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यूपी के सरकारी अनुदानित स्कूलों का हाल, कहीं 11 बच्चों पर 4 टीचर तो कहीं मिड डे मील में फर्जीवाड़ा

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 19, 2018, 12:37 PM IST
यूपी के सरकारी अनुदानित स्कूलों का हाल, कहीं 11 बच्चों पर 4 टीचर तो कहीं मिड डे मील में फर्जीवाड़ा
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

अनुदानित स्कूलों की जांच शुरू हुई तो सामने आया कि किसी स्कूल में सिर्फ 11 या 16 बच्चों को पढ़ाने के लिए 4-4 शिक्षक हैं तो कहीं पंजीकृत बच्चों से कहीं ज्यादा बच्चों मिड डे मील देने का फर्जी दावा पकड़ में आया. सरकार ने जांच के बाद 14 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रोकने के आदेश जारी किए हैं.

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उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के अनुदानित स्कूलों में हर महीने करोड़ों रुपये के सरकारी खजाने का 'खेल' किया जा रहा है. यह खेल छात्रों के एडमिशन दिखाने से लेकर मिड डे मील बांटने तक में चल रहा है. बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉक्टर प्रभात कुमार ने इन स्कूलों की जांच के आदेश दिए थे. सूबे में करीब 3 हजार अनुदानित स्कूल चल रहे हैं. इनकी जांच शुरू हुई तो सारा खेल सामने आना लगा है. लखनऊ में तो 41 अनुदानित स्कूलों की जांच के बाद 14 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रोकने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं. जल्द ही कुछ और स्कूलों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

अनुदानित स्कूलों की जांच शुरू हुई तो सामने आया कि किसी स्कूल में सिर्फ 11 या 16 बच्चों को पढ़ाने के लिए 4-4 शिक्षक हैं तो किसी में 28 छात्रों के लिए 6 शिक्षक. इन स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों, लिपिक और बाबूओं के वेतन भुगतान के नाम पर हर महीने लाखों रुपये सरकारी धन से खर्च किए जा रहे हैं.

इतना ही नहीं जांच में यह भी सामने आया कि कुछ स्कूलों में जितने छात्र पंजीकृत दिखाए गए निरीक्षण के समय उसके सिर्फ 10 परसेंट ही स्कूल में मिले. लखनऊ में बेसिक शिक्षा विभाग की टीम जब आलमबाग के दी मॉडल गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल पहुंची तो बताया गया कि उनके यहां 224 छात्राएं पंजीकृत हैं. लेकिन मौके पर सिर्फ 24 छात्राएं ही पढ़ती मिलीं.

न्यूज 18 की टीम भी विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद स्कूलों में पहुंची. यहां टीम को कई चौंकाने वाली बातें मिली. महात्मा गांधी गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल में सिर्फ 37 छात्राओं को पढ़ाने के लिए 5 शिक्षक हैं. स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने टीम को बताया कि इनमें से 3 शिक्षकों की तैनाती 2015 में हुई थी. हालांकि उस समय भी यहां पढ़ने वाली छात्राओं की संख्या 35 से 40 के बीच ही थी. ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि जब यहां छात्राएं आती ही नहीं तो फिर सरकारी खर्च पर तीन शिक्षकों की नियुक्ति करने की जरूरत ही क्या थी. इसे देखते हुए अब इन स्कूलों के प्रबंधतंत्र भी जांच के घेरे में आ रहे हैं.

मिड डे मील में बड़ा घोटाला

गड़बड़ी का शक होने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों में बांटे जा रहे मिड डे मील के ऑनलाइन डाटा को पंजीकृत स्टूडेंट्स की संख्या से मिलाया तो पता चला कि इसमें भी बड़ा घोटाला चल रहा है. चौक के दिगम्बर जैन गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल में सिर्फ 32 छात्राएं पंजीकृत हैं. निरीक्षण के दिन यहां सिर्फ 25 छात्राएं मिली, लेकिन इसी दिन इस स्कूल में 78 छात्राओं को मिड डे मील बांटने की जानकारी दी गई.

