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UP: लड़की ने सरेआम बीच सड़क पर युवक को गाड़ी से घसीटा, कई थप्पड़ जड़े, देखिए VIDEO

UP: लड़की ने सरेआम बीच सड़क पर युवक को गाड़ी से घसीटा

UP: लड़की ने सरेआम बीच सड़क पर युवक को गाड़ी से घसीटा

पुलिस (Police) लड़की और मार खा रहे लड़के को कोतवाली लाई. इसके बाद दो युवकों को उनके जगत नारायण रोड स्थित घर से पकड़कर लाया गया.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में रविवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें एक लड़की सरेआम बीच सड़क एक लड़के पर एक के बाद एक कई तमाचे जड़ रही है. ये वीडियो राजधानी के कृष्णानगर कोतवाली क्षेत्र का है. यहां शनिवार की रात कार की ठोकर लगने पर लड़की ने बीच सड़क ड्राइवर को जमकर पीटा. इससे अवध चौराहे पर भीड़ और जाम लग गया. चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मी भी लड़की के तेवर देख उसके पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए.

पुलिस के मुताबिक, कार से जा रहे युवकों ने लड़की को टक्कर मारी थी. इससे नाराज युवती ने आरोपी ड्राइवर को गाड़ी से खींचकर पीटा था. बचाव करने में ड्राइवर के साथी को भी लड़की ने पीट दिया. वहीं कोई कुछ समझ पाता इतनी देर में लड़की ने युवक पर तमाचों की बौछार कर दी. उधर, लड़की को इस तरह पिटाई करते देख थोड़ी दूर पर खड़ा ट्रैफिक सिपाही वहां पहुंचा. लेकिन वह बीच-बचाव करने की बजाय तमाशबीन बना रहा.

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पुलिस लड़की और मार खा रहे लड़के को कोतवाली लाई. इसके बाद दो युवकों को उनके जगत नारायण रोड स्थित घर से पकड़कर लाया गया. लड़की की तहरीर पर पुलिस ने युवकों का 151 के तहत चालान कर दिया. पुलिस ने बताया कि युवकों का नाम शहादत अली, इनायत अली और दाऊद अली है. तीनों का शांति भंग के मामले में चालान कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि युवती को हिदायत के बाद छोड़ दिया गया. घटना के बाद इलाके में चर्चा बनी हुई है.

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UP Election 2022 : उलेमा परिषद और पीस पार्टी ने मिलाया हाथ, कहा - सभी पार्टियों को देंगे चैलेंज

आरयूसी और पीस पार्टी के बीच गठबंधन हुआ.

उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों में यह गठबंधन अहम माना जा सकता है क्योंकि आज़मगढ़ और पूर्वी यूपी के समुदायों में दोनों दलों की पकड़ है. कैसे हुआ गठबंधन और कितना अहम है, जानिए.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 22, 2021, 08:28 IST
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लखनऊ. डॉ. मोहम्मद अयूब के नेतृत्व वाली पीस पार्टी और मौलाना आमिर रशदी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल ने हाथ मिला लिये हैं. दोनों दलों ने उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 से पहले संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन को ऐलान मंगलवार को किया. डॉ. अयूब और मौलाना रशदी ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा, ‘सेक्युलर सियासी पार्टियां मुस्लिमों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल कर रही हैं. सेक्युलर पार्टियों की राज्य सरकारों ने मुस्लिम समुदाय के विकास और कल्याण के लिए कोई ठोस काम नहीं किया.’ इस गठबंधन ने सेक्युलर और मानवतावादी सरकार देने के दावे के साथ दावा किया कि सभी पार्टियों को चुनौती पेश करने की तैयारी है.

दोनों नेताओं ने संयुक्त तौर पर बयान दिया कि उनका गठबंधन जनता को सही मायने मे सेक्यूलर और भाईचारे की सरकार देगा. आज तक जितने भी राजनीतिक दलों ने सरकार बनाई, किसी ने धर्म के नाम पर भेद किया तो किसी ने वोटों का इस्तेमाल. कांग्रेस, सपा और बीजेपी, सबने एक विशेष वर्ग के लिए काम किया. दलितों और पिछड़े मुस्लिमों के साथ अन्याय ही होता रहा है. ‘ज़रूरी हो गया था कि ऐसा विकल्प तैयार किया जाये जो समाज के सभी तबकों के लिए काम करे इसलिए यूनाइटेड डेमोकेटिक अलाइंस बनाया है. हम मानववादी सरकार बनाएंगे.’

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‘गठबंधन का किसी से कोई द्वेष नहीं’
डॉ. अयूब ने कहा, ‘ये गठबंधन तमाम पार्टियों के लिए चैलेंज होगा, जिन्होंने जन विरोधी कामों के अलावा कुछ नहीं किया. बेरोज़गारी बढ़ती जा रही है, लॉ एंड आर्डर नहीं है और जो हक की आवाज़ उठाता है, उसे चुप करा दिया जाता है.’ वहीं, मौलाना रशदी ने कहा, ‘मुस्लिम वोटों का बंटवारा हो रहा है इसलिए बीजेपी जीत रही है. सेक्यूलर दल मिलकर विकल्प बना रहे हैं लेकिन हमारे इस गठबंधन में किसी के प्रति कोई द्वेष नहीं है.’

सांप्रदायिकता, भ्रष्टाचार, गरीबी, बेरोज़गारी और महंगाई जैसे मुद्दों से प्राथमिकता के साथ निपटने की घोषणा करते हुए इस गठबंधन ने चुनावी ताल ठोकी. आपको बता दें कि पीस पार्टी पूर्वी यूपी के खास तौर से बुनकर समुदायों के बीच पैठ रखती है, जिसने 2012 के चुनाव में चार विधानसभा क्षेत्रों में जीत हासिल की थी. वहीं, आरयूसी का आधार आज़मगढ़ के क्षेत्र में बताया जाता है.

UP B.Ed Counselling 2021 : पहले दिन 13225 अभ्यर्थियों ने लॉक की च्वाइस

UP B.Ed Counselling 2021 : काउंसलिंग का दूसरा चरण 25 सितंबर से शुरू होगा.

UP B.Ed Counselling 2021 : यूपी बीएड काउंसलिंग 2021 की प्रक्रिया में मंगलवार से काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन के साथ कॉलेजों की च्वाइस लॉक करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई. पहले दिन 13000 से अधिक अभ्यर्थियों ने च्वाइस लॉक किए.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 23:48 IST
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नई दिल्ली. UP B.Ed Counselling 2021 : उत्तर प्रदेश में संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 2021 की ऑनलाइन काउंसलिंग जारी है. पहले चरण की काउंसलिंग के लिए अभी तक 31800 अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 17 सितंबर से शुरू है. जबकि मंगलवार 21 सितंबर से रजिस्ट्रेशन के साथ च्वाइस फिलिंग की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. च्वाइस फिलिंग 24 सितंबर तक होगी. इसके बाद 25 सितंबर को अलॉटमेंट होगा. इसी के साथ दूसरे चरण की काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन भी शुरू होगा.

बीएड प्रवेश परीक्षा समन्वयक प्रोफेसर अमिता बाजपेई के अनुसार, पहले दिन 13225 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन च्वाइस लॉक किया. रजिस्ट्रेशन और च्वाइस भरने की, दोनो प्रक्रिया 23 सितंबर तक जारी रहेगी. इसके बाद 25 सितंबर को कॉलेज अलॉटमेंट किया जाएगा.

26 से मिलेगा आवंटन पत्र 

समन्वयक ने बताया कि 26 से 29 सितंबर के बीच अभ्यर्थी शेष शुल्क ऑनलाइन जमा करके अपनी सीट के आवंटन का पत्र प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि काउंसलिंग के अगले चरण में 75,001 से 2,00,000 तक की रैंक वाले अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन होगा.
दो लाख से अधिक सीटों पर होगे एडमिशन

काउंसलिंग के लिए शिक्षण संस्थानों के विवरण और प्रवेश प्रक्रिया की पूरी जानकारी के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.lkouniv.ac.in पर विजिट कर सकते हैं. यूपी बीएड की प्रवेश प्रक्रिया में 16 राज्य विश्वविद्यालयों के अंतर्गत आने वाले ले 2479 राजकीय, सहायता प्राप्त महाविद्यालय, स्ववित्तपोषित महाविद्यालय शामिल हैं. बीएड की कुल 2,35,310 सीटें हैं. इसमें से 7830 सीटें विश्वविद्यालयों और राजकीय या सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में हैं. जबकि 2,27,480 सीटें स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों में हैं. इसके अलावा प्रत्येक महाविद्यालय में 10 प्रतशित अतिरिक्त सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए होंगी. हालांकि, इडब्लूएस के लिए अतिरिक्त सीटें अल्पसंख्यक संस्थानों में नहीं होंगी.

