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यूपी जिला पंचायत चुनाव: BJP तोड़ेगी अखिलेश का रिकॉर्ड? जीत तय करेंगी 40 सीटें, जानें कैसे

समाजवादी पार्टी और बीजेपी में कड़ी टक्कर हो सकती है.  Demo Pic

समाजवादी पार्टी और बीजेपी में कड़ी टक्कर हो सकती है. Demo Pic

UP Zila Panchayat Election 2021: 3 जुलाई को उत्तर प्रदेश में बची हुई 53 सीटों पर मतदान होगा. सबकी नजर इसी बात पर रहेगी कि क्या बीजेपी (BJP) समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) का रिकॉर्ड तोड़ पाती है या नहींं. 

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 3 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्ष (UP Zila Panchayat Adhyaksh Chunav 2021) के प्रत्याशियों के लिए मतदान होगा. इस बार समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी में कांटे की टक्कर देखी जा रही है. हालांकि चुनाव से पहले ही 21 जिलों में बीजेपी (BJP) अपने जिला अध्यक्ष निर्विरोध बनाने में कामयाब रही है. जबकि एक सीट पर समाजवादी पार्टी का झंडा बुलंद रहा. यह सीट यादव परिवार के इटावा जिला पंचायत अध्यक्ष की रही. लेकिन अब बारी बची हुई 53 जिलों के जिला अध्यक्ष के पदों पर होने वाले मतदान की है. क्योंकि इन सभी 53 सीटों पर दो या तीन प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. कड़ी टक्कर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी में ही देखी जा रही है.



हालांकि उत्तर प्रदेश की सियासत की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने इन जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनावों से किनारा कर लिया है. लेकिन अब सवाल एक बार फिर यह उठता है कि क्या भारतीय जनता पार्टी पिछली बार के जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनावों में समाजवादी पार्टी के रिकॉर्ड को तोड़ पाएगी?

ऐसे समझें सियासी समीकरण

पिछली बार यूपी के 74 जिलों के जिला पंचायत अध्यक्षों के चुनाव में 60 सीटों पर समाजवादी पार्टी का कब्ज़ा रहा था. इनमें से 37 जिलों में समाजवादी पार्टी ने अपने निर्विरोध जिलाध्यक्ष बनाए थे. जबकि एक सीट पर बहुजन समाज पार्टी निर्विरोध जीती थी. यूपी के सहारनपुर में पिछले चुनावों में बहुजन समाज पार्टी का प्रत्याशी निर्विरोध जीता था. अब 3 जुलाई यानि रविवार को उत्तर प्रदेश में बची हुई 53 सीटों पर जब मतदान शुरू होगा तो सबकी नजर इसी बात पर रहेगी कि क्या बीजेपी समाजवादी पार्टी का रिकॉर्ड तोड़ पाती है. हालांकि राजनीति के जानकार इस बात को भी कहते हैं कि बहुजन समाज पार्टी के जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव न लड़ने का फायदा भी अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय जनता पार्टी को ही होगा. लेकिन यह फायदा कितना होगा, यह तो आने वाला कल ही बताएगा.

3 जुलाई को सुबह 11:00 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी जो दोपहर में 3:00 बजे तक चलेगी. दोपहर के 3:00 बजे के बाद से मतगणना शुरू होगी जो कार्य समाप्ति तक जारी रहेगी. बीजेपी के पास अभी तक 21 जिलों में अपने निर्विरोध प्रत्याशी हैं यानि अगर उसे समाजवादी पार्टी के 60 प्रत्याशियों की जीत के रिकॉर्ड को तोड़ना है तो उसे अभी भी कम से कम 40 सीटों पर अपने प्रत्याशी जीताने होंग. तभी वह समाजवादी पार्टी के 60 सीटों के रिकॉर्ड को तोड़ पाएगी.  हालांकि, राजनीति के जानकार कहते हैं कि अमूमन इस तरह के चुनाव मौजूदा सरकारों के दबाव में ही होते हैं. यानि जो सरकार सत्ता में होती है अधिकतर प्रत्याशी उसके ही जीते हैं. लेकिन यह बात खासी दिलचस्प होगी क्योंकि 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी के लिए भी अधिक से अधिक अपने प्रत्याशियों को जीता कर अपने दबदबे को कायम रखना भी बेहद जरूरी होगा.
इन 22 जिलों में नही होगा मतदान

75 जिलों में से 22 जिलों में इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष निर्विरोध विजयी घोषित किए गए हैं. ऐसे में इन 22 जिलों में शनिवार को वोटिंग नहीं होगी. जिन जिलों में वोट नहीं पड़ेंगे वे जिले हैं - मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, अमरोहा, मुरादाबाद, आगरा, इटावा, ललितपुर, झांसी, बांदा, चित्रकूट, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, शाहजहांपुर, गोरखपुर, मऊ, वाराणसी, पीलीभीत, सहारनपुर और बहराइच.

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