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Women’s Day Special: मिलिए लखनऊ की शीरोज़ कैफ़े चलाने वाली एसिड अटैक सर्वाइवर्स से जो पूरे आत्मविश्वास के साथ बनीं आत्मनिर्भर?

Women’s Day Special: मिलिए लखनऊ की शीरोज़ कैफ़े चलाने वाली एसिड अटैक सर्वाइवर्स से जो पूरे आत्मविश्वास के साथ बनीं आत्मनिर्भर?

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) पर हम बात करने जा रहे हैं शीरोज़ Sheroes कैफ़े की.जहां एसिड अटैक सर्वाइवर्स ने जिन्होंने ज़िंदगी से हार ना मानते हुए पूरे आत्मविश्वास के साथ आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं.ठीक 9 साल पहले 2013 में महिला दिवस के दिन ह?

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    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day)पर हम बात करने जा रहे हैं शीरोज़ Sheroes कैफ़े की.जहां एसिड अटैक सर्वाइवर्स ने जिन्होंने ज़िंदगी से हार ना मानते हुए पूरे आत्मविश्वास के साथ आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं.ठीक 9 साल पहले 2013 मेंमहिला दिवस के दिन ही शीरोज़ कैफ़े की शुरुआत हुई थी.उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आगरा में स्थित शीरोज कैफे में एसिड अटैक सर्वाइवर्स काम करती हैं.यह कैफे एक सोशल कौज Social Cause के तहत खोला गया था.जिससे इन पीड़िताओं को काम मिल सके,क्योंकि ज्यादातर देखा गया है कि एसिड अटैक होने के बाद लोग उनको काम नहीं देते थे.शीरोज़ कैफ़े Sheroes Cafe ने ऐसिड अटैक पीड़िताओं को एक नयी पहचान दी है और इन महिलाओं ने भी पूरे आत्मविश्वास से समाज का सामना कर आत्मनिर्भर बन गई हैं. न्यूज़18 लोकल की टीम ने इन लोगों से की ख़ास बातचीत.

    शीरोज़ कैफ़े के संचालक आलोक ने बताया कि हम इन पीड़िताओं के लिए फंड रेज़ भी करते हैं ताकि लोगों के डोनेशन की मदद से हम इनका ट्रीटमेंट भी करा सके क्योंकि ये सर्जरी और ट्रीटमेंट काफ़ी महंगे होते हैं इसलिए जो लोग मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाते हैं हम उनसे ही मदद लेते हैं.’स्टॉप एसिड अटैक’ अभियान चलाने वाले छांव फाउंडेशन ने इन लड़कियों के लिए मदद का हाथ बढ़ाया था.फाउंडेशन ने शीरोज कैफे में काम करने वाली 30 एसिडअटैक पीड़िताओं की मदद के लिए एक अभियान की शुरुआत की थी.

    लखनऊ से प्रियंका यादव की रिपोर्ट.

    Tags: International Women's Day, Lucknow news

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