UP Panchayat Chunav 2021: क्या नथुनी, चूड़ी, पायल, बिछुआ और बिंदिया बदलेगा यूपी पंचायत चुनाव का मिजाज?

पर्दे के पीछे नकदी के बदले में वोटरों को लुभाने के लिए कई तरह के व्यवहार का किया जा रहा है. (फाइल फोटो)

पर्दे के पीछे नकदी के बदले में वोटरों को लुभाने के लिए कई तरह के व्यवहार का किया जा रहा है. (फाइल फोटो)

UP Panchayat Chunav 2021: उम्मीदवारों (Candidates) के द्वारा वोटरों (Voters) को लुभाने के लिए कई तरह के तरकीब अपनाए जा रहे हैं. खासकर महिला मतदाताओं (Women Voters) को लुभाने के लिए साड़ी, चूड़ी, नथुनी, बिंदिया, अंगूठी, पायल और बिछुआ सहित कई तरह के उपहार (Gifts) दिए जा रहे हैं.

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गाजियाबद. यूपी पंचायत चुनाव- 2021 (UP Panchayat Chunav - 2021) में वोटरों (Voters) को लुभाने के लिए उम्मीदवार अब पर्दे के पीछे कई तरह के तरकीब  शुरू कर दिए हैं. खासकर महिला वोटरों (Women Voters) को लुभाने के लिए साड़ी, चूड़ी, नथुनी, बिंदिया, अंगूठी, पायल और बिछुआ सहित कई तरह के उपहार (Gifts) दिए जा रहे हैं. वहीं, परदेसी मतदाताओं के लिए बस, ट्रेन और हवाई टिकट (Bus, Train and Air Tickets) जैसे प्रलोभन दिए जा रहे हैं. बता दें कि शराब बांटने का खेल तो पुराना हथकंडा है, जो इस चुनाव में भी धड़ल्ले से चल रहा है. यूपी के इस त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में दावेदारों ने अब खुलकर हाथ आजमाना शुरू कर दिया है. ऐसे में सवाल यह है कि क्या साड़ी, चूड़ी, नथुनी, अंगूठी, पायल और बिछुआ से यूपी पंचायत चुनाव का मिजाज बदलने वाला है?

मांगलिक आयोजनों पर ऐसे रहती है उम्मीदवारों की नजर

गांव से लेकर शहर तक शादी-विवाह और विदाई जैसे मांगलिक आयोजनों पर भी उम्मीदवारों की पैनी नजर रहती है. बच्चों के जन्मदिन समारोह, मुंडन और इस तरह के कई आयोजनों पर लोग तो मिलते-जुलते ही रहते हैं, लेकिन अब इस मिलने-जुलने के बहाने उम्मीदवारों ने व्यवहार का दौर भी शुरू कर दिया है. गांव-देहात में इस तरह के आयोजन प्रत्याशियों के लिए मतदाताओं को रिझाने का एक जरिया बनता जा रहा है.

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गांव से लेकर शहर तक शादी-विवाह और विदाई जैसे मांगलिक आयोजनों पर भी उम्मीदवारों की नजर है.

आचार संहिता से बचने के लिए अपना रहे ये हथकंडे

गांव-गांव में होने वाले इस तरह के आयोजनों पर सरकारी तंत्र की खास नजर नहीं पड़ती है. लिहाजा, दावेदार आचार संहिता से बचने के लिए नए-नए प्रयोगों के साथ व्यवहार पहुंचा रहे हैं. यह व्यवहार नकद कम कीमती वस्तुओं के रूप में ज्यादा नजर आ रहा है. कोई साड़ी गिफ्ट में दे रहा है तो कोई पायल और बिछुआ जैसे उपहार महिला वोटरों को लुभाने के लिए भेज रहा है. ये उपहार परिवार में वोटों के हिसाब से दिए जा रहे हैं. अगर वोट ज्यादा है तो व्यवहार में वजन ज्यादा हो जाता है.

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महिलाओं के श्रृंगार आइटम की डिमांड बढ़ी

पर्दे के पीछे इस चुनाव में साड़ी, नथुनी, बिंदिया की धड़ल्ले से बांटने की शुरुआत हो गई है. यूपी पंचायत चुनाव में इसकी डिमांड बढ़ जाने से दुकानदारों ने स्टॉक भी बढ़ाना शुरू कर दिया है. इस समय पूरे यूपी में महिलाओं के श्रृंगार आइटम की डिमांड सबसे ज्यादा हो गई है. नकदी बांटने की चर्चा लगभग हर चुनाव में सुनने को मिलती है, लेकिन इस बार के पंचायत चुनाव में पुराने प्रयोगों के साथ-साथ नए ‘व्यवहार’ भी शुरू किए जा चुके हैं. ऐसे में अब देखना यह है कि प्रशासन इस नए प्रचलन या व्यवहार पर कैसे काबू पाता है.
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