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OPINION: प्रियंका के आने से बीजेपी ही नहीं सपा-बसपा गठबंधन के लिए भी चुनौती बनेगी कांग्रेस!
Lucknow News in Hindi

Amit Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: January 24, 2019, 11:22 AM IST
OPINION: प्रियंका के आने से बीजेपी ही नहीं सपा-बसपा गठबंधन के लिए भी चुनौती बनेगी कांग्रेस!
प्रियंका गांधी की फाइल फोटो

दरअसल पिछले तीन दशक से यूपी में हाशिए पर पहुंच चुकी कांग्रेस अब सिर्फ अमेठी और रायबरेली तक ही सिमित है. यही वजह है कि 12 जनवरी को सपा-बसपा के बीच हुए गठबंधन में उसे तवज्जो नहीं दी गई. जिसके बाद कांग्रेस के लिए यूपी की सभी 80 सीटों पर प्रत्याशी उतारना एक बड़ी चुनौती थी.

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लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रियंका गांधी के रूप में अपना ब्रह्मास्त्र चल दिया है. यूपी में एक अदद चेहरे की तलाश में जुटी कांग्रेस ने प्रियंका और ज्योतिरादित्य सिंधिया को कमान सौंप जहां एक तरफ लोकसभा चुनाव का मुकाबला दिलचस्प बना दिया है, वहीं दूसरी तरफ सूबे की सियासत में नई जान फूंक दी है. कहा जा रहा है कि प्रियंका के सक्रिय राजनीति में उतरने से बीजेपी ही नहीं सपा-बसपा गठबंधन के सामने भी एक बड़ी चुनौती है.

दरअसल पिछले तीन दशक से यूपी में हाशिए पर पहुंच चुकी कांग्रेस अब सिर्फ अमेठी और रायबरेली तक ही सीमित है. यही वजह है कि 12 जनवरी को सपा-बसपा के बीच हुए गठबंधन में उसे तवज्जो नहीं दी गई. जिसके बाद कांग्रेस के लिए यूपी की सभी 80 सीटों पर प्रत्याशी उतारना एक बड़ी चुनौती थी. अमेठी और रायबरेली को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी जिलों में कांग्रेस का कमजोर संगठन, चेहरे की कमी और हताश कार्यकर्ताओं के लिए प्रियंका गांधी का आना संजीवनी से कम नहीं होगा. माना जा रहा है कि प्रियंका के आने से पूर्वांचल ही नहीं पश्चिमी यूपी में भी संगठन को मजबूती मिलेगी. साथ ही कई सीटों पर मुकाबला भी त्रिकोणीय होगा.

यह भी पढ़ें- OPINION: प्रियंका गांधी के जरिए कांग्रेस की नजर बीजेपी के परंपरागत वोटबैंक पर

कहा जा रहा है कि प्रियंका गांधी की एंट्री मुस्लिम वोट बैंक पर सीधा असर कर सकती है और यह सपा व बसपा के लिए बड़ी चुनौती होगी. साथ ही बीजेपी के लिए भी 2014 के प्रदर्शन को दोहराना आसान नहीं होगा. दरअसल सपा-बसपा गठबंधन की नींव इसी बुनियाद पर रखी गई है कि आगामी चुनाव में दलित और मुस्लिम मतों का बिखराव न हो. जिससे सीधा फायदा गठबंधन को होगा. लेकिन प्रियंका गांधी के सक्रिय राजनीति में आने से सूबे की सियासत में एकदम से हलचल मच गई. अब तक बीजेपी और मोदी की हार चाहने वालों की पहली पसंद गठबंधन माना जा रहा था, लेकिन प्रियंका के आने से ऐसे लोगों को कांग्रेस से भी उम्मीद दिखने लगी है.



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कांग्रेस नेताओं की मानें तो सूबे में 19 फ़ीसदी मुस्लिम मतदाताओं का झुकाव बीजेपी के विरोध में भले ही गठबंधन की तरफ माना जा रहा था, लेकिन अब ऐसा नहीं होने वाला है. बड़े परिवेश में मुस्लिम मतदाताओं की नजर कांग्रेस के मजबूत प्रत्याशियों की ओर भी जाएगी. इसकी वजह यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी का मुकाबला कांग्रेस से ही है. साथ ही अगर किसी को स्पष्ट बहुमत न मिलने की स्थिति में भी सपा व बसपा बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस के साथ ही रहना पसंद करेंगे. ऐसे में अब तक जो मुकाबला बीजेपी और गठबंधन के बीच नजर आ रहा था, वह प्रियंका के आने से त्रिकोणीय हो जाएगा.

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लोकसभा चुनाव के दौरान यहां रहेंगी प्रियंका गांधी!

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First published: January 24, 2019, 9:14 AM IST
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अपडेटेड: April 09 (05:00 PM)
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स्रोत: जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, U.S. (www.jhu.edu)
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