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महंत नरेंद्र गिरि की मौत पर कांग्रेस के 10 सवाल: कहा- योगी राज में हो चुकी 21 साधु-संतो की हत्या

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और प्रमोद तिवारी ने महंत नरेंद गिरि की मौत पर 10 गंभीर सवाल उठाये हैं.

UP Congress Narendra Giri Case: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और प्रमोद तिवारी ने महंत नरेंद गिरि की मौत पर 10 गंभीर सवाल उठाये हैं. कहा कि 21 साधु-संतो की हत्या योगी राज में हो चुकी है. मामले की सुप्रीम कोर्ट या फिर हाईकोर्ट की डीविजनल बेंच की निगरानी में CBI जांच कराई जाए.

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लखनऊ. प्रयागराज (Prayagraj) में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि (Mahant Narendra Giri) की संदिग्ध मौत के बाद विपक्षी दल UP पुलिस की भूमिका पर हमलावर हैं. पुलिस पर कई गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं. इसी को लेकर कांग्रेस ने राजधानी लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर प्रेस कांफ्रेस की है, जिसमें कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने इस घटना को लेकर 10 गंभीर सवाल उठाये हैं. इसके साथ इस देश के विभिन्न साधु-संतो की तर्ज पर इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट या फिर हाईकोर्ट की डीविजनल बेंच की निगरानी में CBI जांच कराये जाने की मांग की है.

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि ‘महंत नरेन्द्र गिरि की मौत के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. जिनमें पहला सवाल ये है कि आखिर सरकार और उसकी पुलिस बिना पोस्टमार्टम के ही महंत नरेन्द्र गिरि की मौत को आत्महत्या क्यों बता रही है? दूसरा सवाल ये कि अगर महंत नरेन्द्र गिरि ने आत्महत्या ही की थी, तो उनके शव को पुलिस के आने से पहले क्यों और किसने उतारा? तीसरा सवाल ये है कि जब महंत नरेन्द्र गिरि के शुभचितंक ये बता रहे हैं कि वे कुछ लिख नहीं सकते थे. तो आखिर इतना लंबा सुसाइड लैटर उन्होंने कैसे लिखा?

चौथा सवाल ये कि अगर सुसाइड नोट में तीन लोगों के नाम का जिक्र है तो आखिर अबतक सिर्फ 1 ही व्यक्ति को ही क्यों गिरफ्तार किया गया? पांचवा सवाल ये है कि आखिर इस मामले में जिस सत्ताधारी नेता, अधिकारी और अन्य लोगों के नाम आ रहे हैं, उनसे अबतक पूछताछ क्यों नही जा रही है? सरकार सिर्फ इस मामले को आत्महत्या बताने में जुटी है. इसलिये कांग्रेस इस मामले की सुप्रीम या हाई कोर्ट के जज की निगरानी में CBI जांच की मांग करती है.’

प्रमोद तिवारी ने लगाए ये आरोप

इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि ‘योगी सरकार में साधु-संतो की हत्या का ये कोई पहला या दूसरा मामला नहीं है. अब तक UP के अंदर योगी सरकार में 21 साधु-संतो की हत्या हो चुकी है. तो योगी राज में सबसे ज्यादा अगर किसी पर मुसीबत आई है. इस दौरान भी कई गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं. जिनमें 12 पेज का सुसाइड नोट भी शामिल है. क्रिमिनल हिस्ट्री में अबतक इतना बडा सुसाइड नोट मैने पहले कभी नहीं देखा. अक्सर सुसाइड नोट 4-6 लाइन के साथ अधिकतम 1 पन्ने का होता है. क्योंकि कहा जाता है कि अगर बहुत सोचने-समझने का समय मिला तो सुसाइड के इरादे बदल जाते हैं. आखिर BJP सरकार में उन पर ऐसा कौन सा दबाव था जो वो झेल नहीं पा रहे थे?

उन्होंने कहा कि महंत नरेन्द्र गिरी की मौत उनके शयनकक्ष में नहीं उनके गेस्ट रूम में हुई है. जिसमें एक नहीं बल्कि 2 दरवाजे हैं. तो फिर बाहर का दरवाजा तोड़कर क्यों शव उतारा गया? क्या कारण है कि महंत नरेन्द्र गिरी के पोस्टमार्टम में इतना विलंब किया जा रहा है? ये वो मुख्य सवाल है जो कही न कही पुलिस की थ्योरी पर सवाल खडा कर रहे हैं. इसलिये हम हाथरस कांड की तर्ज पर SC/HC के जज की निगरानी में CBI जांच की मांग कर रहे हैं.’

Mahant Narendra Giri Death: महंत नरेंद्र गिरि की मौत की जांच के लिए SIT गठित

Mahant Narendra Giri death: महंत नरेंद्र गिरी मामले में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया.

Prayagraj News: डीआईजी, प्रयागराज ने विशेष जांच दल का गठन कर टीम का नेतृत्व डिप्टी एसपी अजीत सिंह चौहान को सौंपा है. मामले के विवेचक इंस्पेक्टर महेश भी एसआईटी में शामिल किए गए हैं.

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प्रयागराज. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) मामले की जांच के लिए डीआईजी, प्रयागराज ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है. डिप्टी एसपी अजीत सिंह चौहान के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है. मामले के विवेचक इंस्पेक्टर महेश भी एसआईटी में शामिल किए गए हैं.

जानकारी के अनुसार डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी द्वारा जार्जटाउन थाने में दर्ज एफआईआर की जांच के लिए जो एसआईटी गठित की गई है, उसकी अध्यक्षता सीओ अजीत सिंह चौहान करेंगे. इसमें दो सीओ समेत इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर स्तर के 18 जांच अधिकारी शामिल किए गए हैं. सीओ आस्था जायसवाल और विवेचक महेश सिंह भी एसआईटी में शामिल हैं,

बता दें मामले से जुड़े 2 वीडियो की जांच में पुलिस जुटी हुई है. एक वीडियो के आधार पर नरेंद्र गिरि को ब्लैकमेल करने की चर्चा है. वहीं सुसाइड नोट में भी नरेंद्र गिरि ने इस बात का जिक्र किया है. दूसरा वीडियो महंत नरेंद्र गिरि ने खुद बनाया था, जिसमें अपने खिलाफ हो रही साजिश के बारे में बताया है. दूसरा वीडियो महंत नरेंद्र गिरि के मोबाइल से मिला है. इन दोनो वीडियो की जांच से बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है. इन वीडियो के आधार पर बड़ी साजिश होने की आशंका जताई जा रही है. जांच के बाद हो सकता है मामले में बड़ा खुलासा हो.

बता दें महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या मामले में पहली एफआईआर प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाने में दर्ज की गई है. महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य अमर गिरि पवन महाराज की तरफ से दर्ज करवाई गई. एफआईआर में सिर्फ उनके शिष्य आनंद गिरि को नामजद आरोपी बनाया गया है. आनंद गिरि के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. उस पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है.

एसआईटी में हैं 18 सदस्य

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UP: प्रयागराज में महंत नरेंद्र गिरी मौत मामले की जांच में गठित एसआईटी के सदस्य

पुलिस ने आनंद गिरि को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है और उसे प्रयागराज ले आई है. पुलिस लाइन में आनंद गिरि से पूछताछ चल रही है. वहीं बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

एफआईआर के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि सोमवार दोपहर लगभग 12:30 बजे बाघम्बरी गद्दी के कक्ष में भोजन के बाद रोज की तरह विश्राम के लिए गए थे. रोज 3 बजे दोपहर में उनके चाय का समय होता था, लेकिन चाय के लिए उन्होंने पहले मना किया था और यह कहा था जब पीना होगा तो वह स्वयं सूचित करेंगे. शाम करीब 5 बजे तक कोई सूचना न मिलने पर उन्हें फोन किया गया. लेकिन महंत नरेंद्र गिरि का फोन बंद था. इसके बाद दरवाजा खटखटाया गया तो कोई आहट नहीं मिली. जिसके बाद सुमित तिवारी, सर्वेश कुमार द्विवेदी, धनंजय आदि ने धक्का देकर दरवाजा खोला. तब नरेन्द्र गिरि पंखे में रस्सी से लटकते हुए पाए गए.

FIR में आगे लिखा हुआ है कि जीवन की संभावना को देखते हुए शिष्यों ने रस्सी काटकर नरेंद्र गिरि को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. एफआईआर में जिक्र है कि महाराज पिछले कुछ महीने से आनंद गिरि को लेकर परेशान रहा करते थे. यह बात कभी-कभी वह स्वयं भी कहते थे कि आनंद गिरि हमें बहुत परेशान करता रहता है.

