऊ में बड़े-बड़े कागजों पर दस्तखत हुआ था. बड़े-बड़े एमओयू साइन हुए थे.

अखिलेश यादव ने कहा कि कोरोना में लोगों की कितनी जान चली गयी? अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं था, बेड नहीं था. कोरोना काल में समाजवादियों की चलाई गई एम्बुलेंस काम आयी. ऐसा लॉक डाउन किया कि गरीब की जान चली गयी. सरकार ने सही समय पर लॉकडाउन नहीं किया. गंगा मां में लाशें बह रही थीं.

‘उत्तर प्रदेश में डीएम और ईवीएम से रहना होगा सावधान’

उन्होंने कहा कि समाजवादी लोग सीधे हैं. मोबाइल पर जो चीजें आ जाती हैं, हम यकीन कर लेते हैं. सोशल मीडिया में बीजेपी के “ई-रावण” बैठे हैं. यूपी का चुनाव देश का सबसे बड़ा चुनाव है. बिहार में बेईमानी हुई थी, बिहार में DM और EVM ने बेईमानी की लेकिन बंगाल में जनता ने सही जवाब दिया. उत्तर प्रदेश में भी हमें दोनों (DM & EVM) से सावधान रहना होगा.

GST Council Meeting: लखनऊ में जीएसटी परिषद की बैठक शुरू, पेट्रोल-डीजल पर बड़ा फैसला संभव

GST Council Meeting: लखनऊ में जीएसटी परिषद की बैठक शुरू, पेट्रोल-डीजल पर बड़ा फैसला संभव

GST Council Meeting in Lucknow: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक में आज पेट्रोल-डीजल को दायरे में लाने समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हो सकती है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 13:08 IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में जीएसटी परिषद (GST Council) की 45वीं बैठक होटल ताज में शुरू हो गई है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitaraman) अध्यक्षता बैठक में होने वाली इस बैठक में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) को दायरे में लाने समेत कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हो सकती है. बैठक में उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के साथ सभी राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे. इस दौरान अरुणाचल प्रदेश, बिहार, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, मणिपुर, त्रिपुरा के उप मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे. अन्य राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में हिस्सा लेंगे.

बता दें इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के आवास पर जाकर सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. माना जा रहा है कि आज की बैठक में 4 दर्जन से अधिक वस्तुओं पर टैक्स दर की समीक्षा हो सकती है. इसमें कोविड-19 से संबंधित 11 दवाओं पर टैक्स छूट को बढ़ाने का फैसला भी हो सकता है.

इसके अलावा बैठक में पेट्रोल और डीजल के साथ प्राकृतिक गैस और विमान ईंधन को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार हो सकता है.

इस संबंध में यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री मोती सिंह ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की बैठक चल रही है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की देन है कि उद्योग आगे बढ़ा है और जो बैठक देश की राजधानी दिल्ली में हुआ करती थी, वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हो रही है. उन्होंने कहा कि डीजल-पेट्रोल को लेकर जीएसटी काउंसिल की बैठक में जो भी फैसला होगा, वह हम अपने नेतृत्व के फैसले को स्वीकार करेंगे.

माना जा रहा है कि बैठक में राज्यों के राजस्व नुकसान पर मुआवजे पर भी चर्चा हो सकती है. साथ ही काउंसिल ऑनलाइन फूड डिलीवरी एप को रेस्टोरेंट मानते हुए उनके डिलीवरी पर 5 फीसदी जीएसटी लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर सकती है.

वित्त मंत्रालय ने आज सुबह ही इस बैठक को लेकर ट्वीट किया. उसमें बताया है कि सुबह 11 बजे से होने वाली बैठक में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी शामिल होंगे. इनके अलावा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों एवं केंद्र सरकार व राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा लेंगे.

