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एसपी-बीएसपी और कांग्रेस की खिचड़ी: कई सीटों पर एक-दूसरे की जीत सुनिश्चित करने का गेम प्लान

एसपी-बीएसपी और कांग्रेस की खिचड़ी: कई सीटों पर एक-दूसरे की जीत सुनिश्चित करने का गेम प्लान

File Photo

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कुछ खास लोगों को लोकसभा पहुंचाने के लिए गठबंधन और कांग्रेस की बीच पक रही है खिचड़ी

    भारत की राजनीति में उत्तर प्रदेश को यूं ही दिल्ली का द्वार नहीं कहा जाता. लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले जब राज्य की धुरंधर और चिरप्रतिद्वंद्वी पार्टियों ने हाथ मिलाया तो देश की सबसे पुरानी पार्टी को दरकिनार कर दिया. राज्य में दोनों के बीच गठबंधन हुआ तो कांग्रेस को दो सीटें दे दी गईं. पब्लिक मैसेज यही गया कि एसपी-बीएसपी गठबंधन कांग्रेस को भाव देने के मूड में नहीं है. कांग्रेस की तरफ से भी ऐसा दर्शाया गया कि इससे उसका नहीं नुकसान नहीं होने वाला और वो पूरे दमखम के साथ राज्य में चुनाव लड़ेगी.

    लेकिन कहानी सिर्फ इतनी नहीं है. अब जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है गठबंधन और कांग्रेस के बीच पकती खिचड़ी भी उजागर हो रही है. एबीपी न्यूज में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक भले ही यह खेल सभी 80 सीटों पर नहीं है लेकिन कुछ सीटें ऐसी हैं जहां पर आपसी तालमेल से यह तय कर लिया गया है कि कुछ खास लोग लोकसभा की कुर्सियों पर जरूर बैठें.

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    सबसे मजेदार मामला अमरोहा सीट पर देखने में आ रहा है. यहां कांग्रेस ने राशिद अल्वी को उम्मीदवार बनाया गया था. वो पहले भी यहां से सांसद रह चुके हैं. लेकिन इस सीट पर ट्विस्ट तब आया जनता दल सेकुलर के महासचिव रहे दानिश अली ने बीएसपी ज्वाइन कर सीट से उम्मीदवारी हासिल कर ली.

    दानिश को चुनावी मैनेजमेंट का गुरु माना जाता है. अब दानिश ने जाने का क्या खेल किया कि कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार राशिद अल्वी से बदलकर सचिन चौधरी को बना दिया. दरअसल राशिद अल्वी के सीट पर बने रहने का मतलब था मुस्लिम मतों का बंटवारा और ऐसे में फायदा सिर्फ बीजेपी के करण सिंह तंवर को ही पहुंचने वाला था. लेकिन दानिश अली की प्लानिंग और खेल ने मुस्लिम मतों के बंटवारे को रोकने का प्रयास तो कर ही दिया है, साथ ही उनकी जीत की उम्मीदों को भी और मजबूती दे दी है.

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    कुछ ऐसा ही खेल कानपुर, कुशीनगर, रायबरेली और अमेठी में भी देखा जा सकता है. कानपुर में श्रीप्रकाश जायसवाल कांग्रेस के उम्मीदवार हैं. एसपी-बीएसपी गठबंधन में ये सीट एसपी के खाते में थी. अखिलेश यादव ने यह सीट राम कुमार को सौंपी है. कानपुर शहर में ऐसी चर्चा चल रही है कि राम कुमार सिर्फ डमी कैंडिडेट हैं. ऐसे डमी कैंडिडेट का फायदा कांग्रेस को ही पहुंचेगा.

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    वहीं कुशीनगर सीट पर कांग्रेस के आरपीएन सिंह के सामने गठबंधन ने नथुनी कुशवाहा को टिकट दिया. माना जा रहा है कि अगर गठबंधन के प्रत्याशी बालेश्वर यादव होते तो ज्यादा उम्मीद रहती. वहीं रायबरेली और अमेठी सीट पर तो गठबंधन ने उम्मीदवार ही नहीं उतारे हैं. इस बात ऐलान अखिलेश यादव और मायावती की प्रेस कांफ्रेंस के दौरान भी किया गया था. इसके उत्तर में कांग्रेस ने भी मुलायम सिंह, अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल के खिलाफ प्रत्याशी न उतारने का फैसला किया है.

    Tags: Akhilesh yadav, Amethi S24p37, Amroha S24p09, Congress, Kanpur S24p43, Lok Sabha Election 2019, Mayawati, Rae Bareli S24p36

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