Mahant Narendra Giri Suicide Case: चेले ही नहीं ये SP नेता भी थे संपत्ति विवाद के घेरे में

पुलिस के लिए पहेली बनी है महंत नरेंद्र गिरि की मौत (File photo)

Mahant Narendra Giri death: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और बाघंबरी मठ के प्रमुख महंत नरेंद्र गि​रि की मौत यूपी पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनी हुई है. इस मामले में सुसाइड नोट में महंत ने मौत की वजह साफ तो कर दी है, लेकिन अब संपत्ति विवाद में सपा विधायक का नाम भी सामने आ गया है.

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लखनऊ. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (All India Akhara Parishad) के अध्यक्ष और बाघंबरी मठ (Baghmbri Math) के प्रमुख महंत नरेंद्र गि​रि की मौत यूपी पुलिस के लिए अबूझ पहेली बनी हुई है. यह घटना सूबे में सुर्खियां बनी है. सुसाइड नोट सामने आने के बाद महंत का चेला गिरफ्तार हो गया है, लेकिन कई और ऐसे राजदार हैं जो पूरे मामले को संदिग्ध बना रहे हैं. पुलिस एक एक कड़ी को जोड़कर आगे बढ़ रही है, हालांकि महंत नरेंद्र गिरि की मौत की असली वजह क्या है इस रहस्य से जांच के बाद ही पर्दा उठेगा. इतना तो तय है कि मठ बाघम्बरी गद्दी और बड़े हनुमान मंदिर की संपत्ति को लेकर जो विवाद शुरू हुआ था, उसने महंत नरेंद्र गिरि की जान ले ली.

दरअसल, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का हंड़िया के सपा विधायक से जमीन को लेकर विवाद हुआ था. यह विवाद 2012 में सपा नेता और हंडिया से विधायक रहे महेश नारायण सिंह से जमीन की खरीद फरोख्त को लेकर हुआ था. फरवरी 2012 में महंत ने सपा नेता महेश नारायण सिंह, शैलेंद्र सिंह, हरिनारायण सिंह व 50 अज्ञात के खिलाफ जार्ज टाउन में मुकदमा दर्ज कराया गया था. इस मामले में दूसरे पक्ष ने भी नरेंद्र गिरि, आनंद गिरि व दो अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

मठ की जमीन का कुछ हिस्सा महंत नरेंद्र गिरि ने बेच दिया था, ताकि जीर्ण शीर्ण हो चुके मठ का जीर्णोद्धार किया जा सके. बताया जा रहा है कि सपा विधायक महेश नारायण दबंगई के बल पर बगैर पूरा पैसा दिए जमीन लिखवाना चाह रहे थे. इसके लिए वह लगातार महंत नरेंद्र गिरि पर दबाव बना रहे थे. महंत नरेंद्र गिरी इस दबाव के आगे झुके नहीं और जमीन की रजिस्ट्री के लिए तैयार नहीं हुए.

जिसके बाद मठ में सपा विधायक असलहों के साथ पहुंचे थे काफी हो हंगामा भी हुआ था. बाद में पैसे देने के बाद ही महंत नरेंद्र ​गिरि ने जमीन की रजिस्ट्री की थी. मौजूदा समय में 7 बीघे जमीन की कीमत 40 करोड़ रुपये बताई जा रही हैं. इस जमीन बिक्री को लेकर भी समय समय पर महंत नरेंद्र गिरी पर आरोप लगते रहे हैं.

करोड़ों में है मठ की संपत्ति

मठ बाघम्बरी गद्दी और बड़े हनुमान मंदिर दोनों पंचायती अखाड़ा निरंजनी के तहत नहीं आते हैं, बल्कि सम्पत्ति मठ बाघंबरी गद्दी के अधीन आती है. मौजूदा समय में मठ की गद्दी में जहां महंत विचारानंद संस्कृत महाविद्यालय संचालित हो रहा है, वहीं पर एक गौशाला के साथ ही कुंभ के दौरान यहां पर तीन मंजिला एक बड़ा भव्य गेस्ट हाउस भी बनाया गया है. कुल मिलाकर इस मठ और संस्कृत महाविद्यालय की संपत्ति करोड़ों में है, जिसको लेकर महंत नरेंद्र ​गिरि और स्वामी आनंद ​गिरि के बीच विवाद शुरू हो गया था.

महंत नरेंद्र गिरि केस की जांच के लिए DIG प्रयागराज ने SIT का गठन किया गया है. यूपी सरकार ने इस मामले की जांच के निर्देश दिए हैं.

UPTET Exam 2021: UPTET को लेकर सामने आई महत्वपूर्ण जानकारी, देखें डिटेल

UPTET 2021 : उम्मीदवार काफी समय से परीक्षा के तारीखों का इंतजार कर रहे हैं.

UPTET Exam 2021: विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में परीक्षा की तारीखों को लेकर काफी समय से अटकलें लगाई जा रही थी. लेकिन हालिया अपडेट से तस्वीर साफ़ होती नजर आ रही है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 17:38 IST
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नई दिल्ली. UPTET 2021: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2021) को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ रही है. दरअसल विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में परीक्षा की तारीखों को लेकर काफी समय से अटकलें लगाई जा रही थी. लेकिन हालिया अपडेट से तस्वीर साफ़ होती नजर आ रही है. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा बोर्ड (UPBEB) द्वारा साल में एक बार UPTET परीक्षा का आयोजन किया जाता है. हांलाकि UPTET 2021 को लेकर अभी तक अधिसूचना जारी नहीं की गई है. इच्छुक उम्मीदवार काफी समय से परीक्षा के तारीखों का इंतजार कर रहे हैं. आयोजन में इतना विलम्ब होने से अभ्यर्थी परेशान भी हैं.

लेकिन अब ऐसा लगता है की उनका इंतजार जल्द ही ख़त्म हो सकता है. परीक्षा के तारीख को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट नीचे दिया जा रहा है.

UPTET Exam 2021: विभाग ने भेजा है प्रस्ताव
इस परीक्षा को लेकर अभी तक यह जानकारी सामने आ रही थी कि, UPBEB द्वारा दिसंबर माह में परीक्षा आयोजित कराने का प्रस्ताव दिया गया है, लेकिन शिक्षा मंत्री इसे और जल्दी आयोजित कराने के पक्ष में हैं. हालांकि अब ताजा जानकारी के अनुसार विभाग द्वारा 28 नवंबर 2021 को परीक्षा आयोजित कराने का प्रस्ताव दिया गया है. अगर आम सहमित बनती है तो जल्द ही UPTET 2021 के लिए अधिसूचना जारी कर दी जाएगी.

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UP Home Guard Recruitment 2021: जानें कौन कर सकता है यूपी होमगार्ड भर्ती के लिए आवेदन

UP Home Guard Recruitment 2021: करीब 19,000 से 30,000 होमगार्ड पदों पर भर्ती आयोजित की जाएगी.

UP Home Guard Recruitment 2021: आधिकारिक अधिसूचना जारी ना होने के कारण फ़िलहाल भर्ती को लेकर उम्मीदवारों के मन में कई प्रकार की दुविधा देखने को मिल रही है. उनमें से एक दुविधा ये भी है कि भर्ती के लिए 10वीं पास अप्लाई कर सकेंगें या 12वीं पास.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 17:28 IST
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नई दिल्ली. UP Home Guard Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश में होमगार्ड पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जल्द ही जारी की जा सकती है. वर्तमान में यूपी होमगार्ड विभाग में हजारों की संख्या में पद खाली हैं. ताजा जानकारी के अनुसार सरकार जल्द ही इन पदों पर नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत कर सकती है. बता दें कि प्रदेश के होमगार्ड विभाग में कुल स्वीकृत पदों की संख्या 1,18,348 है. लेकिन फ़िलहाल तकरीबन 86,000 पदों पर ही कर्मचारियों की नियुक्ति है. ऐसे में लगभग 30,000 पद वर्तमान में रिक्त पड़े.

कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये बताया गया है कि इसके लिए अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी. इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे भर्ती सम्बन्धी अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करते रहें.

UP Home Guard Recruitment 2021: किन्हें मिल सकता है आवेदन का मौका
आधिकारिक अधिसूचना जारी ना होने के कारण फ़िलहाल भर्ती को लेकर उम्मीदवारों के मन में कई प्रकार की दुविधा देखने को मिल रही है. उनमें से एक दुविधा ये भी है कि भर्ती के लिए 10वीं पास अप्लाई कर सकेंगें या 12वीं पास. तो बता दें कि अभी तक की होमगार्ड भर्तियों में 10वीं पास उम्मीदवार भी शामिल होते आए हैं. लेकिन बीते दिनों उत्तर प्रदेश के तत्कालीन नागरिक सुरक्षा, प्रांतीय रक्षक दल व सैनिक कल्याण मंत्री चेतन चौहान ने बताया था कि अब से प्रदेश में 12वीं पास उम्मीदवारों को होमगार्ड पदों पर नियुक्त किया जाएगा.