इनपुट: मोहम्मद शबाब

UP के कई जिलों में प्रलयंकारी बारिश, CM योगी ने अधिकारियों को फील्ड पर भेजा, तलब की रिपोर्ट

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UP Rain: आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता के मुताबिक, मध्य प्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण इसका असर उत्तर प्रदेश के जिलों पर नजर आ रहा है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बारिश (Rainfall) ने अब तबाही मचानी शुरू कर दी है. इस बीच शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को बारिश से हुए नुकसान का अनुमान लगाने के लिए फील्ड पर जाने के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि नगर निकाय और पंचायती राज के सभी अधिकारी और कर्मी फिल्ड में उतर कर रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण हुए नुकसान का जायजा लें और लोगों को समुचित राहत पहुंचाएं. मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निकाय को यह भी निर्देश दिया है कि जलजमाव के कारण कोई रोग ना फैले इसके लिए यथोचित उपाय करें.

नुकसान का आंकलन हो
सीएम ने इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि बारिश से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाई जाए. इसके साथ ही जल जमाव की स्थिति में पानी को निकालने की प्राथमिकता पर व्यवस्‍था करवाई जाए. सीएम योगी ने निर्देश दिए कि सभी जनपदों के अधिकारी अपने क्षेत्र में बारिश के चलते हुए नुकसान का सही सही आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें.

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लगातार हो रही मूसलाधार तेज बारिश के चलते सड़कें तालाब बन गई हैं और लोगों के घरों में गंदा पानी घुस गया है. आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता के मुताबिक, मध्य प्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण इसका असर उत्तर प्रदेश के जिलों पर नजर आ रहा है. अगले दो-तीन दिनों में इसका असर कमजोर पड़ेगा तब बारिश का दौर थमेगा. सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, जालौन, बरामपुर को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में आज भारी बारिश की संभावना जताई है.बाराबंकी में बारिश का कहर थमता नहीं दिख रहा है. वहां बीते कई घंटों से लगातार बारिश हो रही है. कई इलाकों में घरों की दीवार ढह गईं हैं. बाराबंकी में में बारिश के कहर से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं.

Explained: बिजली फ्री करने से UP पर बढ़ जाएगा 23000 करोड़ का बोझ, जानिए कैसे?

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आपके लिए इसका मतलब: उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा कहते हैं कि मुफ्त बिजली के एलान का जब अध्ययन किया तो पाया कि ये राज्य सरकार पर और बोझ बढ़ाने वाला है, दूसरा ये विकल्प दूरगामी भी नहीं है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 17, 2021, 12:37 IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections-2022) में बिजली एक बड़ा मुद्दा बनने जा रही है. सभी पार्टिंयां इसे लेकर रणनीति बनाने में जुटी हैं. इस बीच आम आदमी पार्टी (Aam Admi Party) ने चुनावी वायदे के दौर पर मुफ्त बिजली का ऑफर पेश कर दिया है. AAP ने 300 यूनिट तक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए और किसानों को मुफ्त बिजली (Free Electricity) देने का एलान किया है. आम आदमी पार्टी के इस एलान पर जानकारों का मानना है कि इससे प्रदेश पर करीब 23 हजार करोड़ से ज्यादा का अतिरिक्त वित्तीय भार बढ़ जाएगा.

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा कहते हैं कि उन्होंने मुफ्त बिजली के एलान का जब अध्ययन किया तो पाया कि एक तो ये राज्य सरकार पर और बोझ बढ़ाने वाला है, दूसरा ये विकल्प दूरगामी भी नहीं है. यानी सरकार इसे एक निश्चित समय तक ही दे सकती है.

अवधेश वर्मा आगे कहते हैं कि फ्री बिजली देने का मतलब सीधा सा है कि सरकार उसके एवज में सब्सिडी बढ़ाये.

वर्ष 2021-22 के आकड़ों पर गौर करें तो यूपी में लगभग 2 करोड़ 75 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं. इनसे जिनसे कुल राजस्व लगभग 26,741 करोड़ आता है. इस समय सरकार द्वारा कुल घोषित सब्सिडी लगभग 11 हजार करोड़ है. अगर 300 यूनिट तक घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली मुफ्त कर दी जाए तो उपभोक्ताओं की कुल संख्या लगभग 2 करोड़ 43 लाख के करीब होगी. उनसे वर्तमान में जो राजस्व अनुमोदित है, वह लगभग 21186 करोड़ है. यानी फ्री बिजली देना है तो लगभग 21182 करोड़ की अतिरिक्त सब्सिडी देनी होगी.

