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UPPCL PF घोटाला: बिजली कर्मियों के प्रदर्शन पर सख्त हुए CM योगी आदित्यनाथ, बोले- उपद्रवियों पर होगी FIR

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 18, 2019, 1:36 PM IST
UPPCL PF घोटाला: बिजली कर्मियों के प्रदर्शन पर सख्त हुए CM योगी आदित्यनाथ, बोले- उपद्रवियों पर होगी FIR
बिजली कर्मियों के प्रदर्शन पर सख्त हुए सीएम योगी आदित्यनाथ

बैठक में मुख्यमंत्री ने हड़ताल के दौरान उपद्रव करने वालों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए. साथ ही कहा कि जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाए.

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लखनऊ. यूपी पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) में हुए पीएफ घोटाले (PF Scam) को लेकर बिजली कर्मियों के 48 घंटे के कार्य बहिष्कार और प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने सख्त रुख अपनाया है. सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली कर्मियों के प्रदर्शन पर विभाग के अधिकारियों संग बैठक की. इस बैठक में अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी, डीजीपी ओपी सिंह और प्रमुख सचिव ऊर्जा मौजूद रहे.

बैठक में मुख्यमंत्री ने हड़ताल के दौरान उपद्रव करने वालों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए. साथ ही कहा कि जरूरत पड़ने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाए. सीएम योगी ने निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी संपत्ती और राजस्व का नुकसान न हो. हड़ताल व प्रदर्शन से आम आदमी को को भी कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए. सीएम ने पूर्व एमडी एपी मिश्रा के सिंडिकेट पर एक्शन के भी निर्देश दिए. सीएम ने कहा कि एपी मिश्रा से जुड़े लोगों पर कड़ाई बरतें.

45 हजार बिजली कर्मचारी आज से दो दिन के कार्य बहिष्कार पर

बता दें सूबे के 45 हजार बिजली कर्मचारी आज से दो दिन के कार्य बहिष्कार पर हैं. राज्य के बिजली कर्मी 2268 करोड़ रुपए के पीएफ घोटाले को लेकर हड़ताल कर रहे हैं. उनकी मांग है कि सरकार इस मामले की सीबीआई से जांच कराए. इसके साथ ही इनकी मांग है कि सरकार लिखित में आश्वासन दे कि डूबे हुए रुपए सुरक्षित रहेंगे. हड़ताल से व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है.

इस मामले के सामने आने के बाद लखनऊ के हजरतगंज थाने में दो नवंबर को उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत कर्मचारी ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश विद्युत निगम लिमिटेड की भविष्य निधि के पूर्व सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता और यूपीपीसीएल के तत्कालीन निदेशक वित्त सुधांशु द्विवेदी के खिलाफ एफआईआर दायर की गई थी. इसके बाद कई गिरफ्तारियां भी हुई. उत्तर प्रदेश की सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. अब ये केंद्र के हाथ में है.

अखिलेश सरकार में किया गया था निवेश का फैसला

उत्तर प्रदेश स्टेट पावर सेक्टर एंप्लॉइज ट्रस्ट में जमा UPPCL कर्मियों के पीएफ का 1600 करोड़ रुपये निजी कंपनी DHFL में निवेश किए जाने से फंस गया है. UPPCL कर्मियों के पीएफ का पैसा केंद्र सरकार की गाईडलाइन को दरकिनार कर निजी कंपनी DHFL में निवेश करने का फैसला अखिलेश सरकार में किया गया था. यह फैसला 21 अप्रैल 2014 को हुई उत्तर प्रदेश स्टेट पावर सेक्टर एंप्लॉइज ट्रस्ट के बोर्ड आफ ट्रस्टीज की बैठक में किया गया था. इसके चलते मार्च 2017 से दिसंबर 2018 तक UPPCL कर्मियों के पीएफ के 2631.20 करोड़ रुपये DHFL में जमा किए गए. इस दौरान 1000 करोड़ रुपये तो वापस मिल गए, लेकिन इसी बीच मुम्बई हाईकोर्ट ने डीएचएफएल द्वारा किए जाने वाले सभी भुगतान पर रोक लगा दी, जिससे UPPCL कर्मियों के पीएफ के करीब 1600 करोड़ रुपये DHFL में फंस जाने से हड़कंप मच गया है.
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(इनपुट: अलाउद्दीन अयूब)

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First published: November 18, 2019, 1:36 PM IST
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