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सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार के मामले में यूपी सबसे अव्वल, बिहार दूसरे नंबर पर

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 20, 2019, 3:53 PM IST
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार के मामले में यूपी सबसे अव्वल, बिहार दूसरे नंबर पर
सांसद रवि किशन ने इस बाबत लोकसभा में सवाल पूछा था. (फाइल फोटो)

गोरखपुर से सांसद रवि किशन और आगरा से सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया ने लोकसभा (Lok Sabha) में सवाल पूछा था. इस पर खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्‍यमंत्री राव साहेब दानवे ने खाद्य वितरण प्रणाली (PDS) में भ्रष्‍टाचार की जानकारी दी.

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लखनऊ. सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में भ्रष्टाचार (Corruption) के मामले में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सबसे आगे है. यह जानकारी मंगलवार को केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री राव साहेब पाटिल दानवे ने लोकसभा में दी. एक सवाल के लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि इस साल 31 अक्टूबर 2019 तक पीडीएस (PDS) में भ्रष्टाचार की कुल 807 शिकायतें मिली हैं, जिनमें सबसे अधिक 328 शिकायतें उत्तर प्रदेश से आई हैं. बता दें कि यूपी के दो सांसदों ने मंत्री से इस बाबत जानकारी मांगी थी.

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लगातार कार्रवाई कर रहे हैं. बावजूद इसके राज्य में कुछ अफसर और कर्मचारी भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के अभियान को पलीता लगा रहे हैं. पीडीएस में भ्रष्टाचार की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि सरकार को आने वाले दिनों में कोई ठोस कदम उठाना होगा, ताकि गरीबों की थाली का खाना भ्रष्टाचारियों का निवाला न बन सके.

संसद रवि किशन और रामशंकर कठेरिया ने मांगी थी जानकारी

गोरखपुर से सांसद रवि किशन और आगरा से सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया ने सवाल पूछकर केंद्रीय उपभोक्ता मामले के मंत्री से जानना चाहा था कि क्या खाद्य वितरण के मामले में आई शिकायतों में उत्तर प्रदेश भी शामिल है? सांसदों ने इन शिकायतों के ब्योरे के साथ-साथ इस पर लगाम लगाने के लिए उठाए गए कदमों की भी जानकारी मांगी थी.

दूसरे स्थान पर बिहार और तीसरे पर दिल्ली

केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में बताया कि पीडीएस में भ्रष्‍टाचार के मामले में बिहार दूसरे स्थान पर है, जहां से 108 शिकायतें आई हैं. वहीं, 78 शिकायतों के साथ दिल्ली तीसरे और पश्चिम बंगाल (48 शिकायतें) चौथे स्‍थान पर है.

सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासमंत्री ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार लाने के लिए मंत्रालय सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से पीडीएस ऑपरेशन को कंप्यूटरीकृत कर रहा है. इस योजना के तहत राशन कार्ड/लाभार्थियों का डिजिटलीकरण करके सप्लाई-चेन मैनेजमेंट का कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है. इसके जरिये पारदर्शिता लाने की कोशिश की जा रही है. इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ई-पीओएस) डिवाइस का इस्तेमाल करके राशन की दुकानों का ऑटोमेशन किया जा रहा है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में दो साल में 1000 करोड़ रुपये बचाए: यूपी सरकार

उधर मामले में यूपी सरकार ने कहा है कि सरकार की पारदर्शिता नीति की वजह से पिछले 2 साल में सैकड़ों करोड़ रुपये भ्रष्टाचार में खर्च होने से बचाए गए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी कहते हैं कि पिछली सरकारों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में जमकर भ्रष्टाचार किया गया. योगी सरकार ने आते ही इस भ्रष्टाचार पर नियंत्रण शुरू किया. उन्होंने कहा कि पीडीएस सिस्टम में आधार कार्ड और फिंगर प्रिंट व्यवस्था लागू की गई, जिसके बाद करीब 1000 करोड़ रुपये पिछले दो साल में हमने बचाए हैं. उन्होंने कहा कि हम लगातार व्यवस्था सुदृढ़ करते जा रहे हैं.

(इनपुट: अजीत प्रताप सिंह)

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First published: November 20, 2019, 7:33 AM IST
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