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UP रोडवेज की अंतर्राज्यीय स्कैनिया लग्जरी बस सेवाएं बंद, हजारों यात्री परेशान

UP: यूपी रोडवेज ने स्कैनिया लग्जरी बसों के साथ अनुबंध खत्म कर दिया है. (File Photo)

UP: यूपी रोडवेज ने स्कैनिया लग्जरी बसों के साथ अनुबंध खत्म कर दिया है. (File Photo)

UP News: लखनऊ में यूपीएसआरटीसी के रीजनल मैनेजर पीके बोस ने बताया कि अभी तक कुल 28 स्कैनिया और वॉल्वो बसों का संचालन किया जा रहा था. इसमें 23 स्कैनिया बसों का संचालन रोक दिया गया है. वहीं 5 वॉल्वो बसें पूर्व की तरह चल रही हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग से बड़ी खबर आ रही है. बताया जा रहा है कि लगातार घाटे के चलते उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की अनुबंधित अंतरराज्यीय स्कैनिया एसी बसों की सेवाएं बंद कर दी गई हैं. सिर्फ 5 लग्जरी वॉल्वो बस ही चल रही हैं. यूपीएसआरटीसी ने स्कैनिया बस कंपनी से घाटे के चलते अनुबंध खत्म कर दिया है. बताया जा रहा है कि अब नई शर्तों के साथ जल्द अनुबंध की तैयारी है. उधर यूपीएसआरटीसी के अचानक आए इस फैसले से हजारों यात्रियों के आगे बड़ा संकट खड़ा हो गया है. दीपावली को लेकर हर साल पहले ही बसें कम पड़ती थीं, अब लोगों को चिंता है कि और बसें कम होने से वह अपने घर कैसे पहुंच पाएंगे.

उधर इस संबंध में लखनऊ में यूपीएसआरटीसी के रीजनल मैनेजर पीके बोस ने बताया कि अभी तक कुल 28 स्कैनिया और वॉल्वो बसों का संचालन किया जा रहा था. इसमें 23 स्कैनिया बसों का संचालन रोक दिया गया है. वहीं 5 वॉल्वो बसें पूर्व की तरह चल रही हैं. उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले हमारी कोशिश है कि बसें फिर से शुरू हों. ऐसे में अगर स्कैनिया बसों के संचालक हमसे संपर्क करेंगे तो नई शर्तों के साथ अनुबंध किया जाएगा. वहीं अगर ऐसा नहीं हुआ तो क्या करेंगे? इस पर उन्होंने कहा कि तब दीपावली के लिए जनरथ बसों की सेवाएं ली जाएंगी.

बता दें अब स्कैनिया बसों की ऑनलाइन टिकट बुकिंग में नो बस सर्विस दिखने लगा है. जानकारी के अनुसार इन बसों के संचालन से यूपीएसआरटीसी को घाटा हो रहा था. इसी वजह से इन लग्जरी बसों का अनुबंध 31 अगस्त 2021 को खत्म कर दिया गया. अब नई शर्तों के साथ बस सेवाएं बहाल हो पाएंगीं लेकिन इसमें कितन समय लगेगा, इसका उत्तर किसी अफसर के पास नहीं है. फिलहाल यात्रियों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है.

बता दें लखनऊ से सात राज्यों के बीच बसें चलती थीं, इनमें सबसे ज्यादा दिल्ली, फिर राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा का रूट शामिल था. पीके बोस ने बताया कि लखनऊ से रोजाना 2000 से ज्यादा यात्री गैर राज्यों के बीच बसों से सफर करते थे.

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