आखिर योगी सरकार ने शिवपाल को क्यों दिया मायावती का 'शाही बंगला'!

शिवपाल यादव को बंगला देने के पीछे योगी सरकार की मंशा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सियासी महकमें में सवाल उठेंगे कि क्या शिवपाल के ऊपर बीजेपी का हाथ है.

NAVEEN LAL SURI | News18Hindi
Updated: October 13, 2018, 10:45 AM IST
आखिर योगी सरकार ने शिवपाल को क्यों दिया मायावती का 'शाही बंगला'!
शिवपाल सिंह यादव
NAVEEN LAL SURI | News18Hindi
Updated: October 13, 2018, 10:45 AM IST
यूपी सरकार ने शिवपाल सिंह यादव को वो सरकारी बंगला रहने के लिए दे दिया है जो कुछ वक्त पहले तक बीएसपी सुप्रीमो मायावती के पास था. मुख्यमंत्री रहते हुए मायावती ने इस पर काफी पैसा लगाया था. जिसको लेकर सियासी महकमें में एक बार हलचल फिर शुरू हो गई है. यह बंगला शिवपाल को क्यों दिया गया है, इस पर भी अटकलबाजी तेज हो गई है. सवाल उठने लगे हैं कि जसवंतनगर से विधायक शिवपाल को इतना बड़ा बंगला क्यों आवंटित किया गया है?.

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इस संबंध में न्यूज18 यूपी के एग्जीक्यूटिव एडिटर अमिताभ अग्निहोत्री कहते हैं कि शिवपाल ने मीडिया में कहा, "मैं पांच बार से विधायक रहा हूं. इंटेलिजेंस ब्यूरो की तरफ से रिपोर्ट भी मिली थी. बंगला आवंटन के लिए मैंने प्रार्थना पत्र दिया था, जिसके बाद यह बंगला आवंटित किया गया है.' अमिताभ बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में तो कई ऐसे भी नेता है जो 8 बार के विधायक है. उदाहरण के तौर पर निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया जो 6 बार से विधायक है. अमिताभ अग्निहोत्री ने दावा करते हुए कहा कि 403 विधायकों में ऐसे 40-45 विधायक मौजूद है जो 6-7 बार से विधायक है.

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न्यूज18 यूपी के एग्जीक्यूटिव एडिटर का मानना है कि यह कोई सामान्य बंगला नहीं है. ये एक विशेष समुदाय से जुड़ा हुआ बंगला है. वो लाल पत्थरों वाला एक आलीशान बंगला है. शिवपाल यादव को बंगला देने के पीछे योगी सरकार की मंशा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सियासी महकमें में सवाल उठेंगे कि क्या शिवपाल के ऊपर बीजेपी का हाथ है.

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शिवपाल यादव को आलीशान बंगला देने के बाद यूपी में सियासी पारा चढ़ने लगा है. राजनीतिक विश्लेषण के मुताबिक, अखिलेश यादव अंसल में रह रहे है. वहीं एलडीए ने उनके मकान का नक्शा भी स्वीकृत नहीं किया. अखिलेश और चाचा शिवपाल में तनातनी की खबरें कई बार सार्वजनिक रूप से कई बार सामने आ चुकी है. वहीं लखनऊ के लुटियनजोन में चाचा शिवपाल को बंगला दिया गया.
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बीजेपी यह पूरी तरह से जानती है कि अगर शिवपाल 2019 के चुनाव में एटा, इटावा, मैनपुरी और पूर्वांचल के कुछ जिले में अखिलेश यादव के वोट बैंक में सेंधमारी कर सकते है. जिसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा. सूत्रों के मुताबिक कुल मिलकर बीजेपी ने शिवपाल यादव को चुनाव के लिए हायर किया है. जिसकी उपयोगिता महज चुनाव तक की सीमित रहेगी, नतीजा कुछ भी आए लोकसभा चुनाव के बाद शिवपाल यादव को कुछ फायदा होने वाला नहीं हैं.

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हालांकि यह कयास भी लगाया जा रहा है कि 2019 के लिए बीजेपी शिवपाल को आगे कर सपा बसपा गठबंधन की धार को कुंद करना चाहती है. पिछले दिनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य कह भी चुके हैं कि शिवपाल अपनी पार्टी का विलय बीजेपी में करवा लें.

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