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Uttar Pradesh : शिक्षक स्नातक चुनाव में बड़े उलटफेर के संकेत, बीजेपी के सभी प्रत्याशी आगे

बीजेपी प्रत्याशियों की बढ़त पर बीजेपी कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर है.
बीजेपी प्रत्याशियों की बढ़त पर बीजेपी कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर है.

8 बार से लगातार एमएलसी (MLC) रहे मेरठ खंड के कद्दावर शिक्षक नेता ओमप्रकाश शर्मा पिछड़ते नजर आ रहे हैं. इस बार मेरठ शिक्षक क्षेत्र से श्रीचंद शर्मा ने बढ़त बना ली है. बीजेपी ने शिक्षक क्षेत्र के लिए चार प्रत्याशी उतारे थे, ये चारों बढ़त में हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 3, 2020, 10:30 PM IST
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लखनऊ. यूपी विधान परिषद (UP Legislative Council) के शिक्षक स्नातक कोटे के चुनाव में बड़े उलटफेर के संकेत मिलने लगे हैं. पहली बार बीजेपी ने इस चुनाव में प्रत्याशियों की घोषणा की थी और शिक्षक सीट के सभी घोषित प्रत्याशी आगे हैं. 8 बार से लगातार एमएलसी (MLC) रहे मेरठ खंड के कद्दावर शिक्षक नेता ओमप्रकाश शर्मा पिछड़ते नजर आ रहे हैं. करीब चालीस वर्ष से वे विधान परिषद सदस्य रहे, लेकिन इस बार मेरठ शिक्षक क्षेत्र से श्रीचंद शर्मा ने शर्मा गुट पर बढ़त बना ली है. बीजेपी ने शिक्षक क्षेत्र के लिए चार प्रत्याशी उतारे थे, ये चारों बढ़त में हैं. वाराणसी में बीजेपी ने निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन दिया था और गोरखपुर में प्रत्याशी नहीं उतारा था. वाराणसी में विधान परिषद के शिक्षक क्षेत्र की सीटों की गिनती में मुरादाबाद, आगरा के साथ ही लखनऊ में भी बीजेपी के प्रत्याशी आगे हैं.

बीजेपी प्रत्याशियों की बढ़त पर बीजेपी कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर है. नाम न छापने की शर्त पर एक बीजेपी कार्यकर्ता ने तो यहां तक कह डाला कि शर्मा गुट पर यह बंसल गुट की बढ़त है. क्योंकि शिक्षक चुनाव में प्रत्याशी उतारने का फैसला संगठन ने लिया था और पहली बार प्रत्याशी उतारकर पोलिंग बूथ पर जाकर मतदाता सम्मेलन हुआ. दो साल पहले लिया गया फैसला अब रंग ला रहा है.

भाजपा और सपा में असली टक्‍कर
हीं, इलाहाबाद-झांसी खंड के स्नातक चुनाव में बीजेपी और समाजवादी पार्टी में कड़ी टक्कर है. पहले राउंड में समाजवादी पार्टी ने बढ़त बना ली है, वहीं चार बार के एमएलसी बीजेपी के यज्ञदत्त शर्मा पिछड़ते नजर आ रहे हैं. इस बार शिक्षक तथा स्नातक की 11 सीट पर 199 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं. विधान परिषद की 11 सीटों पर आज आने वाले नतीजे से शिक्षक राजनीति की दिशा तय होगी क्योंकि अभी तक शर्मा गुट का वर्चस्व बना हुआ था. मेरठ की स्नातक सीट से जहां ओमप्रकाश शर्मा खुद नौवीं बार के लिए मैदान में उतरे थे, वहीं उन्हीं के गुट के हेम सिंह पुंडीर लगातार चार बार से एमएलसी चुने गए और एक बार फिर किस्मत आजमा रहे हैं.
ब्राह्मण और ठाकुर समीकरण के सहारे ओम प्रकाश शर्मा गुट का शिक्षक और स्नातक कोटे की एमएलसी सीटों पर एकछत्र राज रहा है. उत्तर प्रदेश की 11 सीटों में से दो पर भारतीय जनता पार्टी, दो पर समाजवादी पार्टी, चार पर शर्मा गुट और तीन पर निर्दलीय का कब्जा है.
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