UP Home Guard Recruitment 2021: अधिसूचना का इंतजार करें
ऐसे में फ़िलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आगामी होमगार्ड भर्ती के लिए 10वीं पास अप्लाई कर सकेंगें या 12वीं पास. एक बार अधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही ये स्पष्ट हो प[एगा. इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अधिसूचना संबंधी अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करते रहें.

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Mahant Narendra Giri Suicide: सपा प्रमुख अखिलेश यादव बोले- सरकार हाईकोर्ट के जजों से कराए महंत नरेंद्र गिरि के मौत की जांच

UP: सपा प्रमुख अखिलेश यादव बोले- जजों की निगरानी में हो जांच

Prayagraj News: प्रयागराज के बाघंबरी गद्दी व लेटे हनुमानजी के महंत आचार्य नरेंद्र गिरि का शव कल उनके आश्रम के कमरे में मिला था. बाघंबरी मठ में उनकी लाश फांसी के फंदे से लटकती मिली थी.

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लखनऊ. अखिल अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri Death) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. उनका शव फंदे से लटका मिला है जिसे प्रयागराज स्थित गेस्ट हाउस से बरामद किया गया. इसी कड़ी में मंगलवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने ट्वीट कर न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष, धर्म कर्म, अध्यात्म के प्रति जीवन समर्पित करने वाले महान संत नरेंद्र गिरी जी का संदिग्ध परिस्थितियों में निधन, ह्रदय विदारक. हाई कोर्ट के सिटिंग जजों की निगरानी में पूरे घटनाक्रम की जांच करा सत्य सामने लाए सरकार.’

इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले की कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीआईजी द्वारा जांच किये जाने की बात कही. महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध स्थिति में मौत के मामले में आज प्रयागराज पुलिस ने कई राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के साथ-साथ आधा दर्जन से ज्यादा व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया है. सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक इन सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि के गनर से भी पूछताछ की जाएगी. महंत को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने किया ट्वीट

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने किया ट्वीट

प्रयागराज के बाघंबरी गद्दी व लेटे हनुमानजी के महंत आचार्य नरेंद्र गिरि का शव कल उनके आश्रम के कमरे में मिला था. बाघंबरी मठ में उनकी लाश फांसी के फंदे से लटकती मिली थी. संदिग्ध हालत में महंत की मौत के बाद पुलिस को 8 पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला था, जिसके बाद कल देर रात ही उनके शिष्य आनंद गिरि को हरिद्वार से हिरासत में लिया गया था. पुलिस के मुताबिक, महंत नरेंद्र गिरि ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरि के ऊपर प्रताड़ना का आरोप लगाया था.

सिफारिश: UP में संपत्ति बंटवारे में 5000 का स्टांप शुल्क और 2000 लें रजिस्ट्रेशन फीस

UP: राज्य विधि आयोग ने प्रॉपर्टी बंटवारे से संबंधित स्टांप और रजिस्ट्रेशन शुल्क में अहम कमी का प्रस्ताव सरकार को सौंपा है. (सांकेतिक तस्वीर)

UP News: राज्य विधि आयोग द्वारा सरकार से की गई सिफारिश के अनुसार परिवार का मुखिया अचल संपत्ति का बंटवारा, हस्तांतरण यदि परिवार के सदस्यों के बीच करना चाहता है तो अधिकतम 5000 रुपये स्टांप शुल्क और ज्यादा से ज्यादा रजिस्ट्रेशन शुल्क किया जाए.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 16:20 IST
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लखनऊ. परिवार के सदस्यों के बीच अचल संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए राज्य विधि आयोग (State Law Commission) ने अहम कदम उठाया है. आयोग ने यूपी सरकार (UP Government) से सिफारिश की है कि बंटवारें में लगने वाले स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस को कम कर दिया जाए. स्टांप शुल्क सिर्फ 5000 रुपये लिया जाए और रजिस्ट्रेशन फीस 2000 रुपये रखी जाए. आयोग का तर्क है कि ऐसा करने से यूपी में संपत्ति बंटवारे, हस्तातंरण और वसीयत आदि से जुड़े मामलों में मुकदमेबाजी कम होगी. यही नहीं सरकार को राजस्व में भी कमी नहीं आएगी.

जानकारी के अनुसार आयोग की ओर से 20वां प्रत्यावेदन राज्य सरकार को सौंप दिया गया है. बता दें वर्तमान में संपत्ति के कुल मूल्य का 7 फीसदी स्टांप शुल्क लगता है, वहीं रजिस्ट्रेशन शुल्क कुल मूल्य का एक प्रतिशत होता है.

वहीं महिलाओं के मामले में 10 लाख की संपत्ति पर एक फीसदी छूट के साथ 6 फीसदी स्टांप शुल्क लगता है. वहीं ग्रामीण इलाकों में दो फीसदी स्टांप शुल्क लिया जाता है.

आयोग का मानना है कि परिवार का मुखिया सदस्यों के बीच संपत्ति का बंटवारा करता है तो स्टांप शुल्क देना पड़ता है. धन के अभाव में ऐसा न कर पाने की स्थिति होती तो परिवारों में विवाद सामने आ जाता और मामला कोर्ट पहुंच जाता है. ऐसे में अगर स्टांप शुल्क में कमी की जाती है तो बेवजह के मुकदमों से बचा जा सकता है.

आयोग द्वारा की गई सिफारिश के अनुसार परिवार का मुखिया अचल संपत्ति का बंटवारा, हस्तांतरण यदि परिवार के सदस्यों के बीच करना चाहता है तो उसे अधिकतम 5000 रुपये स्टांप शुल्क कर दिया जाए, साथ ही रजिस्ट्रेशन शुल्क भी ज्यादा से ज्यादा 2000 रुपये किया जाए.

Narendra Giri Death: FIR से समझें कैसे हुई महंत नरेंद्र गिरि की मौत, आरोपी के कॉलम में सिर्फ आनंद गिरि का नाम

RIP Mahant Narendra Giri: आचार्य नरेंद्र गिरी की शव का आज कराया जाएगा पोस्टमॉर्टम.

Narendra Giri Suicide Case: आनंद गिरि के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. उन पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. महंत नरेन्द्र गिरि के शव के पोस्टमॉर्टम से ही पता चलेगा कि उनकी मौत आत्महत्या है या हत्या.

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प्रयागराज/लखनऊ. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि (Mahant Narendra Giri) आत्महत्या मामले में पहली एफआईआर प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाने में दर्ज की गई है. महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य अमर गिरि पवन महाराज की तरफ से दर्ज करवाई गई. एफआईआर में सिर्फ उनके शिष्य आनंद गिरि को नामजद आरोपी बनाया गया है. आनंद गिरि के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. उस पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है. पुलिस ने आनंद गिरि को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया है और अब उन्हें सड़क मार्ग से प्रयागराज लाया जा रहा है. उधर बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को भी पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

एफआईआर के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि सोमवार दोपहर लगभग 12:30 बजे बाघम्बरी गद्दी के कक्ष में भोजन के बाद रोज की तरह विश्राम के लिए गए थे. रोज 3 बजे दोपहर में उनके चाय का समय होता था, लेकिन चाय के लिए उन्होंने पहले मना किया था और यह कहा था जब पीना होगा तो वह स्वयं सूचित करेंगे. शाम करीब 5 बजे तक कोई सूचना न मिलने पर उन्हें फोन किया गया. लेकिन महंत नरेंद्र गिरि का फोन बंद था. इसके बाद दरवाजा खटखटाया गया तो कोई आहट नहीं मिली. जिसके बाद सुमित तिवारी, सर्वेश कुमार द्विवेदी, धनंजय आदि ने धक्का देकर दरवाजा खोला. तब नरेन्द्र गिरि पंखे में रस्सी से लटकते हुए पाए गए.

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महंत नरेंद्र गिरी आत्महत्या मामले में दर्ज हुई पहली FIR

FIR में आनंद गिरि पर परेशान करने का जिक्र

FIR में आगे लिखा हुआ है कि जीवन की संभावना को देखते हुए शिष्यों ने रस्सी काटकर नरेेन्द्र गिरि को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थती. एफआईआर में जिक्र है कि महाराज पिछले कुछ महीने से आनंद गिरि को लेकर परेशान रहा करते थे. यह बात कभी-कभी वह स्वयं भी कहते थे कि आनंद गिरि हमें बहुत परेशान करता रहता है.

