UP: थोक विक्रेता ले सकेंगे शराब की दुकान, मॉडल शॉप, बीयर बार और पर्सनल बार का लाइसेंस

आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री

आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री

Lucknow News: उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के थोक विक्रेता देशी शराब, विदेशी शराब, मॉडल शॉप, बीयर बार और पर्सनल बार का लाइसेंस ले सकेंगे. इसके लिये इच्छुक व्यक्ति 31 मार्च 2021 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election) और होली (Holi) त्योहार को देखते हुए आबकारी मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री ने (Excise Department) एक अहम समीक्षा बैठक की. बैठक में आबकारी मंत्री ने प्रदेश में राजस्व बढ़ाने और अवैध शराब के निर्माण, व्यापार और तस्करी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए अब तक के कार्यों की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि बीते दिनों प्रदेश में अवैध शराब से कई जिलों में हुई मौतों और भ्रष्टाचार की घटनाओं से सरकार की छवि धूमिल हो रही है. मंत्री ने तत्काल प्रभाव से बेहद कड़ाई के साथ प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार को रोके जाने का निर्देश दिया.

आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान आबकारी मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री नें कहा कि प्रदेश में अवैध मदिरा के निर्माण, व्यापार और तस्करी जैसी गतिविधियों पर पूर्ण रूप से रोक लगाई जाए, जिससे राजस्व में और अधिक बढ़ोत्तरी हो सके. आगामी त्योहार होली और पंचायत चुनाव के दृष्टिगत विभाग के आला अधिकारियों को पैनी नजर रखने की आवश्यकता है. प्रवर्तन का कार्य युद्धस्तर पर किया जाये और उसके परिणाम भी दिखाई दें.

थोक विक्रेता लाइसेंस के लिए 31 मार्च तक करें आवेदन

संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों के थोक विक्रेता देशी शराब, विदेशी शराब, मॉडल शाप, बीयर बार और पर्सनल बार का लाइसेंस ले सकेंगे. इसके लिये इच्छुक व्यक्ति 31 मार्च 2021 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते है. जहां पर उस व्यक्ति को अनुज्ञापन शुल्क की जानकारी तथा उससे जुड़े नियम एवं शर्तों की जानकारी आसानी से मिल जाएगी. अधिक जानकारी के लिए जिला आबकारी अधिकारी के कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं.
'शराब के अवैध व्यापार पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगा'

मंत्री ने कहा कि आबकारी विभाग का प्रदेश की जीडीपी बढ़ाने में विशेष योगदान है, जिसके चलते प्रदेश सरकार भी विभाग के प्रति अथक प्रयास कर रही है. प्रदेश में बीते दिनों हुई घटनाओं से विभाग तथा सरकार की छवि धूमिल हो रही है. अवैध मदिरा के व्यापार पर अभी पूर्णतः अंकुश नहीं लगा है. विशेष रूप से हरियाणा व दिल्ली के बॉर्डर से लगे जनपदों के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध मदिरा के व्यापार के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करें. आसवनियों के कार्य-कलापों पर कड़ा नियंत्रण रखें.

अवैध शराब के खिलाफ सख्ती से चलाने के निर्देश



आबकारी मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री ने आगे कहा कि फरवरी तक आबकारी विभाग से 25704 करोड़ रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. जो पिछले वर्ष की अपेक्षा 218 करोड़ रूपये अधिक है. लेकिन, और अधिक राजस्व प्राप्ति के लिये तत्काल प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ सख्ती से अभियान चलाया जाए. एथनॉल की आपूर्ति के लिए शीरे का अधिक से अधिक उपयोग एथनॉल के लिए किया जा रहा है. ऐसी दशा में शीरे पर भी विशेष निगाह रखने की जरूरत है, ताकि इसका डाइवर्जन अवैध मदिरा के निर्माण के लिये न हो सके.

ओवररेटिंग पर नियंत्रण करें नहीं तो होगी कार्रवाई

इस दौरान आबकारी मंत्री ने प्रदेश के कई जनपदों से ओवर रेटिंग की लगातार मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताई. ओवर रेटिंग में संलिप्त अधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई किये जाने के निर्देश दिये हैं. साथ ही राजस्व लक्ष्यों की पूर्ति को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करते हुए न सिर्फ आसवनियों से अल्कोहल व मदिरा की निकासी पर पूर्ण सतर्कता बरतने के निर्देश दिये हैं, बल्कि मदिरा की दुकानों की भी नियमित चेकिंग मे किसी तरह की लापरवाही न बरते जाने का निर्देश दिया है.

आबकारी दफ्तरों में लगेगा बायोमीट्रिक सिस्टम

समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय आर भूसरेड्डी ने कहा कि अब प्रदेश में आबकारी विभाग के कार्यालयों में बायोमैट्रिक उपस्थिति सिस्टम लगाया जायेगा. जिससे कार्यों के क्रियान्वयन में गतिशीलता मिलेगी. विभिन्न जनपदों में ओवररेटिंग की शिकायतें आ रही हैं, जहां पर मदिरा की दुकानों से एमआरपी से अधिक दाम पर मदिरा की बिक्री की जा रही है. ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी जो ऐसे कार्यों में लिप्त हैं, उनके खिलाफ जांच शुरू कराकर जल्द ही कठोर कार्रवाई की जायेगी.
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