योगी सरकार के रडार पर मदरसे, बिजनौर मामले के बाद उठाया ये बड़ा कदम

यूपी के हज और वक्फ राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने कहा है कि सरकार लगातार मदरसों को बेहतर करने की कवायद में जुटी हुई है. इसी कड़ी में मदरसों में एनसीईआरटी की बुक्स को लागू किया गया. हालांकि सरकार को सभी मदरसों की पूरी जानकारी भी चाहिए.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 16, 2019, 6:00 PM IST
योगी सरकार के रडार पर मदरसे, बिजनौर मामले के बाद उठाया ये बड़ा कदम
योगी सरकार ने अब सरकारी अनुदानित और गैर अनुदानित मदरसों की जानकारी मांगी है.
News18 Uttar Pradesh
Updated: July 16, 2019, 6:00 PM IST
उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों मदरसों में हुई घटनाओं ने मदरसों की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. बिजनौर में एक मदरसे से हथियार मिलने के बाद मदरसे में किस ढर्रे पर पढ़ाई हो रही है ये सवाल सबके जेहन में उठ खड़ा हुआ है. यही वजह है कि राज्य सरकार ने भी अब इस तरह के मदरसों पर अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. हज और वक्फ राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने इस बात को साफ कर दिया कि मदरसों में किसी तरह की कोई खराबी बर्दाशत नहीं की जाएगी.

उन्होंने कहा, 'मदरसे चाहे सरकारी अनुदानित हो या गैर अनुदानित सबको अपनी जानकारियां उपलब्ध करानी होंगी. इस बात की जिम्मेदारी जिला अल्पसंख्यक अधिकारी और जिलाधिकारी दोनों की होगी.'

सरकार के पास होती है ये जानकारी
हज और वक्फ राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि जिला अल्पसंख्यक अधिकारी अपने जिले में चलने वाले सभी मदरसों की जानकारी राज्य सरकार को उपलब्ध कराएंगे. साथ उन्होंने कहा कि हमारे पास सिर्फ सरकारी अनुदानित मदरसों की ही जानकारी होती है, जिसका हम ब्‍यौरा अपने पास रखते हैं. लेकिन गैर अनुदानित मदरसे या प्राइवेट मदरसे जहां जहां भी चल रहे हैं उसकी भी जानकारी सरकार के पास होनी चाहिए.

यूपी के हज और वक्फ राज्यमंत्री मोहसिन रजा.


मोहसिन रजा ने दी ये सलाह
मोहसिन रजा ने आगे कहा कि सरकार लगातार मदरसों को बेहतर करने की कवायद में जुटी हुई है. इसी कड़ी में पहले मदरसों में एनसीईआरटी की बुक्स को लागू किया गया और फिर मदरसों में स्काउट और एनसीसी की तर्ज पर उन्हें ट्रेनिंग देने की बात की गई. मदरसों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और वह हर पहलू पर मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को आगे बढ़ाने पर जुटे हुए हैं.
Loading...

उन्होंने कहा,' मदरसों से पढ़ने वाले बच्चे भी आगे चलकर डॉक्टर या इंजीनियर बन सकें इस बात की कोशिश सरकार की तरफ से की जा रही है. इसीलिए हर मदरसे में कैसे पढ़ाई हो रही है इसकी जानकारी सरकार के पास होना बेहद जरूरी है. जबकि मानकों को पूरा न करके खोले गए मदरसों पर अब सख्ती बहुत जरूरी है. कई बार इस तरह चलने वाले मदरसे सांठगांठ करके शुरू कर लिए जाते हैं, जिनमें कई बार अव्‍यवस्‍था पाई जाती है और शायद यही वजह रही कि बिजनौर के मदरसे से हथियार मिले. अगर सरकार के पास ऐसे मदरसों की डिटेल होती तो सरकार सभी मदरसों का चक नीरिक्षण करती रहती, जिससे इन लोगों के दिल में डर रहता और मदरसों का नाम न बदनाम होता.

शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी


शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कही ये बात
बिजनौर मामले पर शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने भी सख्त टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि सभी मदरसों को बंद कर दिया जाना चाहिए और उनकी जगह पर स्कूल खोले जाने चाहिए.
वसीम रिजवी ने कहा था,'मदरसों से आईएसआईएस के सिपाही पैदा हो रहे हैं और ये देश के लिए खतरा हैं, लिहाजा इन मदरसों को बंद किया जाना चाहिए.'

(रिपोर्ट-मोहम्‍मद शबाब)
ये भी पढ़ें- मदरसे के भीतर मंदिर की मौजूदगी देगी धार्मिक सहिष्णुता का संदेश

मुजफ्फरनगर: पुलिस पर हमला कर फरार होने वाला एक लाख का इनामी रोहित साथी संग मुठभेड़ में ढेर
First published: July 16, 2019, 5:54 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...