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CAA-NRC Protest: कड़कती ठंड में बच्चों के साथ महिलाओं का विरोध प्रदर्शन जारी
Lucknow News in Hindi

भाषा
Updated: January 18, 2020, 12:22 PM IST
CAA-NRC Protest: कड़कती ठंड में बच्चों के साथ महिलाओं का विरोध प्रदर्शन जारी
सीएए-एनआरसी के विरोध में लखनऊ में शांतिपूर्ण प्रदर्शन (फाइल फोटो)

प्रदर्शन (Protest) कर रही महिलाओं (Women) ने आरोप लगाया कि उनके इस कार्यक्रम में व्यवधान डालने के लिए रात में घंटाघर की बिजली काट दी गई और जबरदस्त ठंड से बचाव के लिए उन्हें तंबू भी नहीं लगाने दिया गया.

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लखनऊ. दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर अब पुराने लखनऊ में भी महिलाओं और बच्चों ने संशोधित नागरिकता कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (NRC) को वापस लेने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन शुरू कर दिया है. शुक्रवार शाम से ही पुराने लखनऊ स्थित घंटाघर प्रांगण में 50 महिलाओं और बच्चों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके हाथों में सीएए और एनआरसी वापस लेने संबंधी नारे लिखे हुए बैनर और तख्तियां हैं.

महिलाओं ने किया प्रदर्शन समाप्त करने से मना
इस प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर पुलिस आयुक्त सुजीत पांडे अपने मातहत अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन महिलाओं ने मांग पूरी न होने तक अपना प्रदर्शन समाप्त करने से मना कर दिया. प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके इस कार्यक्रम में व्यवधान डालने के लिए रात में घंटाघर की बिजली काट दी गई और जबरदस्त ठंड से बचाव के लिए उन्हें तंबू भी नहीं लगाने दिया गया. बहरहाल इन मुश्किलों के बावजूद महिलाएं और बच्चे वहीं पर बैठे रहे और उनका प्रदर्शन सुबह भी जारी रहा.

पुलिस पर लगाया मारपीट का आरोप

प्रदर्शन में शामिल युवती वरीशा सलीम ने कहा कि यह प्रदर्शन दिल्ली के शाहीन बाग में हो रहे प्रदर्शन की तर्ज पर ही है और जब तक एनआरसी और सीएए को वापस नहीं लिया जाता तब तक यह जारी रहेगा. प्रदर्शन कर रही महिलाओं का समर्थन करने पहुंची सामाजिक कार्यकर्ता सदफ जाफर ने कहा कि सीएए एक असंवैधानिक कानून है और यह देश की आत्मा के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के नाम पर पुलिस ने इन महिलाओं के बच्चों को सड़कों पर मारा, घरों में घुसकर तोड़फोड़ की और संगीन धाराएं लगाकर हिरासत में जुल्म किया. ऐसे में महिलाओं ने कहा है कि अब वह देखेंगी कि पुलिस उनका दमन करने के लिए क्या तरीके अपनाती है.

हिंदुस्तानियत के खिलाफ CAA
सदफ ने कहा कि सरकार ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शनों को हिंसक बना कर जिस तरह से इस मुद्दे को हिंदू-मुस्लिम का रंग देने की कोशिश की उसके मद्देनजर महिलाएं यह बताना चाहती हैं कि सीएए मुसलमानों के खिलाफ नहीं बल्कि हिंदुस्तानियत के खिलाफ है. भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष देश की सरकार धर्म के आधार पर नागरिकता देने के बारे में सोच भी कैसे सकती है.ये भी पढ़ें: CAA के पक्ष में हैं 'द ग्रेट खली', बोले- 'भारत में आतंकवादियों को घुसने नहीं देंगे'

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First published: January 18, 2020, 12:22 PM IST
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