IAS ट्रांसफर-पोस्टिंग मामला: लॉकडाउन के चलते नहीं हो पाई थी तैनाती, 3 गिरफ्तार
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IAS ट्रांसफर-पोस्टिंग मामला: लॉकडाउन के चलते नहीं हो पाई थी तैनाती, 3 गिरफ्तार
गिरोह का सरगना पीयूष अग्रवाल

यूपी एसटीएफ (UP STF) के आईजी अमिताभ यश ने बताया कि बीते दिनों एक ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था. जिसमें एक आईएएस अधिकारी को कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) का उपाध्यक्ष (VC) बनाने की बात चल रही थी

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लखनऊ. कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) घोषित है. इस बीच कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) में वीसी (VC) का पद दिलवाने के नाम पर आईएएस (IAS) अधिकारी से 1.25 करोड़ की डील करने वाले गाजियाबाद के कथित पत्रकार पीयूष अग्रवाल समेत तीन लोगों को यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है. यूपी एसटीएफ (UP STF) के आईजी अमिताभ यश ने बताया कि बीते दिनों एक ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था. जिसमें एक आईएएस अधिकारी को कानपुर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाने की बात चल रही थी और इस बाबत 1.25 करोड़ रुपए में डील और 15 लाख रुपए एडवांस लिए जाने का भी जिक्र था. एसटीएफ ने इस मामले में गाजियाबाद के रहने वाले गौरीकांत दीक्षित और लखनऊ के कमलेश सिंह को लखनऊ से गिरफ्तार किया है.

अफसरों की ट्रांसफर पोस्टिंग गिरोह के सरगना पीयूष अग्रवाल को एसटीएफ ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया था. एसटीएफ की पूछताछ में गौरी कांत दीक्षित ने बताया कि वह और पीयूष अग्रवाल गाजियाबाद की एक ही सोसाइटी में रहते हैं. दीक्षित ने बताया कि पीयूष अग्रवाल सामाजिक कार्यकर्ता और एक चैनल का पत्रकार है, दोनों मिलकर अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग कराने के नाम पर ठगी का काम करते हैं. दीक्षित ने बताया कि लखनऊ के कमलेश सिंह से एक आईएएस अफसर को कानपुर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनवाने की 1 करोड़ रुपए में डील हुई थी और 25 लाख रुपए हम तीनों को आपस में बांटने थे, कुल मिलाकर 1.25 करोड़ रुपए की डील हुई थी.

2 मार्च को इस काम के लिए एडवांस के तौर पर कमलेश ने पीयूष अग्रवाल को 15 लाख रुपए दिए थे. जिसमें से पीयूष ने 2 लाख रुपये कमलेश को नगद दिए ,2 लाख मेरे अकाउंट में ट्रांसफर किए बाकी 11 लाख रुपये लेकर वह गाजियाबाद चला गया था. लेकिन उसके बाद ही लॉकडाउन हो गया और पीयूष अपने संपर्कों का इस्तेमाल करके पोस्टिंग नहीं करा पाया. इधर कमलेश ने पोस्टिंग ना होने पर गौरीकांत और पीयूष तगादा शुरू कर दिया. गौरीकांत के कहने पर कमलेश ने पीयूष को फोन किया और दोनों के बीच हुई पूरी बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया जिसमें ट्रांसफर- पोस्टिंग और पैसों के लेनदेन का ज़िक्र था.



उस ऑडियो क्लिप को गौरीकांत ने वायरल करा दिया जो पुलिस, प्रशासन तक पहुंच गई. जिसके बाद गिरोह का भंडाफोड़ हुआ और तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी हुई. एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक अब वो आईएएस अफसर भी जांच के घेरे में है जिसको केडीए वीसी बनाने की डील हुई थी.



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