क्‍या योगी आद‍ित्‍यनाथ के कोरोना पॉज‍िट‍िव होने से बंगाल चुनाव पर पड़ेगा असर? जानें

यूपी के सभी जिलों में अब हर रविवार को रहेगी साप्ताहिक बंदी (File photo)

यूपी के सभी जिलों में अब हर रविवार को रहेगी साप्ताहिक बंदी (File photo)

Uttar Pradesh News: पश्चिम बंगाल चुनाव के ल‍िए जारी बीजेपी की स्टार कैंपेनर की ल‍िस्‍ट में योगी आद‍ित्‍यनाथ का भी नाम है. सूत्रों की माने तो पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के बाद राज्य में सबसे ज्यादा योगी की रैलियों की मांग थी.

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कोरोना पॉजिटिव होने से पश्चिम बंगाल चुनाव में खासा असर पड़ा है. बीजेपी ने उनके आगे की सारी रैलियों को रद्द दी है. योगी आदित्यनाथ को 15 अप्रैल, 19 अप्रैल और 23 अप्रैल यानी तीन और दिन पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार करना था. इस दौरान तकरीबन 9 से 10 रैलियां और रोड शो योगी आदित्यनाथ को करने थे.

योगी आदित्यनाथ पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी के स्टार कैंपेनर है और सूत्रों की माने तो पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के बाद राज्य में सबसे ज्यादा इन्हीं की रैलियों की मांग थी. आपको बता दूं कि योगी आदित्यनाथ 16 मार्च, 25 मार्च, 3 अप्रैल, 7 अप्रैल और 8 अप्रैल यानी अब तक 5 दिनों में करीब 18 से 20 रैलियों और रोड शो क‍िए थे.

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बुधवार को ही योगी आदित्यनाथ ने खुद ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी कि वह कोरोना से संक्रमित हो चुके है. हालांकि राज्य के कामकाज को वे वर्चुअल माध्यम से देख रहे है. सूत्रों की माने तो पश्चिम बंगाल यूनिट ने कुछ वर्चुअल रैली की मांग की है, लेकिन उनके सेहत को देखते हुए अभी कुक भी फाइनल नही हुआ है.
पश्चिम बंगाल में योगी आदित्यनाथ का नाथ समुदाय का प्रभाव

योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के सीएम होने के साथ-साथ गोरखनाथ मठ के प्रमुख भी हैं. वह हिंदू धर्म के नाथ संप्रदाय के नेता हैं. नाथ समुदाय का संबंध बंगाल और असम दोनों जगहों से है. यहां तक गोरखपुर के अलावा कोलकता में भी गोरखनाथ मंदिर है, जिसको मानने वाले बड़ी संख्या में हैं. नाथ संप्रदाय का बंगाल के ग्रामीण इलाकों में अच्छा प्रभाव है.

असरदार प्रचारक



योगी आदित्यनाथ के साथ एक बात और भी जुड़ी हुई है कि वह परफॉर्मिंग प्रचारक हैं. बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान भी देखने को मिला. उन्होंने 18 सीटों पर भाजपा के लिए प्रचार किया, जिसमें से 13 सीटों पर पार्टी जीत गई. वहीं, हैदराबाद के लोकल चुनावों में वह प्रचार करने के लिए गए और रोड शो क‍िए. AIMIM को उसके गढ़ में पीछे छोड़ते हुए 46 सीटें हासिल की और दूसरे नंबर की पार्टी बनी.
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