इसी तरह चौपटिया के काजमैन गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल में 187 छात्राएं पंजीकृत हैं, इसमें भी निरीक्षण के समय सिर्फ 135 ही मौके पर मिली. स्कूल ने 391 छात्राओं को मिड डे मील बांटने की एंट्री की थी. इससे भी साफ जाहिर है कि कैसे इन स्कूलों में मिड डे मील बांटने के नाम पर भी बड़ा खेल चल रहा है.
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अब विभाग इन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों का वेतन रोककर जवाब-तलब करने जा रहा है. वहीं विभागीय सूत्रों की मानें तो जांच पूरी होने के बाद विभाग कई स्कूलों को अनुदान सूची से हटाने का फैसला भी कर सकता है.

अभी तक की कार्रवाई

- सूबे में करीब 3 हजार अनुदानित स्कूलों की जांच के आदेश
- लखनऊ के 41 अनुदानित स्कूलों की जांच पूरी
- जांच में गड़बड़ी मिलने पर 14 स्कूलों के शिक्षकों का रोका गया वेतन

जांच में मिलीं ये अनियमितता

- दि मॉडल गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल: 224 छात्राएं पंजीकृत लेकिन निरीक्षण में मिले सिर्फ 24, 4 शिक्षक तैनात
- कमल जूनियर हाईस्कूल: 11 छात्राएं पंजीकृत, निरीक्षण में मिले सिर्फ 7, 4 शिक्षक तैनात
- सोशल सर्विस कन्या जूनियर हाईस्कूल: 16 छात्राएं पंजीकृत, निरीक्षण में मिली 5, 4 शिक्षक तैनात
- लक्ष्मी महिला विद्यापीठ जूनियर हाईस्कूल: 18 छात्राएं पंजीकृत, निरीक्षण में मिली 10, 4 शिक्षक तैनात
- एक आना फंड जूनियर हाईस्कूल: 28 विद्यार्थी पंजीकृत, निरीक्षण में मिले 21, 6 शिक्षक तैनात
- दादा ठाकुरदास गुलोमल जूनियर हाईस्कूल: 21 विद्यार्थी पंजीकृत, निरीक्षण में मिले 6, 4 शिक्षक तैनात
- राधा कमल मुखर्जी जूनियर हाईस्कूल: 28 विद्यार्थी पंजीकृत, निरीक्षण में मिले 17, 4 शिक्षक तैनात
- ब्रह्मावती देवी कन्या जूनियर हाईस्कूल: 43 छात्राएं पंजीकृत, निरीक्षण में मिले 34, 4 शिक्षक तैनात
- शिवप्रसाद बिंद्राप्रसाद जूनियर हाईस्कूल: 47 विद्यार्थी पंजीकृत, निरीक्षण में मिले 25, 4 शिक्षक तैनात
- महात्मा गांधी गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल: 37 छात्राएं पंजीकृत, निरीक्षण में मिली 22, 5 शिक्षक तैनात
- मालती आदर्श बालिका विद्यालय: 43 छात्राएं पंजीकृत, निरीक्षण में मिली सिर्फ 15, 5 शिक्षक तैनात
- लाल बहादुर शास्त्री स्मारक बालिका जूनियर हाईस्कूल: 53 छात्राएं पंजीकृत, निरीक्षण में मिली सिर्फ 19, 4 शिक्षक तैनात
- लाला भिखारी लाल लक्ष्मी देवी कन्या शिक्षा संस्थान: 47 छात्राएं पंजीकृत, निरीक्षण में मिली सिर्फ 27, 4 शिक्षक तैनात
- राष्ट्रीय बालिका विद्यालय जूनियर हाईस्कूल: 42 छात्राएं पंजीकृत, निरीक्षण में मिली 18, 5 शिक्षक तैनात

एडमीशन 187 बच्चों का और दावा 391 को बांट रहे मिड डे मील

- चौक के दिगम्बर जैन गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल में सिर्फ 32 छात्राएं पंजीकृत हैं, लेकिन स्कूल ने 78 छात्राओं को मिड डे मील बांटने की जानकारी दी.
- काजमैन गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल में 187 छात्राएं पंजीकृत हैं, लेकिन स्कूल ने 391 छात्राओं को मिड डे मील बांटने की जानकारी दी.
- महाराजा अग्रसेन बालिका विद्यालय में 75 छात्राएं पंजीकृत हैं, लेकिन स्कूल ने 144 को मिड डे मील बांटने की जानकारी दी.

(रिपोर्ट: शैलेश अरोड़ा)

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First published: November 19, 2018, 11:57 AM IST
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