लखनऊ विकास प्राधिकरण के वीसी शिवकांत द्विवेदी हटाये गये, डीएम संभालेंगे पदभार

वीसी शिवकांत द्विवेदी से सीएम योगी नाराज चल रहे थे. (फाइल फोटो)
वीसी शिवकांत द्विवेदी से सीएम योगी नाराज चल रहे थे. (फाइल फोटो)

शासन के वरीष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी (Afzal Ansari) के मकान पर कार्रवाई में देरी के कारण वीसी शिवकांत द्विवेदी (Shivkant Dwivedi) पर गाज गिरी. उन्हें पद से हटा दिया गया.

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लखनऊ. राजधानी लखनऊ में अवैध निर्माण को रोकने में नाकाम साबित हुए शिवकांत द्विवेदी पर सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) का हंटर चला. उन्हें लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के वीसी पद से हटा दिया गया. अब उनकी जगह लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश वीसी का भी पद संभालेंगे.

इस बीच डॉन मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की अवैध संपत्ति पर भी योगी सरकार का शिकंजा कसता जा रहा है. इसी कड़ी में मुख्तार अंसारी की भाभी फरहत अंसारी को एलडीए ने नोटिस भेजा है.

जानकारों का कहना है कि राजधानी के डालीबाग स्थित सरकारी जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को ढहाने की तैयारी चल रही है. इससे लिए पहले भवन का नक्शा निरस्त किया जाएगा. एलडीए ने मुख्तार के बड़े भाई अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी को नोटिस दिया था. यूपी नगर विकास नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा-15 के तहत ये नोटिस जारी की गई. जिसके तहत किसी भी जारी मानचित्र को निरस्त किया जा सकता है.



नोटिस मिलने के बाद फरहत अंसारी को 14 दिनों के अंदर जवाब एलडीए के विहित प्राधिकारी के समक्ष देना था. उनको बताना था कि नक्शा क्यों न निरस्त कर दिया जाए. नक्शा निरस्त होने के बाद अवैध भवन के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होनी थी. लेकिन अफ़ज़ाल से मुलाकात के बाद शिवकांत द्विवेदी की लेटलतीफी व फाइलों को दबाने के कारण इस मामले में अफ़ज़ाल को न्यायालय से स्टे मिल गया.
बिना नक्शा पास कराए बनवा लिया घर

दरअसल गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के नाम पर डालीबाग में करीब आठ हजार वर्ग फीट में बने किलेनुमा मकान पहले बिना नक्शा पास करवाए ही बनवा लिया गया था. बनवाने के बाद रसूख और फर्जी कागजों के दम पर एलडीए से नक्शा भी पास करवाया गया. यह कंपाउंडिंग मैप साल 2007 में पास करवाया गया था. निर्माण पूरा होने पर कोई कार्रवाई न कर नक्शा पास कर दिया गया था. गाटा संख्या 93 की सभी खातेदारी निरस्त होने के बाद एलडीए अब इस मानचित्र को निरस्त करने की तैयारी में लगा हुआ है. ऐसे में एलडीए ने पूरी तैयारी के साथ अंसारी परिवार को नोटिस भी प्राप्त करवा दी है.

फरहत अंसारी के नाम पर निष्क्रांत संपत्ति (8 मार्च 1954 के बाद पाकिस्तान गए लोगों की संपत्ति जो कि अब सरकारी है) गाटा संख्या 93 का तीसरा निर्माण है, जिस पर अभी तक कार्रवाई नहीं की है. डीएम ने इस संपत्ति की भी खातेदारी निरस्त कर दी है. लेकिन निर्माण को न तोड़ा गया है और न ही कोई कार्रवाई ही की गई है. एलडीए ने जो कार्रवाई की थी वह गाटा संख्या 93 के 21 ए/14ए/1 और 21/216 ए पर किया गया है. मगर जिलाधिकारी कार्यालय से जो पत्र एलडीए को 14 अगस्त को लिखा गया था, उसमें फरहत अंसारी के नाम तीसरा भवन भी था. जिसका मकान नंबर 21 /14बी है.



इस कारण हटाये गये वीसी

शासन के वरीष्ठ अधिकारी ने नाम न लेने की शर्त पर बताया कि अवैध निर्माण पर लगाम न लगा पाने और योजनाओं को तेजी न दे पाने का आरोप भी लग था वीसी पर. लेकिन मुख्य वजह मुख्तार अंसारी के बेटों का अवैध निर्माण जिस निष्क्रांत जमीन पर था, उस जमीन पर अफजाल अंसारी का मकान भी था. उसके मानचित्र पर भी सवाल उठा जिसके बाद तुरंत ध्वस्तीकरण के बजाय वीसी दो बार अफजाल अंसारी से मिले. समय रहते कार्रवाई नहीं हुई. इस बीच हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया. जिससे शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वीसी से खासे नाराज चल रहे थे.
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