आज होगा पोस्टमॉर्टम

महंत नरेंद्र गिरी की मौत मामले में यह पहला कानूनी कदम है, जिसमें आनंद गिरि को आरोपी बनाया गया है. अब उनकी मौत हत्या थी या आत्महत्या, इसका पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा. फिलहाल डॉक्टरों के पैनल द्वारा उनका पोस्टमॉर्टम कराने की तैयारी की गई है. उसके बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए बाघंबरी पीठ मठ में रखा जाएगा. जानकारी के मुताबिक मठ में ही नरेंद्र गिरि को भू-समाधि दी जाएगी.

Prayagraj News: सीएम योगी ने महंत नरेंद्र गिरी को दी श्रद्धांजलि, बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा

UP: हमारे आध्यात्मिक और धार्मिक समाज की अपूरणीय क्षति

Mahant Narendra Giri Death: सीएम योगी ने कहा कि उनका जाना संत समाज के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र गिरि के निधन से बेहद दुखी हूं. संत समाज की ओर से श्रद्धांजलि देने आया हूं.

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प्रयागराज. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने मंगलवार को प्रयागराज के बाघंबरी मठ पहुंचकर महंत नरेंद्र गिरि (Narendra Giri) को श्रद्धांजलि अर्पित की. सीएम योगी ने कहा कि इस दुखद घटना से हम सभी दुखी हैं. कुंभ के सफल आयोजन में नरेंद्र गिरि का बड़ा योगदान था. इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि पुलिस के चार बड़े अफसर मामले की जांच कर रहे हैं. एक-एक घटना का पर्दाफाश होगा. जो भी जिम्मेदार होगा, उसे सजा मिलेगी. दोषियों को कठोर सजा मिलेगी. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि दोषी बचेगा नहीं, हर हाल में सजा मिलेगी. नरेंद्र गिरि मौत मामले की जांच जारी है इसलिए बेवजह की बयानबाजी से बचना चाहिए. सीएम ने कहा कि पंचक होने के कारण आज महंत नरेंद्र गिरी को समाधि नहीं दी जाएगी. आज जनता के दर्शन के लिए उनका पार्थिव शरीर यहां रहेगा. बुधवार को पांच सदस्यीय टीम उनके पार्थिव शरीर का पोस्टमार्टम करेगी. वहीं पोस्टमार्टम के बाद  धार्मिक विधि विधान से अंतिम संस्कार किया जाएगा.

सीएम योगी ने कहा कि उनका जाना संत समाज के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र गिरि के निधन से बेहद दुखी हूं. संत समाज की ओर से श्रद्धांजलि देने आया हूं. इस दुखद घटना से हम सब व्यथित हैं. यह हमारे आध्यात्मिक और धार्मिक समाज की अपूरणीय क्षति है. मान अपमान की चिंता के बगैर उन्होंने प्रयागराज कुंभ को भव्यता के साथ आयोजित करने में योगदान दिया था. समाज और देश के हित में किए जाने वाले हर निर्णय में उनका सहयोग प्राप्त होता था. साथ ही यूपी सीएम तमाम साधु संतों से भी बात कर हालात का संज्ञान लिया.

शिष्य आनंद गिरि समेत 3 गिरफ्तार
बता दें कि देश भर में अपने बयान से सुर्खियों में रहने वाले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की सोमवार शाम संदिग्ध हालात में मौत हो गई. उनका शव अल्लापुर में श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के कमरे में फंदे से लटका मिला. मामले में पुलिस ने उनके शिष्य योगगुरु आनंद गिरि, लेटे हुए हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है.

BBAU Entrance Exam 2021: 28 सितम्बर से होगी BBAU की प्रवेश परीक्षा, देखें पूरा शेड्यूल

BBAU Entrance Exam 2021: 28 से 30 सितंबर और 1 से 4 अक्टूबर तक देशभर में प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी.

BBAU Entrance Exam 2021: ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ये परीक्षा आयोजित की जाएगी. उम्मीदवार bbauet.nta.nic.in पर जाकर प्रवेश परीक्षा के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

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  • LAST UPDATED : September 21, 2021, 10:25 IST
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नई दिल्ली. BBAU Entrance Exam 2021: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) की प्रवेश परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है. ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ये परीक्षा आयोजित की जाएगी. उम्मीदवार bbauet.nta.nic.in पर जाकर प्रवेश परीक्षा के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

यूजी के कुल 15 पाठ्यक्रमों के लिए ये परीक्षा आयोजित की जाएगी. वहीं पीजी के कुल 40 पाठ्यक्रम हैं जिनके लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी. इसके अलावा विश्वविद्यालय के पांच साल के एकीकृत पाठ्यक्रम, डिप्लोमा और अन्य में एडमिशन के लिए भी परीक्षा देनी होगी. बता दें कि परीक्षा सीबीटी मोड, हाइब्रिड या पेन और पेपर मोड में आयोजित की जाएगी. जिसमें परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार के एमसीक्यू आधारित प्रश्न पूछे जाएंगें.

BBAU Exam 2021: ये है पूरा शेड्यूल
एनटीए द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार 28 से 30 सितंबर और 1 से 4 अक्टूबर 2021 तक देशभर में प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी. परीक्षा की अवधि दो घंटे की रहेगी. बता दें कि NTA ने अभी तक परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी नहीं किया है. हालांकि उमीदवारों को ध्यान देना चाहिए कि एडमिट कार्ड सम्बन्धी अपडेट के लिए वे आधिकारिक वेबसाइट-bbauet.nta.nic.in पर चेक करते रहें. इसके अलावा शेड्यूल में परीक्षा की तारीख, परीक्षा की अवधि के साथ-साथ परीक्षा आयोजित करने का तरीका भी दिया गया है. उम्मीदवार परीक्षा में बैठने से पहले विस्तृत डिटेल देख लें.

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UP: लखनऊ की पॉलोमी पाविनी शुक्ला को फेमस 'Femina Magazine' ने किया सम्मानित, लिस्ट में शामिल हैं ये हस्तियां

इस सूची में अन्य विख्यात महिलाएं भी शामिल

Lucknow News: बता दें कि अनाथ बच्चों के लिए कार्यरत पॉलोमी पाविनी शुक्ला को पूर्व में भी सम्मानित किया जा चुका है. हाल ही में विख्यात अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका 'फोर्ब्स' ने भी अपनी '30 Under 30' सूची में उन्हें सम्मिलित किया था.

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लखनऊ. फेमस पत्रिका “फेमिना” (Femina Magazine) ने अपने लेटेस्ट एडिशन में देश की 40 ऐसी महिलाओं की सूची जारी की है. इस सूची में लखनऊ की पॉलोमी पाविनी शुक्ला (Poulomi Pavini Shukla) भी शामिल की गई हैं. लंबे अरसे से अनाथ बच्चों को समान अधिकार दिलाने और उनके हित की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जनहित याचिका लड़ने के लिए उन्हें यह सम्मान मिला है.

अनाथ बच्चों पर उनके द्वारा अपने भाई अमंद शुक्ला के साथ‌ संयुक्त रुप से लिखी पुस्तक ‘ Weakest on earth – Orphans of India’ और उनके परिश्रम द्वारा कई राज्यों में अनाथ बच्चों हेतु नीतिगत बदलाव आए हैं, जिनमें अनाथ बच्चों के लिए आरक्षण, बजट वृद्धि आदि सम्मिलित हैं. इस सूची में उत्तर प्रदेश से पॉलोमी पाविनी शुक्ला के अलावा मात्र एक और महिला सम्मिलित हैं.

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देश भर की 40 महिलाओं की इस सूची में अन्य विख्यात महिलाएं भी शामिल की गई हैं, जैसे टोक्यो ओलंपिक्स में देश को गौरान्वित करने वाली रानी रामपाल व मीराबाई चानू, सुप्रीम कोर्ट में हाल ही में आईं तीन न्यायमूर्ति, इसरो के मंगलयान मिशन की महिला वैज्ञानिक, स्मृति ईरानी, मीनाक्षी लेखी, महुआ मोइत्रा, पी वी सिंधु, बरखा दत्त, आलिआ भट्ट, मसाबा गुप्ता, भूमि पेडनेकर, नीता अम्बानी, कोनेरू हम्पी आदि शामिल हैं.

फोर्ब्स पत्रिका में भी मिली थी जगह
बता दें कि अनाथ बच्चों के लिए कार्यरत पॉलोमी पाविनी शुक्ला को पूर्व में भी सम्मानित किया जा चुका है. हाल ही में विख्यात अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका ‘फोर्ब्स’ ने भी अपनी ’30 Under 30′ सूची में उन्हें सम्मिलित किया था. यह सूची 30 ऐसे व्यक्तियों की है जो 30 वर्ष से कम आयु के हैं और जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में अहम योगदान दिया है.

