UP सरकार की नई पहल, अब स्कूलों में उगी सब्जियां बढ़ाएंगी मिडडे मील का पोषण
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UP सरकार की नई पहल, अब स्कूलों में उगी सब्जियां बढ़ाएंगी मिडडे मील का पोषण
उत्‍तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में उगाई जाएंगी सब्जियां.

केंद्र सरकार की स्कूल न्यूट्रिशन गार्डेन योजना (School Nutrition Garden Scheme) के तहत अब यूपी के प्राइमरी स्कूलों (Primary Schools) में सब्जियां उगाई जाएंगी. इनका इस्‍तेमाल मिडडे मील (Midday Meal) में किया जाएगा.

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लखनऊ. उत्‍तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों (Primary Schools) में मिलने वाले मिडडे मील (Midday Meal) में अब स्कूल में उगी सब्जियों का इस्तेमाल किया जाएगा. यह सब्जियां स्वाद के साथ-साथ बच्चों में पोषण बढ़ाने के अलावा उन्‍हें पर्यावरण से भी जोड़ेंगी. केंद्र सरकार की स्कूल न्यूट्रिशन गार्डेन योजना (School Nutrition Garden Scheme) के तहत बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में पोषण वाटिका या किचन गार्डेन बनाने की कवायद शुरू कर दी है. यही नहीं, स्कूलों में जगह चिन्हित कर पोषण वाटिका उगाने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं. इस पोषण वाटिका के रख-रखाव की जिम्मेदारी छात्रों की होगी. आदेश जारी होने के बाद अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार का कहना है कि पूरा रोडमैप तैयार है और बजट जारी होने के बाद काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा.

शहरी इलाकों में गमलों का होगा इस्तेमाल
महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद ने बताया कि योजना के तहत हर प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक स्कूल की जमीन को चिन्हित करेंगे. जमीन की पैमाइश राजस्व विभाग या स्थानीय लेखपाल से कराई जाएगी. जिन इलाकों (अमूमन शहरी इलाकों) में जगह की कमी है वहां स्कूलों में गमलों, मटकों, बोरों और जूट के थैलों में पौधे उगाए जाएंगे. प्रधानाध्यापक ऐसी जगह का चुनाव करें जो खुली हो और जहां सूरज की रोशनी आती हो, जिससे पौधे फल-फूल सकें. चुनी गई जगह में बाउंड्री वॉल होना जरूरी है.
बच्चे खुद करेंगे अपने पौधों की देख-रेख
मिडडे मील की न्यूट्रिशन तरूणा सिंह ने बताया कि हर स्कूलों में बच्चों का ग्रुप बनाया जाएगा, जिन्हें पौधे बांटकर उनके रख-रखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी. स्कूल समय-समय पर गोष्ठी और प्रार्थना सभा करेगा जिसमें पेड़-पौधों और साग सब्जियों की अहमियत बताई जाएगी. मौसम के हिसाब से उगाई गई सब्जियों की पैदावार के हिसाब से स्कूल में दिन भी आयोजित किए जाएंगे. इसके अलावा स्कूलों में बनने वाली पोषण वाटिका में ग्राम्य विकास विभाग, पंचायती राज विभाग और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मदद करेंगी. स्कूल उद्यान या वन विभाग से बीज और पौधे खरीद सकेंगे.



हर स्कूल को मिलेंगे 5 हजार रुपये
प्राइमरी स्कूलों को पांच हजार रुपये दिए जाएंगे. विभाग ने केंद्र सरकार से प्रदेश के 1 लाख 13 हजार चार सौ सात स्कूलों के लिए बजट का प्रस्ताव भेजा है. बजट मिलते ही स्कूलों में पैसा पहुंचा कर काम शुरू करवा दिया जाएगा. इस पूरी योजना के नोडल अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और विकास खंड में खंड शिक्षा अधिकारी होंगे.

 

5 हजार में कैसे चलेगा पूरा साल काम!
अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने बताया कि ये धनराशि सिर्फ पौधे खरीदने व अन्य छूट पुट खर्च के लिए होगी. जबकि अन्य विभाग जैसे कृषि, सहकारिता, नरेगा, परती भूमि व अन्य के सहयोग से जिले के नोडल अधिकारी बीएसए द्वारा इन सभी विभागों से सहयोग लेते हुए साल भर सब्जियां उगाई जाएंगी.

यह सब्जियां उगाई जाएंगी
जायद वाली फसल: भिंडी, पालक, लोबिया, लौकी, करेला, खीरा, कद्दू, तरबूज, खरबूजा, बैंगन, शलजम, गाजर और मूली.
खरीफ वाली फसल: चौलाई, भिंडी, बैंगन, लोबिया, करेला, तुरई, अरबी, कद्दू, लौकी, खरीफ प्याज, सेम.
रबी वाली फसल: टमाटर, मटर, मिर्च, पत्ता गोभी, फूल गोभी, पालक, सरसों, मेथी, सोया, धनिया, बथुआ, शिमला मिर्च, बैंगन, लैत्तुस (सलाद पत्ता), ब्रोकली, प्याज, लहसुन, चुकंदर, शलजम, गाजर, मूली.

 

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