UP Rajya Sabha Election: 10 सीटों के लिए मतदान लगभग तय, 9 उम्मीदवार उतारने की तैयारी में बीजेपी

यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है.
यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है.

UP Rajya Sabha Election: बीजेपी के पास 304 विधायक हैं. ऐसे में संख्याबल के दम पर पार्टी की 10 में से 8 सीटों पर जीत पक्की मानी जा रही है. दो सीटों पर नतीजे का भविष्य विपक्षी एकता पर निर्भर होगा.

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लखनऊ. 9 नवंबर को राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election) होना है. और यूपी में इस बार मतदान होना लगभग तय माना जा रहा है. दस सीटों में से 8 पर बीजेपी (BJP) की जीत पक्की मानी जा रही है. जबकि दो सीटों पर जीत-हार विपक्षी एकता पर निर्भर करेगी. हालांकि बीजेपी 9 सीटों पर दांव खेलने की तैयारी में है.

क्या है राज्यसभा चुनाव का फॉर्मूला

प्रत्येक सदस्य को राज्यसभा पहुंचने के लिए कितने विधायकों का समर्थन प्राप्त होना चाहिए इसके लिए कुल विधायकों की संख्या को जितने सदस्य चुने जाने हैं उसमें एक जोड़कर विभाजित किया जाता है. इस बार यूपी से 10 राज्यसभा सदस्यों का चयन होना है. इसमें 1 जोड़ने से यह संख्या 11 होती है. अब कुल सदस्य 394 हैं. एक जोड़ने पर ये संख्या 395 हो जाएगी. 11 से विभाजित करने पर 35.90 आता है. इसमें फिर एक जोड़ने पर यह संख्या 36.90 हो जाती है. यानी उत्तरप्रदेश से राज्यसभा सांसद बनने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को प्राथमिक 36 वोटों की जरूरत होगी.



8 सीटों पर बीजेपी की जीत पक्की
ऐसे में बीजेपी यूपी विधानसभा में अपनी मौजूदा ताकत के आधार पर आठ लोगों को राज्यसभा भेज सकती है. बीजेपी के पास अपने 304 विधायक हैं.  ऐसे में इस संख्याबल के दम पर भाजपा 10 में से 8 सदस्यों को चुनकर उच्च सदन में आसानी से भेज सकती है. नौवें के लिए मात्र 16 वोट बचेंगे. बीजेपी के सहयोगी अपना दल के पास 9 विधायक हैं और अतिरिक्त समर्थन मिल गया तो यह संख्या 9 राज्ययसभा सदस्यों के जीताने तक पहुंच सकती है.

उधर, विधायकों की संख्या के मुताबिक एक सीट समाजवादी पार्टी के पाले में जा सकती है क्योंकि समाजवादी पार्टी के पास 48 विधायक हैं. सपा के पास 12 वोट अतिरिक्त हैं. वहीं बहुजन समाज पार्टी के पास 18 और उसे एक सीट के लिए 18 और विधायकों की जरूरत पड़ेगी. कांग्रेस के 7, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के 4, राष्ट्रीय लोकदल के 1 और 3 निर्दलीय विधायक हैं. यानी दसवीं सीट पूरी तौर पर राजनीतिक गुणा भाग और विपक्षी एकता पर निर्भर करेगा कि किसके पास जाएगा.

यूपी बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक कहते हैं कि इससे पहले भी राज्यसभा चुनाव में मतदान हुए थे, जिसमें विपक्ष ने एकता दिखाई थी लेकिन जीत हमारी हुई थी. क्योंकि चुनाव मतदाताओं की संख्या और रणनीति के तहत लड़े जाते हैं.

वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि लाल कहते हैं कि ऐसे चुनावों में पर्दे के पीछे की राजनीति मायने रखती है. पिछले चुनाव में सपा- बसपा के बीच सहमति बनी थी, इस बार क्या रणनीति उनके बीच बनती है यह महत्वपूर्ण होगा. छोटे दलों की भी भूमिका दिखेगी. वैसे बीजेपी की कोशिश पार्टी को अजेय दिखाने की रहेगी.

इन सांसदों के पूरे हो रहे कार्यकाल 

25 नवंबर को यूपी से जिन राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है, उनमें अरुण सिंह, जावेद अली खान, पीएल पुनिया, राम गोपाल यादव, राजाराम, वीर सिंह, चंद्रपाल सिंह यादव, नीरज शेखर, रवि प्रकाश वर्मा और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं. 9 नवंबर को दस सीटों के लिए मतदान होगा.
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