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UP राज्य विधि आयोग ने की धर्मांतरण विरोधी नया कानून बनाने की सिफारिश

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 21, 2019, 11:24 PM IST
UP राज्य विधि आयोग ने की धर्मांतरण विरोधी नया कानून बनाने की सिफारिश
यूपी राज्य विधि आयोग (Uttar Pradesh State Law Commission) ने लिखा है कि मौजूदा कानूनी प्रावधान धर्मांतरण (Conversion) को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है और इस गंभीर मसले पर 10 अन्य राज्यों की तरह नए कानून (New laws) बनाने की आवश्यकता है.

यूपी राज्य विधि आयोग (Uttar Pradesh State Law Commission) ने लिखा है कि मौजूदा कानूनी प्रावधान धर्मांतरण (Conversion) को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है और इस गंभीर मसले पर 10 अन्य राज्यों की तरह नए कानून (New laws) बनाने की आवश्यकता है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग (Uttar Pradesh State Law Commission) ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को एक रिपोर्ट सौंपी है. इस रिपोर्ट में धर्मांतरण (Conversion) जैसे 'गंभीर मसले' पर नया कानून बनाने की सिफारिश की गई है. आयोग की सचिव सपना त्रिपाठी ने बताया कि धर्म की स्वतंत्रता (विधेयक के मसौदे सहित)—‘उत्तर प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक 2019' (Uttar Pradesh Religious Freedom Bill 2019) नामक रिपोर्ट आयोग की ओर से मुख्यमंत्री को सौंपी गई है. आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदित्यनाथ मित्तल एवं सपना त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी को रिपोर्ट सौंपी.

इन देशों के कानून का किया गया है अध्ययन
आजादी के पहले और बाद देश और पड़ोसी देशों मसलन नेपाल, म्यामांर, भूटान, श्रीलंका और पाकिस्तान के कानूनों के अध्ययन के बाद रिपोर्ट को राज्य सरकार के विचारार्थ सौंप दिया गया है.

3 माह में तैयार की गई 300 पन्ने की रिपोर्ट
स्टेट लॉ कमिशन और न्यायमूर्ति स्टेट लाइट कमेटी के चेयरमैन आदित्यनाथ मित्तल ने कहा कि, ‘हमने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून बनाने की सिफारिश की है’. उन्होंने बताया कि 3 माह में 300 पन्ने की रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें अलग-अलग जिलों में जो कथित जबरन धर्मांतरण किए गए हैं, उनका जिक्र किया गया है.

भारतीय संविधान के नियमों के मुताबिक की है सिफारिश
उन्होंने कहा कि शादी के लिए झांसा देकर एससी एसटी का प्रलोभन देकर जो धर्मांतरण कराया जाता है, उन सभी को आधार बनाकर एक रिपोर्ट सौंपी गई है. 10 राज्यों में पहले से धर्मांतरण का कानून लागू है. आदित्यनाथ मित्तल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी हमने सिफारिश की है क्योंकि धर्मांतरण को लेकर महिलाओं के साथ बहुत सारी घटनाएं होती हैं. इसमें ऐसी शादियों को खत्म करने का भी प्रावधान किया गया है. यह सिफारिश हमने भारतीय संविधान के नियमों के मुताबिक की है. आसपास के राज्यों के धर्मांतरण विरोधी कानून का उदाहरण देकर यह सिफारिश की गई है.

भाषा के इनपुट के साथ 

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First published: November 21, 2019, 11:12 PM IST
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