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UP के प्रवासी श्रमिकों से घर वापसी के लिए अन्य राज्य ट्रेन का किराया न लें: सीएम योगी
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News18 Uttar Pradesh
Updated: May 19, 2020, 6:12 PM IST
UP के प्रवासी श्रमिकों से घर वापसी के लिए अन्य राज्य ट्रेन का किराया न लें: सीएम योगी
सीएम योगी की अन्य राज्यों से अपील (फ़ाइल तस्वीर)

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) ने कहा कि कोई भी राज्य सरकार यूपी के प्रवासी कामगारों/श्रमिकों (Migrant workers/labors) से ट्रेन का किराया न ले. उत्तर प्रदेश सरकार अपने सभी प्रवासी कामगारों/श्रमिकों के ट्रेन का किराया वहन करते हुए इन्हें प्रदेश में निःशुल्क ला रही है.

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लखनऊ. वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (Pandemic coronavirus) के चलते देशव्यापी लॉकडाउन (Lockdown 4.0) का चौथा चरण शुरू हो चुका है. काम-धंधे सब बंद हो गए हैं जिस वजह से सबसे ज्यादा परेशानी प्रवासी श्रमिकों (migrant workers) को उठानी पड़ रही है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद होने से ये अपने घरों को भी नहीं लौट पा रहे. भुखमरी की कगार पर पहुंचे इन श्रमिकों के पास न तो पैसे बचे हैं न आय का कोई जरिया. इन श्रमिकों की वापसी के लिए लॉकडाउन 3.0 से श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही हैं. लेकिन इन श्रमिकों से इस मुश्किल घड़ी में घर वापसी के लिए पैसे लिए जाने को लेकर सियासी पारा खूब गर्म है. ऐसे में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने दूसरे राज्यों से उत्तर प्रदेश वापस लौट रहे श्रमिकों से किराया न लिए जाने के लिए राज्य सरकारों से अपील करते हुए कहा है कि इन श्रमिकों का किराया उत्तर प्रदेश सरकार देगी.

प्रवासी कामगारों की प्रदेश में निःशुल्क वापसी
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) ने कहा कि कोई भी राज्य सरकार उत्तर प्रदेश के प्रवासी कामगारों/श्रमिकों से ट्रेन का किराया न ले. उत्तर प्रदेश सरकार अपने सभी प्रवासी कामगारों/श्रमिकों के ट्रेन का किराया वहन करते हुए इन्हें प्रदेश में निःशुल्क ला रही है. उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश वापस आने के इच्छुक प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को लाने के लिए सभी संबंधित राज्यों से ट्रेन संचालित की जाए.  विभिन्न राज्यों से 8.52 लाख प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को लेकर 656 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें प्रदेश में आ चुकी हैं. अगले दो दिन में 258 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें और आएंगी. इस प्रकार कुल 914 ट्रेनों की व्यवस्था कर दी गयी है. राज्य सड़क परिवहन निगम की 12 हजार बसों के माध्यम से प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को उनके गृह जनपद में भेजने की व्यवस्था की गयी है. इसके अलावा, प्रत्येक जिलाधिकारी के निवर्तन पर 200 बसें रखते हुए इस प्रकार सभी 75 जनपदों में 15 हजार बसें अतिरिक्त रूप से उपलब्ध करायी गयी हैं.

प्रवासी कामगारों की हुई सुरक्षित वापसी



21 लाख से अधिक प्रवासी कामगारों/श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के बाद लगभग इतनी संख्या में प्रवासी कामगार/श्रमिक अभी और आ सकते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने क्वारंटाइन सेंटर (Quarantine center) और कम्युनिटी किचन (Community kitchen)  व्यवस्था को आने वाले समय में भी सुचारू और व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि क्वारंटाइन केंद्रों तथा सामुदायिक रसोई व्यवस्था को और सुदृढ़ करते हुए आवश्यकतानुसार सीसीटीवी कैमरे (CCTV) लगाए जाएं. साफ-सफाई तथा सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की जाए. क्वारंटाइन / शेल्टर होम (Quarantine/shelter home) में प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को शुद्ध एवं पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध कराया जाए. पृथक-वास केंद्रों में पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था की जाए, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा की जांच की जा सके. उन्होंने बताया कि अब तक राज्य सरकार ने 21 लाख से अधिक प्रवासी कामगारों/श्रमिकों की प्रदेश में सकुशल व सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है.



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First published: May 19, 2020, 6:12 PM IST
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