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इसी तरह किसानों को मुफ्त बिजली देने की जहां तक बात है तो प्रदेश में ऐसे किसानों की कुल संख्या लगभग 13 लाख है. उनका कुल अनुमोदित राजस्व लगभग 1845 करोड़ है. यानी किसानों की बिजली फ्री करने के लिए अतिरिक्त लगभग 2000 करोड़ की सब्सिडी सरकार को देना होगा.

जाहिर है सरकार को बिजली मुफ्त करने के लिए करीब 23 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा अतिरिक्त भार झेलना होगा. ऐसे में इसकी भरपाई वह कहां से करेगी? जाहिर सी बात है घूम फिरकर दबाव उपभोक्ता पर ही आ जाएगा.

Monsoon Update : लखनऊ में बारिश ने तोड़े रिकॉर्ड, पिछले 24 घंटों में देश में सबसे ज्‍यादा बरसात हुई

Monsoon Update : लखनऊ में बारिश ने तोड़े रिकॉर्ड, पिछले 24 घंटों में देश में सबसे ज्‍यादा बरसात हुई

Lucknow Rain : पिछले 24 घंटों में सबसे ज्‍यादा वर्षा वाले 10 शहरों की बात करें तो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow Weather Update) सूची में सबसे ऊपर है, जहां 128 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई. भारी बारिश के कारण लखनऊ में जनजीवन काफी अस्‍त व्‍यस्‍त हुआ है. राजधानी के अधिकांश इलाकों में भारी जलभराव देखने को मिला है. इससे शहर की व्‍यवस्‍था चरमराई हुई दिखी.

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नई दिल्‍ली/लखनऊ : देश के मैदानी क्षेत्रों में कई जगहों पर भारी बारिश (Heavy Rain) देखने को मिल रही है. बीते 24 घंटों के दौरान भी कुछ इलाकों में काफी ज्‍यादा बरसात देखने को मिली. जहां पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, पंजाब एवं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश देखी गई और कई जगहों पर गरज के साथ बौछारें पड़ीं. लेकिन पूरे देश में सबसे ज्‍यादा बारिश होने का रिकॉर्ड लखनऊ (Lucknow Rain) के नाम रहा. पिछले 24 घंटों में उत्‍तर प्रदेश की राजधानी में 128 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई. यह देश में किसी भी जगह पर हुई बारिश में सबसे ज्‍यादा है.

पिछले 24 घंटों में सबसे ज्‍यादा वर्षा वाले 10 शहरों की बात करें तो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow Weather Update) सूची में सबसे ऊपर है, जहां 128 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई. भारी बारिश के कारण लखनऊ में जनजीवन काफी अस्‍त व्‍यस्‍त हुआ है. राजधानी के अधिकांश इलाकों में भारी जलभराव देखने को मिला है. इससे शहर की व्‍यवस्‍था चरमराई हुई दिखी.

स्‍काईमेट के अनुसार, सबसे ज्‍यादा बारिश वाले अन्‍य शहरों की ओर देखें तो लखनऊ के बाद सबसे ज्‍यादा बारिश गुजरात के गोपालपुर में हुई, जहां 91 मिमी बारिश दर्ज की गई. इसके बाद उत्‍तर प्रदेश के फुरसंतगंज में 73 मिमी बारिश देखी गई. वहीं, गुजरात के वल्‍लभ विद्यानगर में 65 मिमी, हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में 60 मिमी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कार निकोबार में 56 मिमी बारिश दर्ज की गई.

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मौसम पूर्वानुमान एजेंसी के अनुसार, यूपी के बहराइच में 55 मिमी, गुजरात के बड़ौदा में 49, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के माया बंदर पर 48 मिमी और चंडीगढ़ में 46 मिमी बारिश दर्ज की गई.