Narendra Giri Death Case: दो साल पहले भी निरंजनी अखाड़े में हुई थी संत की संदिग्ध मौत, CBI जांच की उठी थी मांग

निरंजनी अखाड़े में दो साल पहले भी एक संत की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया था. -  नरेंद्र गिरी का फाइल फोटो

Niranjani Akhara Death Case: महंत नरेंद्र गिरी की मौत के आद निरंजनी अखाड़े में दो साल पहले हुई एक संत की संदिग्ध मौत की याद ताजा हो गई है. संत का शव उनके कमरे में मिला था. उन्हें गोली लगी थी. तब सीबीआई जांच की मांग उठी थी.

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लखनऊ. निरंजनी अखाड़े (Niranjani Akhara) के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (All India Akhara Parishad) के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी (Narendra Giri) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. पुलिस ने अभी तक की जांच के आधार पर इसे आत्महत्या करार दिया है, लेकिन पिछले कुछ सालों से निरंजनी अखाड़े के ऐसे ही हालात रहे हैं. दो साल पहले नवम्बर के महीने में भी अखाड़े के एक संत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. संत का शव उनके कमरे में मिला था. उन्हें गोली लगी थी. उनकी हथेली में पिस्टल फंसी थी और पास में ही खोखे बरामद किये गये थे.

नरेंद्र गिरी की मौत के साथ ही लोगों को दो साल पहले हुए निरंजनी अखाड़े के संत आशीष गिरी की मौत की याद ताजा हो गई है. आशीष गिरी का शव निरंजनी अखाड़े में ही 17 नवम्बर 2019 को बरामद हुआ था. उनकी मौत को लेकर तब नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद ने कई गंभीर सवाल भी खड़े किये थे. तब आनंद गिरी ने कहा था कि जमीनी विवाद को लेकर आशीष ​गिरी की हत्या की गई है. इसकी जांच सीबीआई से करने की भी मांग की गई थी. चौकाने वाली बात ये है कि आशीष गिरी की लाश बरामद होने के कई दिनों बाद तक इस मामले में कोई मुकदमा प्रयागराज में दर्ज नहीं किया गया था.

आनंद गिरी और गिरी के बीच रिश्ते पिछले कुछ सालों से तल्ख रहे हैं. आनंद गिरी दिवंगत नरेंद्र गिरी के शिष्य थे. दोनों के बीच तल्खी तब चरम पर पहुंच गई थी. तब आनंद गिरी को अखाड़े से निकाल दिया था. अभी हाल में ही आनंद गिरी ने नरेंद्र गिरी से पैर छूकर माफी मांगी थी, जिसके बाद उन्हें माफ कर दिया गया था. अब सुसाइड नोट सामने आया है उसमें नरेंद्र गिरी ने आनंद गिरी को ही मौत का जिम्मेदार ठहराया है. बता दें कि निरंजनी अखाड़े के पास प्रयागराज जिले में बहुत जमीनें हैं. जमीनों की बिक्री को लेकर अकसर अखाड़े में विवाद के सुर उठते रहे हैं.

UP Election 2022: वोट बैंक को मैनेज करने में जुटी बीजेपी, जाटों के बाद अब गुर्जरों को साधने की कोशिश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजा मिहिर भोज की मूर्ति का करेंगे अनावरण

UP Political News: अलीगढ़ में जाट राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय का शिलान्यास कर जहां जाट वोट बैंक को अपने पाले में लाने की कोशिश हुई, अब वहीं गुर्जरों को साधने की कोशिश है.

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लखनऊ. जैसे-जैसे यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों का वोट मैनेजमेंट भी दिखने लगा है. कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन से परेशान बीजेपी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को साधने के लिए नया रास्ता अख्तियार कर लिया है. अलीगढ़ में जाट राजा महेन्द्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय का शिलान्यास कर जहां जाट वोट बैंक को अपने पाले में लाने की कोशिश हुई, अब वहीं गुर्जरों को साधने की कोशिश है.

दरअसल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा के दादरी मे गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के 12 फुट की प्रतिमा का अनावरण सीएम योगी आदित्यनाथ से कराने की तैयारी है.यह प्रतिमा सम्राट मिहिर भोज के नाम पर बने पीजी कॉलेज में लगी है. दो साल पहले ये प्रतिमा तैयार की गयी थी, पर कोरोना की वजह से अनावरण नहीं हो पाया था.

बीजेपी का नया दांव
वरिष्ठ पत्रकार अनिल भारद्वाज कहते हैं कि ये बीजेपी का नया दांव है. सीएम योगी आदित्यनाथ जब खुद मूर्ति का अनावरण करेंगे तो गुर्जर समाज में एक संदेश जाएगा जो कि बड़ा वोक बैंक है. और बीजेपी संदेशों की राजनीति में माहिर हैं. गौरतलब है कि राजा मिहिर भोज को धर्मरक्षक राजा के तौर पर देखा जाता है और गुर्जर उनको अपना पूर्वज मानते हैं.

22 सितंबर को मुख्यमंत्री कर सकते हैं मूर्ति का अनावरण
दरअसल, किसान आंदोलन के बाद से पश्चिमी यूपी का सियासी समीकरण गड़बड़ा गया है, जिसको दुरुस्त करने के लिए बीजेपी के दिग्गज रात दिन एक किए हुए हैं. इसी के तहत ये भी तैयारी की गई है. कहा जा रहा है कि 22 सितंबर को सीएम मिहिर भोज की मूर्ति का अनावरण कर सकते हैं. विपक्षियों का मानना है कि मूर्ति का अनावरण गलत नहीं है, लेकिन सवाल बीजेपी के समय को लेकर जरूर उठता है.

Mahant Narendra Giri Death: आनंद गिरी का बड़ा बयान, कहा- गुरुजी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी हत्या हुई

आनंद गिरी का आरोप है कि महंत नरेंद्र गिरी को मारकर मुझे फंसाने की साजिश है.

Mahant Narendra Giri Death: आनंद गिरी ने कहा है कि गुरुजी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी हत्या हुई है. उन्होंने कुछ अधिकारियों पर ही गंभीर आरोप लगाकर साजिश करने की बात कही है. आनंद गिरी ने कहा कि आईजी स्वयं इसमें संदिग्ध हैं.

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प्रयागराज. अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी (Narendra Giri) का शव संदिग्ध परिस्थिति में मिलने के बाद शोक के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. पु​लिस ने उनके शिष्य आनंद गिरी पर शिकंजा कसना शुरू किया है. उन्हें हरिद्वार में हिरासत में लिया गया है. वहीं आनंद गिरी ने कहा है कि गुरुजी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी हत्या हुई है. उन्होंने कुछ अधिकारियों पर ही गंभीर आरोप लगाकर साजिश करने की बात कही है. आनंद गिरी ने कहा कि आईजी स्वयं इसमें संदिग्ध हैं. आईजी लगातार नरेन्द्र गिरी के संपर्क में रहते थे.

आनंद गिरी का आरोप है कि मठ और मंदिर का पैसा हड़पने वालों ने महंत जी की हत्या की. इस साजिश में मठ के कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं. करोड़ों का खेल हैं. इसमें एक सिपाही अजय सिंह भी है. यही लोग उनकी हत्या कर सकते हैं. आनंद गिरी का आरोप है कि इस घटना में पुलिस के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं.

आनंद गिरी का आरोप है कि महंत नरेंद्र गिरी को मारकर मुझे फंसाने की साजिश है. इसमें पुलिस के बड़े अधिकारी ही शामिल हैं. मैं जांच की मांग करता हूं. उनके खिलाफ बहुत बड़ी साजिश की गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि मनीष शुक्ला जिनकी उन्होंने शादी महंत नरेंद्र गिरी ने कराई थी. उसे पांच करोड़ का मकान दिया. इसके आलावा अभिषेक मिश्र भी इस मामले में शामिल हो सकते हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए.

वो कभी आत्महत्या नहीं कर सकते
संदेह के घेरे में आए आनंद गिरी ने आरोप लगाया कि आईजी स्वयं इसमें संदिग्ध हैं. आईजी लगातार उनके संपर्क में रहते थे. आईजी क्लोजली इस विषय को वॉच कर रहे थे और उनके साथ पारिवारिक संबंध थे. यह पूरी तरह से जांच का विषय है. उनके खिलाफ बहुत बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा है. मुझे फंसा कर इस केस को रफा दफा करने की कोशिश की जा रही है. यही षड्यंत्र है. एक तीर से दो निशाने करने के लिए चालबाज लोग साजिश कर रहे हैं. महंत नरेंद्र गिरी के शव के पास एक सुसाइड नोट मिला है. इस सुसाइड नोट में तीन लोगों के नाम दिए गए हैं. इसमें आद्या तिवारी, संदीप तिवारी और आनंद गिरी के नाम शामिल हैं. इसके सामने आने के बाद पुलिस ने इन लोगों की ओर जांच शुरू कर दी है. इसी के बाद आनंद गिरी को हरिद्वार में हिरासत में लिया गया है.

