पैरोल के बाबजूद UP की जेलों से क्यों रिहा नहीं होना चाहते कैदी, DG जेल ने बताई वजह

पैरोल पर बाहर न जाने वाले कैदियों को महसूस हो रहा है कि वे जेल में ज्यादा सुरक्षित और स्वस्थ हैं.. (फाइल फोटो)

पैरोल पर बाहर न जाने वाले कैदियों को महसूस हो रहा है कि वे जेल में ज्यादा सुरक्षित और स्वस्थ हैं.. (फाइल फोटो)

यूपी की जेलों से चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यूपी की 9 जिलों के 23 कैदियों ने लिखकर दिया है कि वे पैरोल पर रिहा होना नहीं चाहते और जेल में रहकर ही अपनी सजा पूरी करना चाहते हैं.

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लखनऊ. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कोरोना के चलते जेलों से भीड़ कम करने के लिए जेलों से कैदियों की पैरोल पर रिहाई और अंतरिम जमानत पर रिहा किया जा रहा है. लेकिन यूपी की जेलों से चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यूपी की 9 जिलों के 23 कैदियों ने लिखकर दिया है कि वे पैरोल पर रिहा होना नहीं चाहते और जेल में रहकर ही अपनी सजा पूरी करना चाहते हैं. यूपी के डीजी जेल आनंद कुमार से जब इसका कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पहली वजह तो यह है कि पैरोल पर रिहा होने के बाद वापस जेल में आकर अपनी सजा पूरी करनी ही होती है. दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की जेलों में कैदियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है. पैरोल पर बाहर न जाने वाले कैदियों को महसूस हो रहा है कि वे जेल में ज्यादा सुरक्षित और स्वस्थ हैं, शायद इसीलिए वह पैरोल पर बाहर जाना नहीं चाहते हैं.

डीजी जेल ने बताया कि महाराजगंज जेल के दो, झांसी जेल के एक, मेरठ जेल के एक, आगरा जेल के एक, गाजियाबाद जेल के चार, गोरखपुर जेल के चार, लखनऊ जेल के सात, रायबरेली जेल के दो और नोएडा जेल के एक बंदी ने पैरोल पर रिहा होने से मना किया है. इन कैदियों ने जेल प्रशासन को लिखकर दिया है कि वे पैरोल पर जेल से बाहर जाना नहीं चाहते. डीजी जेल ने बताया कि यूपी की जेलों में 45 साल से ऊपर के 92% बंदियों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज़ मिल चुकी है और इनमें से 50% बंदियों को दोनों डोज़ मिल चुकी हैं. लिहाजा यूपी की जेलों के बंदी और कैदी खुद को ज्यादा स्वस्थ और सुरक्षित महसूस करते हैं.

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