UP Rajya Sabha By-election: बीजेपी प्रत्याशी जफर इस्लाम का निर्विरोध चुना जाना तय, सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी
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UP Rajya Sabha By-election: बीजेपी प्रत्याशी जफर इस्लाम का निर्विरोध चुना जाना तय, सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी
कोरोना संक्रमित होने के कारण जफर इस्लाम खुद से नामाकंन पत्र दाखिल नहीं कर पाये थे. (फाइल फोटो)

राज्यसभा उपचुनाव (Rajya Sabha By-election) में बीजेपी प्रत्याशी जफ़र इस्लाम (Zafar Islam) का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है. दोपहर बाद 3 बजे उनके प्रतिनिधि को जीत का सर्टिफिकेट मिल जाएगा.

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लखनऊ. बीजेपी प्रत्याशी जफ़र इस्लाम (Zafar Islam) का निर्विरोध राज्यसभा (Rajya Sabha) जाना तय हो गया है. अब इस सिलसिले में सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी है. जानकारी के मुताबिक उनके प्रतिनिधि दोपहर बाद 3 बजे सर्टिफिकेट लेने विधानसभा जायेंगे. बता दें कि राज्यसभा की यह सीट अमर सिंह (Amar Singh) के निधन होने से खाली हुई थी. जिस पर अब जफ़र इस्लाम का निर्विरोध चुना जाना तय है.

जफ़र इस्लाम का नामांकन पत्र पाया गया सही

इससे पहले जफ़र इस्लाम का नामांकन पत्र जांच में सही पाया गया. पर्चा खारिज होने के अंदेशे के चलते भाजपा ने नामंकन के आखिरी दिन एक सितम्बर को गोविन्द नारायण शुक्ल का पर्चा भरवाया था. उसी दिन निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर महेश चंद्र शर्मा ने भी नामांकन किया था. कोई प्रस्तावक नहीं होने के कारण उनके नामांकन को ख़ारिज कर दिया गया.



अब चूंकि जफ़र इस्लाम का पर्चा जांच में सही पाया गया है, तो यह भी तय माना जा रहा है कि भाजपा के दूसरे प्रत्याशी गोविंद नारायण शुक्ल पर्चा वापस ले लेंगे.
3 बजे प्रतिनिधि को मिलेगा सर्टिफिकेट 

बता दें कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नामंकन पत्र वापसी की आखिरी तारीख़ आज यानि 4 सितम्बर है. ऐसे में यह निश्चित है कि जफ़र इस्लाम राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिए जाएंगे. बीजेपी सूत्रों के अनुसार 3 बजे जफर इस्लाम के प्रतिनिधि के रूप में पर्चा दाखिल करने वाले सुरेश खन्ना सर्टिफिकेट लेने विधानसभा जायेंगे.

11 सितम्बर को होना था उपचुनाव 

जफर इस्लाम के कोरोना संक्रमित होने के कारण उनका नामांकन पत्र उनके प्रतिनिधि के तौर पर मंत्री सुरेश खन्ना ने 29 अगस्त को दाखिल किया था. संभवत: ऐसा पहली बार हुआ था कि नामांकन पत्र भरने प्रत्याशी खुद न आया हो और उसके प्रतिनिधि के तौर पर किसी अन्य ने पर्चा दाखिल किया. इसलिए ऐहतियात के तौर पर गोविन्द नारायण शुक्ला को पर्चा भरवाया गया था. 11 सितम्बर को राज्यसभा का उपचुनाव होना था.
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