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गांधी जयंती पर विशेष सत्र में बोले CM योगी- चर्चा में शामिल न होकर बेनकाब हुआ विपक्ष

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 3, 2019, 11:59 PM IST
गांधी जयंती पर विशेष सत्र में बोले CM योगी- चर्चा में शामिल न होकर बेनकाब हुआ विपक्ष
शुक्रवार को इस सत्र को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने समूचे विपक्ष को आड़े हाथों लिया.

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के 150वें जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में विधानसभा और विधान परिषद का विशेष सत्र (Special Session) बुलाया गया.

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लखनऊ. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) के 150वें जन्मदिन पर उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में विधानसभा और विधान परिषद का विशेष सत्र (Special Session) बुलाया गया है. शुक्रवार को इस सत्र को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने समूचे विपक्ष को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि मुझे लगा कि गांधी जी की 150वी जयंती पर कांग्रेस तो जरूर आएगी, लेकिन उनके लिए देश मे एक परिवार है. उन्हें उनके अलावा किसी और की तारीफ पसंद नही. उन्हें अम्बेडकर, पटेल, शास्त्री किसी से कोई मतलब नहीं है. पहले विपक्ष बोलने को लेकर बात करता था, लेकिन जब उनको बोलने के लिए कहा गया तो वे 9-2-11 हो गए.

विकास कार्यों का विस्तृत ब्योरा
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर आहूत विशेष सत्र के दौरान विधान परिषद में लगातर विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में यूपी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का विस्तृत ब्यौरा दिया. उन्होंने कहा कहा कि 'यह मेरा है, यह पराया' है. ये सोच छोटे चरित्र वाले लोग रखते हैं, बड़े चरित्र वालों के लिए दुनिया ही परिवार है.' सीएम ने कहा कि आज विपक्ष बेनकाब हो गया है. सदन में लगातर विकास और गरीबों की बेहतरी पर ऐतिहासिक चर्चा हो रही है. इससे गायब रहकर उसने साबित कर दिया कि उसका न तो गांधीजी के दर्शन से कोई सरोकार है और न गरीबों की खुशहाली से.

बोले-पीएम के संकल्प में हमें भी देना है योगदान

सीएम योगी ने कहा, 'हमने विशेष सत्र के लिए विपक्षी नेताओं के साथ भी बात की थी, लेकिन विपक्षी इस पर भी राजनीति करने से बाज नहीं आए. ये लोग व्यवधान पैदा करना अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते हैं. हम किसी दल के लिए नहीं बल्कि प्रदेश की 23 करोड़ जनता की खुशी के लिए काम कर रहे हैं. हमने अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से सरकार ने लोगों के जीवन स्तर को उठाने का काम किया है. पिछली सरकारों में खाद्यान्न लाभार्थियों तक नहीं पहुंचता था.

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में 3.55 करोड़ परिवारों को गेहूं-चावल मिलना शुरू हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2024 तक भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प लिया है. इसे पूरा करने की जिम्मेदारी पूरे देश की है. यूपी भी एक हजार अरब डॉलर का योगदान करेगा. दुनिया से गरीबी, भुखमरी, बेगारी को खत्म करने के लिए जो लक्ष्य तय किए गये हैं, हमें उन पर काम करना है. लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए 'विजन 2030' बनाया गया है. पीएम ने इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बड़ा कदम उठाया है.'

फसल मूल्यों पर चर्चायोगी आदित्यनाथ ने फसल के मूल्य पर चर्चा करते हुए कहा, ' 2016 में गेहूं का मूल्य 900 से 1000 रुपये प्रति कुंतल हुआ करता था, आज 2019 में 1860 रुपये प्रति कुंतल है. यूपी पहला राज्य है जिसने सुपोषण मेले के जरिए कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष अभियान चलाया है.'

उपस्थित विपक्षी दलों के सदस्य का दिया धन्यवाद
सीएम योगी ने विपक्षी दलों के उपस्थित सदस्यों को धन्यवाद भी दिया. उन्होंने कहा कि अपनी अंतरात्मा की आवाज पर आने वाले, शिवपाल यादव, नितिन अग्रवाल, राकेश सिंह, असलम रायनी, अदिति सिंह जैसे 7 विपक्षी दलों के सदस्यों का भी आभार व्यक्त करता हूं. यह लोकतंत्र की अद्भुत घटना है. मीडिया ने इसे हाथों हाथ लिया और विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया. यह मीडिया का सकारात्मक काम है.


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First published: October 3, 2019, 11:31 PM IST
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