UP शिक्षक भर्ती 2018: 41556 सहायक अध्यापकों को सीएम योगी देंगे नियुक्ति पत्र

बता दें कि इसी साल 27 मई को सहायक अध्यापक के 68500 पदों के लिए लिखित परीक्षा हुई थी, जिसका परिणाम 13 अगस्त को घोषित किया गया था.

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 4, 2018, 1:02 PM IST
UP शिक्षक भर्ती 2018: 41556 सहायक अध्यापकों को सीएम योगी देंगे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फाइल फोटो
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Updated: September 4, 2018, 1:02 PM IST
शिक्षक दिवस से ठीक पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को लखनऊ में शिक्षक भर्ती परीक्षा में उत्तीर्ण 41, 556 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटेंगे. राम मनोहर लोहिया लॉ कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अपने हाथों से 3 हजार नव नियुक्त सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र देंगे. आपको बता दें कि सूबे की योगी सरकार में यह सबसे बड़ी भर्ती है.

इसी साल 27 मई में सहायक अध्यापक के 68,500 पदों के लिए लिखित परीक्षा हुई थी. इसका परिणाम 13 अगस्त को घोषित किया गया था. इसके बाद 22 अगस्त से 28 अगस्त तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुआ था, जिसके बाद काउंसलिंग के जरिए इनके प्रमाण पत्रों और जिलों का आवंटन किया गया.

आज यानी 4 सितम्बर को मुख्यमंत्री चयनित सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे. हालांकि, पूरी भर्ती प्रक्रिया के दौरान विभागीय अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई. 68,500 पदों की जिस शिक्षक भर्ती के लिए सरकार की वाह-वाही होनी चाहिए थी, आज उसी की वजह से फजीहत हो रही है.

योगी सरकार की सबसे बड़ी शिक्षक भर्ती शुरू से ही विवादों में है. इसकी बड़ी वजह खुद विभागीय अधिकारी हैं. इन अधिकारियों ने कोर्ट से लेकर सड़क तक सरकार की फजीहत कराई है. बेसिक शिक्षा विभाग ने जब नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों की पहली सूची जारी की तो उसमें 6127 अभ्यर्थी बाहर हो गए. बताया गया कि आरक्षण नियमों के चलते ऐसा हुआ है.

इसके बाद अभ्यर्थियों ने हंगामा और प्रदर्शन किया तो विभाग बैकफुट पर आ गया और छूट रहे 6127 अभ्यर्थियों का नाम भी नियुक्ति के लिए काउंसलिंग सूची में शामिल कर लिया गया. अगर विभाग पहले ही सभी अभ्यर्थियों का नाम सूची में शामिल कर लेता तो अभ्यर्थियों को ना तो धरना-प्रदर्शन करना पड़ता और न ही पुलिस की लाठियां खानी पड़तीं. इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि इन हालात के जिम्मेदार बेसिक शिक्षा परिषद के अधिकारी हैं.

इस बार यूपी शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा में सामान्य और ओबीसी वर्ग को 45 फीसदी और एससी-एसटी को 40 फीसदी अंक पर उत्तीर्ण मानते हुए रिजल्ट जारी किया गया है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद शासनादेश जारी कर इन पासिंग मार्क्स में संशोधन कर दिया गया था जिसे लेकर छात्रों ने लखनऊ में विरोध प्रदर्शन भी किया था. छात्रों की मांग थी कि सरकार इस शासनादेश के खिलाफ हाईकोर्ट में आपत्ति दर्ज कराए.

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