‘मेरा उनसे नहीं मठ की जमीन को लेकर विवाद था’:आनंद गिरी
नरेन्द्र गिरी की रहस्यमय परिस्थिति में मौत के बाद आनंद गिरी बताया, ‘अभी मैं हरिद्वार में हूं, कल प्रयागराज पहुंचकर देखूंगा क्या सच है.’ आनंद गिरी ने कहा ‘हमें अलग इसलिए किया गया, ताकि एक का काम तमाम हो सके. नरेंद्र गिरी से विवादों पर आनंद गिरी ने कहा कि ‘मेरा उनसे नहीं मठ की जमीन को लेकर विवाद था.’ आनंद गिरी ने कहा- ‘शक के दायरे में कई लोग हैं, उन्होंने ही नरेंद्र गिरी को मेरे खिलाफ किया.’ इसके साथ ही आनंद ​गिरी ने उनकी मौत पर कुछ बड़े लोगों और एक पुलिस के अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं.

आनंद गिरी पर रहे संगीन आरोप
संत आनंद गिरी पर दो अलग-अलग मौकों पर दो महिलाओं के साथ मारपीट का आरोप लगा था. आरोप के मुताबिक उन्हें दो अवसरों पर हिंदू प्रार्थना के लिए अपने घरों में आमंत्रित किया गया था. जहां 2016 में उन्होंने अपने घर के बेडरूम में एक 29 वर्षीय महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की. इसके बाद 2018 में, गिरि ने लाउंज रूम में 34 वर्षीय एक महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट की.

Bihar: CM नीतीश के जनता दरबार में रिटायर्ड शिक्षक की अनोखी फरियाद, कहा- मेरे गांव को UP में शामिल करवाइए

गोपालगंज जिले का रहनेवाला एक रिटायर्ड शिक्षक ने अपने गांव को उत्तर प्रदेश में शामिल करने की मांग कर डाली.

Bihar News: सीएम नीतीश कुमार के जनता दरबार में सोमवार को एक अजीबोगरीब मामला आया जिसमें गोपालगंज जिले के रहनेवाले रिटायर्ड शिक्षक योगेन्द्र मिश्रा ने अपने गांव को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में शामिल करने की मांग कर डाली. यह अनोखी फरियाद सुनकर मुख्यमंत्री कुछ देर के लिए भौंचक्के रह गए

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  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 21:30 IST
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पटना. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के जनता दरबार (Janata Darbar) में एक से बढ़कर एक मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन सोमवार को मुख्यमंत्री के सामने एक अजीबोगरीब मामला आया. गोपालगंज (Gopalganj) जिले के रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक योगेन्द्र मिश्रा ने अपने गांव को उत्तर प्रदेश में शामिल करने की मांग कर डाली. इस अनोखी मांग पर नीतीश कुमार ने कुछ देर तक चुप्पी साध लिया, लेकिन बाद में उन्हें संबंधित अधिकारियों के पास भेज दिया. बताया जा रहा है कि योगेन्द्र मिश्रा का गांव उत्तर प्रदेश की सीमा के बिल्कुल सटा हुआ है. इसको लेकर ही बुजुर्ग शिक्षक ने मुख्यमंत्री से मांग रखी कि यूपी का कुशीनगर जिला उनके गांव से महज एक किलोमीटर दूर है. इसलिए बेहतर होगा कि उनके गांव को यूपी में शामिल करवा दिया जाए.

अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य योगेन्द्र मिश्रा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कहा कि मैं रिटायरमेंट के बाद से जनसेवा करता आ रहा हूं. गांव की भौगोलिक परिस्थिति साफ बताती है कि उसे बिहार की बजाए उत्तर प्रदेश का हिस्सा होना चाहिए. इसलिए आपसे आग्रह है कि मेरे गांव को यूपी में शामिल करा दिया जाए. मुख्यमंत्री उनकी इस मांग को सुनकर चौंक गए और आवेदक को संबंधित विभाग के अधिकारी के पास भेज दिया.

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जनता दरबार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने शायद ही पहले कभी ऐसा कोई मामला आया हो

रिटायर्ड शिक्षक ने CM  नीतीश से की अजीबोगरीब मांग
सीएम नीतीश कुमार के सामने शायद ही पहले कभी ऐसा कोई मामला आया हो, जिसमें यह मांग की गई हो कि उसके गांव को उत्तर प्रदेश का हिस्सा होना चाहिए, न कि बिहार में. हालांकि, यह मांग पूरी करना नामुमकिन है. इसके बावजूद नीतीश कुमार ने धैर्य के साथ बुजुर्ग शिक्षक की बात सुनी और उन्हें अधिकारियों के पास भेज दिया.

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सोमवार को नीतीश कुमार के जनता के दरबार कार्यक्रम में 123 आवेदकों को शामिल किया गया. मुख्यमंत्री ने सभी मामलों को सुनकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. जनता दरबार में आए एक और व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से गांव के दबंग मुखिया की करतूत की शिकायत की जिस पर उन्होंने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने को कहा.

RIP Mahant Narendra Giri: महंत नरेंद्र गिरि के निधन से शोक में डूबी अयोध्या, CM योगी ने दी श्रद्धांजलि

RIP Mahant Narendra Giri: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का निधन हो गया.

RIP Mahant Narendra Giri: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर देशभर के नेताओं ने जताया शोक. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत कई अन्य नेताओं ने दी श्रद्धांजलि.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 20, 2021, 19:28 IST
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अयोध्या. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी के निधन से धर्मनगरी अयोध्या में शोक की लहर दौड़ गई है. अयोध्या में उनके निधन का समाचार पहुंचते ही संतों में शोक की लहर दौड़ गई. देशभर के नेताओं ने भी महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर श्रद्धांजलि व्यक्त की है. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व सीएम अखिलेश यादव, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है. हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के निधन बेहद दुखद बताया है. राजू दास ने कहा कि भगवान से प्रार्थना है कि मृत आत्मा को शांति प्रदान करें. नरेंद्र गिरी का निधन साधु समाज के लिए अपार क्षति के समान है.

हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि स्व. नरेंद्र गिरि सनातन धर्म की रक्षा के लिए समर्पित रहते थे. सभी वर्ग और सभी सम्प्रदायों में उनका सम्मान था. न सिर्फ हिंदू धर्म, बल्कि अन्य धर्मों के लोग भी उन्हें सम्मान देते थे. राजू दास ने कहा कि उनका निधन सनातन धर्म के लिए अपार क्षति है. दुख की घड़ी में उनके अनुयायियों और शिष्यों को ईश्वर कष्ट सहन करने की शक्ति दे.

इधर, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महंत के निधन को आध्यात्मिक जगत के लिए क्षति बताया है. सीएम योगी ने ट्वीट किया, ‘अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि जी का ब्रह्मलीन होना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है. प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल अनुयायियों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें. ॐ शांति!’ यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत कई अन्य नेताओं ने भी महंत नरेंद्र गिरि के देहांत पर शोक संवेदना प्रकट की है.

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RIP Mahant Narendra Giri: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत नरेंद्र गिरि के निधन पर शोक प्रकट किया.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत कई अन्य नेताओं ने भी नरेंद्र गिरि के देहांत पर शोक संवेदना प्रकट की है. अखिलेश यादव ने उनके निधन पर ट्वीट किया, ‘अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पूज्य नरेंद्र गिरी जी का निधन, अपूरणीय क्षति! ईश्वर पुण्य आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व उनके अनुयायियों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें. भावभीनी श्रद्धांजलि.’

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RIP Mahant Narendra Giri: सपा प्रमुख अखिलेश यादव, एमपी के सीएम शिवराज समेत कई नेताओं ने नरेंद्र गिरि के निधन पर शोक प्रकट किया.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी महंत के निधन पर गहरी शोक संवेदना प्रकट की. उन्होंने कहा, ‘अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पूज्य संत महंत नरेंद्र गिरी जी महाराज के देवलोकगमन की दुःखद सूचना मिली. सनातन धर्म के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले पूज्य स्वामीजी द्वारा समाज के कल्याण में दिए योगदान को सदैव याद किया जाएगा. ईश्वर उनकी आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें.’

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RIP Mahant Narendra Giri: यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने नरेंद्र गिरि के निधन पर जताया शोक.

यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष के देहांत पर संवेदना प्रकट की है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि पूज्य महंत नरेंद्र गिरि जी महाराज ने ख़ुदकुशी की होगी, स्तब्ध हूं, निःशब्द हूं, आहत हूं, मैं बचपन से उन्हें जानता था, साहस की प्रतिमूर्ति थे,मैंने कल ही सुबह 19 सितंबर को आशीर्वाद प्राप्त किया था, उस समय वह बहुत सामान्य थे बहुत ही दुखद असहनीय समाचार है ! पूज्य महाराज जी ने देश धर्म संस्कृति के लिए जो योगदान दिया है उसे भूलाया नहीं जा सकता है ,अश्रुपूर्ण विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. भगवान से प्रार्थना है कि सभी भक्तों शिष्यों को दुख सहने की शक्ति दें भगवान पुण्यात्मा को चरणों में स्थान दें !! ॐ शान्ति शान्ति शान्ति’

किसानों की खर्च हो अठन्नी, आमदनी हो रुपैया यूपी सरकार का बड़ा फैसला, जानें प्लान

प्रदेश सरकार ने साढ़े चार सालों में किसानों की आय दोगुनी करने के साथ उनको तकनीक से जोड़ने का काम किया है.

Govt. plan : प्रदेश की 27 मंडियों को आधुनिक किसान मंडी के रूप में डेवलप किया जा रहा है. किसानों को तकनीक से जोड़ने के लिए 69 कृषि विज्ञान केंद्रों के अलावा 20 अन्य कृषि विज्ञान केंद्र निर्मित कराए जा रहे हैं.

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लखनऊ. किसानों को कम लागत में अधिक उत्‍पादन देने के लिए गन्‍ना शोध परिषद शाहजहांपुर की तर्ज पर यूपी का गन्‍ना विभाग सेवरही के गन्‍ना शोध परिषद और मुजफ्फरनगर केंद्र में भी जैव उत्‍पादों का उत्‍पादन करेगा. इन केंद्रों पर भी अब ट्राइकोडर्मा, वाबेरिया के साथ-साथ ट्राइकोकार्ड व पीसीबी का उत्‍पादन किया जाएगा. इससे अधिक संख्‍या में किसानों को उच्‍च गुणवत्‍ता के बीज मिलने में आसानी होगी. वह कम लागत में अच्‍छी फसल पैदा कर सकेंगे. इस संबंध में गन्ना विकास विभाग के अपर मुख्‍य सचिव संजय भूसरेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है.

अपर मुख्‍य सचिव के अनुसार, जैव उत्पादों के उत्पादन और बीज उत्पादन के लिए गन्ना शोध परिषद, सेवरही एवं गन्ना शोध परिषद, मुजफ्फरनगर केंद्र पर भी जैव उत्पाद, ट्राइकोडर्मा, वाबेरिया, बैसियाना, मेटाराइजियम एनीसोपली, आर्गेनोडीकंपोजर के साथ-साथ ट्राइकोकार्ड, एजोटोबैक्टर और पीएसबी का उत्पादन किया जाएगा. इससे बीज संवर्द्धन की नवीन तकनीक और टिश्यू कल्चर से तेज गति से बीजों का संवर्धन किया जा सकेगा. इससे अधिक से अधिक किसानों को बीज उपलब्ध हो सकेंगे. इसके अलावा उन्‍होंने वैज्ञानिकों से किसान हित से जुड़े शोधों को बढ़ावा देने का निर्देश भी दिया है. इससे किसानों की लागत कम करके उपज में वृद्धि की जा सकेगी.

प्रदेश सरकार ने साढ़े चार सालों में किसानों की आय दोगुनी करने के साथ उनको तकनीक से जोड़ने का काम किया है. सरकार ने कम समय में गन्‍ना किसानों को सबसे अधिक 1.44 लाख करोड़ रुपये का भुगतान कर उनको राहत पहुंचाने का काम किया है. प्रदेश की 27 मंडियों को आधुनिक किसान मंडी के रूप में डेवलप किया जा रहा है. किसानों को तकनीक से जोड़ने के लिए 69 कृषि विज्ञान केंद्रों के अलावा 20 अन्य कृषि विज्ञान केंद्र निर्मित कराए जा रहे हैं, जहां पर किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई तकनीकों पर शोध किया जा रहा है.

Explained: पंजाब में एक दलित नेता के CM बनने पर मायावती के तेवर क्यों हुए तल्ख, जानें वजह

पंजाब में दलित सीएम बनने पर तिलमिलाईं मायावती (File photo)

BSP Leader Mayawati News: दरअसल, दलित वोट बैंक से कांग्रेस और बसपा का क्या रिश्ता रहा है. आंकड़े बताते हैं कि 1985 के बाद से कांग्रेस का ग्राफ गिरता चला गया. 1985 में यूपी में कांग्रेस का वोट शेयर 39 फीसदी था.

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लखनऊ. पंजाब (Punjab) में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) ने एक दलित चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) को सीएम की कुर्सी पर बैठाया और इधर यूपी में मायावती (Mayawati) ने कांग्रेस पार्टी पर हमला बोल दिया. कांग्रेस और बसपा का दलित वोट बैंक से रिश्ता ही ऐसा है. एक का प्लस दूसरे का माइनस बन जाता है. दलित पहले कांग्रेस के साथ थे. जैसे जैसे उसका साथ छोड़ते गये, बसपा के साथ जुड़ते गए. इसीलिए कांग्रेस खत्म होती गयी और बसपा खिलती गयी. अब मायावती सशंकित रहती हैं कि कहीं दलित फिर से न कांग्रेस की ओर रुख कर लें. कांग्रेस की यही लालसा है कि उसका घर फिर से दलित बसा दें. झगड़ा इसी का है.

पंजाब और यूपी में अगले साल एक साथ विधानसभा चुनाव होने हैं. पंजाब में तो कांग्रेस ने दलित कार्ड चल दिया है लेकिन, इसे यूपी में भी खूब प्रचारित किया जाएगा. दलित वोट बैंक की गोलबंदी के लिए कांग्रेस पार्टी यूपी की अपनी रैलियों और सभाओं में भी इसे जोर जोर से बताएगी कि उसने एक दलित को सीएम बनाया. तो क्या उसके इस कदम से दलित वोटों का उसकी ओर खिंचाव हो पाएगा?

बसपा के लिए था टर्निंग प्वाइंट
दरअसल, दलित वोट बैंक से कांग्रेस और बसपा का क्या रिश्ता रहा है. आंकड़े बताते हैं कि 1985 के बाद से कांग्रेस का ग्राफ गिरता चला गया. 1985 में यूपी में कांग्रेस का वोट शेयर 39 फीसदी था. 1989 में ये गिरकर 29 फीसदी रह गया. 1991 में तो मात्र 18 फीसदी ही बचा. 1993 में और गिरकर 15 फीसदी पर आ टिका. यही वो चुनाव था जिसमें दलित वोटबैंक पूरी तरह कांग्रेस से टूटकर बसपा के खेमे में जा खड़ा हुआ. बसपा के आंकड़े देखिए. 1989 और 1991 के चुनाव में बसपा को मात्र 10 फीसदी वोट मिले थे लेकिन, 1993 में उसका वोट शेयर बढ़ गया. पार्टी को 28 फीसदी से ज्यादा वोट मिले. बसपा के लिए यही चुनाव टर्निंग प्वाइंट था.

दलितों के सहारे सीएम बनीं मायावती
इस चुनाव में दलित वोट बैंक कांग्रेस से पूरी तरह टूटकर बसपा के खेमे में आ चुका था. तब से लेकर आज तक बसपा गिरती हालत में भी 20 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल करती रही है और कांग्रेस 10 फीसदी से कम (2012 के चुनाव को छोड़कर). बता दें कि इसी के बाद बसपा को सत्ता में आने का मौका हासिल हुआ. मायावती इसी वोट बैंक के सहारे चार बार सीएम बनीं. भले ही ये कहा जाए कि मायावती को सीएम बनाने में और भी कई समुदायों का वोट बैंक शामिल रहा है लेकिन, कोर वोट बैंक तो दलित समुदाय ही माना जाता है.

बसपा को भाजपा से ज्यादा कांग्रेस से खतरा
अब कांग्रेस बसपा से इस वोट बैंक की छीनाझपटी में लगी है. ऐसा होते देख मायावती भला चुप कैसे रह सकती हैं. उन्हें भी तो अपना घर बचाना है. लिहाजा वो भाजपा पर हमला बोलते-बोलते कांग्रेस को लपेटे में लेना नहीं भूलतीं. दलित वोट बैंक के खिसकने को लेकर उन्हें भाजपा से ज्यादा कांग्रेस से खतरा है. दलित कांग्रेस का पुराना वोट बैंक जो रहा है. यही वजह है कि पंजाब में कांग्रेस ने दलित चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम बनाया तो मायावती हमलावर हो उठीं. उन्हें डर है कि जो 1993 में हुआ कहीं उसका उल्टा न होने लगे.

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