इस तरह बीते 24 घंटों में लखनऊ में हुई बारिश में अन्‍य सभी शहरों को पछाड़ दिया. लखनऊ (Lucknow) में जारी भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने एडवाइजरी की है. साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं. एडवाइजरी में जिला प्रशासन ने कहा है कि राजधानीवासी बेवजह घरों से निकलने से बचें. बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें. भीड़भाड़ वाले इलाके और ट्रैफिक जाम से लोग बचे. इसके अलावा खुले सीवर, बिजली के तार, खंभों से बचकर रहें. शहर में लगातार तेज हवाओं के साथ बारिश के चलते कई इलाकों में पेड़ गिरने और जगह जगह जलभराव से यातायात में दिक्कतें आ रही हैं.

UP Weather Update: 36 घंटे की लगातार बारिश के बाद लखनऊ में खिली धूप, 9 साल बाद दिखी ऐसी आफत

UP Weather Update: 36 घंटे की लगातार बारिश के बाद लखनऊ में खिली धूप, 9 साल बाद दिखी ऐसी आफत

Weather in UP: पिछले 48 घंटे में हुई लखनऊ में बारिश के आंकड़ों की बात करें तो 235 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है. बुधवार की सुबह 8:30 बजे से गुरुवार की सुबह 8:30 बजे तक 107 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी.

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लखनऊ. बारिश (Rainfall) के पानी से जलमग्न होती राजधानी लखनऊ (Lucknow) को राहत मिल गई है. बुधवार से जारी बारिश का सिलसिला शुक्रवार को थम गया है. वैसे तो बादलों की आवाजाही जारी है. लेकिन शुक्रवार की सुबह से ही लखनऊ में धूप खिली है. हल्की हवाएं भी चल रही है. 24 घंटे के दौरान हुई बारिश की बात करें तो लखनऊ में 9 सालों के बाद सितंबर के महीने में इतनी बारिश दर्ज की गई है. पिछले 24 घंटे में लखनऊ में 128 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. यह इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश है. हालांकि बुधवार से जारी बारिश की रफ्तार को देखकर ऐसा लग रहा था कि लखनऊ में बारिश के सारे पिछले रिकॉर्ड टूट जाएंगे लेकिन ऐसा होते-होते रह गया. साल 2012 में 24 घंटे के दौरान 138 मिलीमीटर बारिश हुई थी. लखनऊ में 24 घंटे में हुई बारिश का ऑल टाइम रिकॉर्ड साल 1985 का है जब 177 मिलीमीटर बारिश हुई थी.

पिछले 48 घंटे में हुई लखनऊ में बारिश के आंकड़ों की बात करें तो 235 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है. बुधवार की सुबह 8:30 बजे से गुरुवार की सुबह 8:30 बजे तक 107 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी. गुरुवार की सुबह 8:30 बजे से लेकर शुक्रवार की सुबह 8:30 बजे तक 128 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. यानी 48 घंटों के दौरान कुल 235 मिलीमीटर बारिश हुई. सबसे ज्यादा बारिश कल गुरुवार को हुई. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार सुबह 8:30 बजे से लेकर दोपहर 2:30 बजे तक लखनऊ में 91 मिलीमीटर बारिश हुई थी.

24 घंटे में 115 मिलीमीटर बारिश
शाम 5:30 बजे तक 115 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी. शाम ढलते ढलते बारिश की रफ्तार में थोड़ी सुस्ती आ गई थी. इसी वजह से लखनऊ में बारिश का नया रिकॉर्ड नहीं बना और लोगों को राहत मिलनी शुरू हुई. इससे पहले साल 2012 में 138 मिलीमीटर बारिश 24 घंटे के दौरान लखनऊ में हुई थी. इस साल जुलाई के महीने में 24 घंटे में 115 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है लेकिन कल गुरुवार को हुई बारिश इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश हो गयी है.

भारी बारिश की कोई संभावना नहीं
मौसम विभाग ने पहले ही अनुमान लगाया था कि शुक्रवार से न सिर्फ हवाएं थम जाएंगी बल्कि बारिश की रफ्तार भी धीमी हो जाएगी. मौसम में सुधार आ गया है. हालांकि बादलों की आवाजाही लगी रहेगी और छिटपुट बारिश भी हो सकती है. फिलहाल भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है.

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