लाइव टीवी

लखनऊ शूटआउट: विवेक तिवारी का हुआ अंतिम संस्कार, बड़े भाई ने दी मुखाग्नि

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 30, 2018, 9:53 AM IST
लखनऊ शूटआउट: विवेक तिवारी का हुआ अंतिम संस्कार, बड़े भाई ने दी मुखाग्नि
विवेक तिवारी की फाइल फोटो

बहरहाल, पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने मामले की जांच के लिए लखनऊ के पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडे की अगुवाई में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है.

  • Share this:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर इलाके में कथित रूप से पुलिस की फायरिंग में मारे गए एप्पल के एक सेल्‍‍‍स मैनेजर विवेक तिवारी का अंतिम संस्कार रविवार को किया गया. इस दौरान योगी में कानून मंत्री ब्रजेश पाठक और आशुतोष टंडन ने मृतक विवेक तिवारी के परिजनों से भैंसाकुंड पहुंचकर मुलाकात की. उनके आवास पर कड़ी सुरक्षा के बीच पार्थिव शरीर को अंतिम क्रिया के लिए तैयार किया गया. बैकुंठ धाम में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी की गई थी. वहां पर प्रदेश सरकार की तरफ से विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन 'गोपाल' माजूद थे. इस अवसर पर मंत्री ब्रजेश पाठक ने पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया. विवेक तिवारी के बड़े भाई राजेश तिवारी ने उनको मुखाग्नि दी. उस समय वहां का माहौल बेहद गमगीन हो गया.

दरअसल मृतक की पत्नी ने पुलिस विभाग में नौकरी और एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, तब तक वह अपने पति का अंतिम संस्कार नहीं करेंगी. इस बीच लखनऊ के जिलाधिकारी कौशल राज ने परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में नौकरी और आर्थिक सहायता के रूप में 25 लाख रुपये देने का लिखित आश्वासन दिया.

इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में इस घटना के बारे में संवाददाताओं से कहा कि लखनऊ की घटना कोई मुठभेड़ की वारदात नहीं है. हम इसकी पूरी जांच कराएंगे. पहली नजर में दोषी दिख रहे पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. जरूरत पड़ेगी तो हम सीबीआई को भी इसकी जांच सौंपेंगे.

मंत्री ब्रजेश पाठक और आशुतोष टंडन


बहरहाल, पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने मामले की जांच के लिए लखनऊ के पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडे की अगुवाई में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है. पुलिस अधीक्षक (अपराध) और पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को इसका सदस्य बनाया गया है. साथ ही जिलाधिकारी से इसकी मजिस्टीरियल जांच के आदेश देने का आग्रह किया गया है.

विवेक तिवारी का परिवार


इससे पहले शनिवार को सना खान नाम की महिला ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार/शनिवार की रात करीब दो बजे वह अपने 38 वर्षीय सहकर्मी विवेक तिवारी के साथ कार से घर जा रही थीं. रास्ते में गोमतीनगर विस्तार इलाके में उनकी गाड़ी खड़ी थी. तभी सामने से दो पुलिसकर्मी आये तो तिवारी ने गाड़ी आगे बढ़ाने की कोशिश की.
Loading...

सना के मुताबिक पुलिसकर्मियों ने कार को रोकने की कोशिश की और गोली चलायी, जो तिवारी को लगी. इसके कारण बेकाबू हुई कार अंडरपास की दीवार से जा टकरायी. तिवारी को सिर में चोट आयी और काफी खून बहने लगा. उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां थोड़ी देर बाद उसकी मृत्यु हो गई.

ये भी पढ़ें:

राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर लखनऊ से अयोध्या कूच करेंगे प्रवीण तोगड़िया

BJP नेता बोले- जाति आधारित पुलिस भर्ती का नतीजा है एप्पल एक्‍जीक्‍यूटिव की हत्‍या

अलीगढ़ एनकाउंटर: नौशाद और मुस्तकीम की मां का आरोप- लड़कों को घर से उठा ले गई थी पुलिस

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लखनऊ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 30, 2018, 6:47 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...