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मुकुल गोयल को हटाए जाने के बाद UP का अगला DGP कौन? ये नाम रेस में चल रहे आगे

इसके बाद वरिष्ठता क्रमांक में डीजी इंटेलीजेंस डॉ. देवेन्द्र सिंह चौहान हैं. (File photo)

इसके बाद वरिष्ठता क्रमांक में डीजी इंटेलीजेंस डॉ. देवेन्द्र सिंह चौहान हैं. (File photo)

वर्तमान सरकार में लंबे समय तक एडीजी कानून एवं व्यवस्था के पद पर रहते हुए कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने में इनकी अहम भूमिका रही. दरअसल, यूपीएससी के नियमों के मुताबिक 3 सीनियर मोस्ट अधिकारियों का नाम पैनल में भेजा जाता है. इस हिसाब से पैनल राजेंद्र पाल सिंह,गोपाल लाल मीणा और आरके विश्वकर्मा का नाम भेजा जाएगा.

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लखनऊ. डीजीपी मुकुल गोयल को हटाए जाने के बाद नई तैनाती को लेकर अटकलों का बाजार गरम हो गया है. अब मुकुल गोयल को डीजीपी पद से मुक्त करते हुए डीजी नागरिक सुरक्षा के पद पर भेजा गया है. वरिष्ठता में चार आईपीएस अफसरों से नीचे होने के बावजूद डीजी इंटेलीजेंस डॉ. डीएस चौहान को डीजीपी पद की रेस में सबसे आगे माना जा रहा है. बता दें कि डीजी प्रशिक्षण डॉ. आरपी सिंह, डीजी नागरिक सुरक्षा बिश्वजीत महापात्रा, डीजी सीबीसीआईडी गोपाल लाल मीना भी वर्ष 1987 बैच के हैं. इसके बाद वर्ष 1988 बैच में पांच आईपीएस हैं, जिसमें वरिष्ठता क्रमांक में डॉ. राज कुमार विश्वकर्मा सबसे ऊपर हैं. वह उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष हैं. इसके बाद वरिष्ठता क्रमांक में डीजी इंटेलीजेंस डॉ. देवेन्द्र सिंह चौहान हैं.

1- डॉ. देवेंद्र सिंह चौहान
दावेदारों में पहला नंबर 1988 बैच के आईपीएस अफसर डॉ. देवेंद्र सिंह चौहान हैं. वर्तमान में डीजी इंटेलिजेंस के पद पर तैनात हैं. इनका रिटायरमेंट मार्च 2023 में होना है. वह 1988 बैच के आईपीएस हैं और 15 फरवरी 2020 से डीजी इंटेलीजेंस के पद पर कार्यरत हैं. डॉ. चौहान के पास उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के निदेशक का भी कार्यभार है.

2- आरपी सिंह
दावेदारों में डीजी ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) और एसआईटी के पद पर तैनात वर्ष 1987 बैच के अफसर आरपी सिंह का है. बीते दो सालों के दौरान ईओडब्ल्यू और एसआईटी की कई अहम जांचों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करके चर्चा में आए आरपी सिंह इस कुर्सी के अहम दावेदारों में से एक हैं. इनकी तैनाती से पहले ये दोनों ही इकाइयां लगभग निष्क्रिय पड़ी हुई थीं और जांचें लंबे समय से अटकी हुई थीं. पावर कॉरपोरेशन, पीएफ घोटाला, बाइक बोट घोटाला, सहकारिता भर्ती घोटाला, मदरसों में फर्जीवाड़ा जैसी जांचों में इनकी तेज कार्रवाई नजीर बनी. आरपी सिंह का फरवरी 2023 में रिटायरमेंट है.

3- आरके विश्वकर्मा
दावेदारों में डीजी भर्ती बोर्ड आरके विश्वकर्मा का नाम है. वर्ष 1988 बैच के आरके विश्वकर्मा का मई 2023 में रिटायरमेंट है. तेजतर्रार और टेकसेवी अफसरों में इनकी गिनती की जाती है. 112 यूपी प्रॉजेक्ट को जमीन पर उतारने में इनकी भी अहम भूमिका रही है. सरकार की जातीय समीकरण की राजनीति के लिहाज से भी इनकी दावेदारी आती है.

4- गोपाल लाल मीणा
1987 बैच के गोपाल लाल मीणा का है. वर्तमान में यह डीजी राज्य मानवाधिकार आयोग के पद पर तैनात हैं और जनवरी 2023 में इनका रिटायरमेंट है. लेकिन इनको भी सीएम की नाराजगी के बाद डीजी होमगार्ड के पद से हटाया गया था. इनके कार्यकाल में होमगार्ड में ड्यूटी के नाम पर फर्जीवाड़ा घोटाला सामने आया था. जिसके बाद इन्हें हटाया गया था.

5- आनंद कुमार
दावेदारों में आखिरी नंबर पर नाम है डीजी जेल आनंद कुमार का. वर्ष 1988 बैच के आईपीएस आनंद अप्रैल 2024 में रिटायर होंगे. दावेदारों में सबसे ज्यादा समय इनके पास ही है. कई मामलों के लिए बदनाम यूपी की जेलों को सुधारने में बड़े पैमाने पर काम किया है. वर्तमान सरकार में लंबे समय तक एडीजी कानून एवं व्यवस्था के पद पर रहते हुए कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने में इनकी अहम भूमिका रही. दरअसल, यूपीएससी के नियमों के मुताबिक 3 सीनियर मोस्ट अधिकारियों का नाम पैनल में भेजा जाता है. इस हिसाब से पैनल राजेंद्र पाल सिंह,गोपाल लाल मीणा और आरके विश्वकर्मा का नाम भेजा जाएगा.

Tags: Akhilesh yadav, Bjp government, CM Yogi, Lucknow News Today, Up crime news, UP DGP, UP Police उत्तर प्रदेश, Yogi government

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