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योगी सरकार ने भी बदला एपिडेमिक एक्ट, अब कोरोना योद्धाओं पर हमला गैर जमानती अपराध

योगी सरकार ने भी बदला एपिडेमिक एक्ट, अब कोरोना योद्धाओं पर हमला गैर जमानती अपराध

सीएम योगी आदित्यनाथ (File Photo)

सीएम योगी आदित्यनाथ (File Photo)

एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 में बदलाव के बाद अब इसे यूपी महामारी कोविड-19 (प्रथम संशोधन) विनियमावली 2020 कहा जाएगा.

    लखनऊ. प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कोरोना वारियर्स (Corona Warriors) पर हमले की लगातार आ रही ख़बरों के बीच सूबे की योगी सरकार (Yogi Government) ने एक्शन लेते हुए एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 में (Epidemic Act 1867) बदलाव किया है. अब यूपी में भी डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिस वालों पर हमला गैर जमानती अपराध होगा. गौरतलब है कि केंद्र सरकार की तरह ही यूपी सरकार ने भी कोरोना वारियर्स की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं.

    एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 में बदलाव के बाद अब इसे यूपी महामारी कोविड-19 (प्रथम संशोधन) विनियमावली 2020 कहा जाएगा. प्रदेश सरकार के अनुसार एक्ट में शामिल विनियम 15 में संशोधन किया गया है. अब डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिस वालों पर हमला करने वालों को 7 से 5 साल की कैद व 50 हजार से दो लाख तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है. साथ ही गिरफ़्तारी के बाद 6 महीने तक जमानत भी नहीं होगी.

    प्रमुख सचिव स्वास्थ्य मोहन प्रसाद ने बताया कि अब इसे यूपी महामारी कोविड-19 (प्रथम संशोधन) विनियमावली 2020 कहा जाएगा. इस विनियमावली को 30 जून तक या अग्रिम आदेश तक लागू करने का निर्णय लिया गया है. उन्होंने बताया कि इस विनियमावली की किसी भी उपबंध का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, संस्था, संगठन आईपीसी (अधिनियम संख्या-45 1860) की धरा 188 के अधीन दंडनीय अपराध माना जायेगा. सक्षम प्राधिकारी ऐसे व्यक्ति संस्था व संगठन को दण्डित कर सकता है.

    केंद्र सरकार पहले ही कर चुकी है बदलाव

    केंद्र सरकार पहले ही यह बदलाव कर चुकी है. इसके लिए 123 साल पुराने महामारी कानून में बड़ा बदलाव कर हिंसा के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक के बारे में कहा है कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर हो रही हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके लिए केंद्र सरकार अध्यादेश लेकर आई जिस पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद उसे कानून में बदल दिया गया. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों पर हिंसा के लिए भारी सजा और भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया जाएगा. आरोपियों को तीन महीने से लेकर 5 साल की सजा, 50 हजार से लेकर 3 लाख तक का जुर्माना हो सकता है.

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    Tags: COVID-19 pandemic, Lucknow news, Yogi adityanath, Yogi government

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