बुन्देलखंड और ब्रज क्षेत्र के इन 16 जिलों में आज शाम पलटेगा मौसम, भीषण गर्मी से बड़ी राहत की उम्मीद
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बुन्देलखंड और ब्रज क्षेत्र के इन 16 जिलों में आज शाम पलटेगा मौसम, भीषण गर्मी से बड़ी राहत की उम्मीद
यूपी में आज मौसम में तेजी से बदलाव होने की संभावना है. (प्रतीकात्मक फोटो)

मौसम विभाग (Met Department) ने इस बदलाव के पीछे लोकल वेदर फैक्टर बताया है. हालांकि इन जिलों में 30 मई को बारिश की संभावना पहले से ही जताई गई है. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक मथुरा, आगरा, हाथरस, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, कन्नौज, इटावा और औरैया में शाम 6 बजे तक आंधी और हल्की बारिश की संभावना है.

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लखनऊ. मौसम विभाग (Met Department) काताजा अनुमान उत्तर प्रदेश के 16 शहरों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है. अनुमान जाहिर किया गया है कि बुधवार शाम तक इन 16 जिलों में अचानक मौसम पलटेगा. इसकी वजह से आंधी आएगी और हल्की बारिश भी हो सकती है. इससे तापमान में थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है.

इन जिलों में मौसम बदलने की संभावना

जिन जिलों में शाम तक मौसम बदलने की संभावना है, वे प्रदेश के सबसे ज्यादा तपिश की मार झेलने वाले जिले हैं. इनमें बुन्देलखंड और ब्रज क्षेत्र के जिले शामिल हैं. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक मथुरा, आगरा, हाथरस, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, कन्नौज, इटावा और औरैया में शाम 6 बजे तक आंधी और हल्की बारिश की संभावना है. बुन्देलखंड में जालौन, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट में भी मौसम पदलने के आसार हैं. फिलहाल झांसी और बांदा के लिए ऐसा कोई अनुमान जाहिर नहीं किया गया है.



30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
इसके अलावा कानपुर के आसपास के जिलों में भी मौसम करवट लेगा. कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव में शाम तक मौसम बदल जाएगा. इन सभी जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घण्टे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है. इसके साथ ही गरज के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है.

लोकल वेदर फैक्टर के कारण बदलाव

इस बदलाव के साथ ही भीषण तपिश की मार झेल रहे इन जिलों को बड़ी राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने इस बदलाव के पीछे लोकल वेदर फैक्टर बताया है. हालांकि इन जिलों में 30 मई को बारिश की संभावना पहले से ही जताई गई है.

लखनऊ मौसम विज्ञान विभाग में 35 सालों तक मौसम विज्ञानी की सेवा दे चुके रिटायर्ड बीके मिश्रा ने बताया कि जून के महीने से पछुआ हवा की जगह पुरवाई हवा चलने लगती है. रूक-रूक कर प्री-मॉनसून बारिश भी हो जाती है. ऐसे में जून के महीने में तापमान मई के मुकाबले थोड़ा नीचे आ जाता है. हालांकि ह्यूमिडिटी बढ़ने के कारण उमस से बेचैनी जरूर होती है लेकिन, हीट वेब्स का संकट कम हो जाता है. ह्यूमिडिटी की वजह से हवा में मौजूद वाष्प गर्मी को सोख लेते हैं. इससे तापमान नीचे आ जाता है.

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