COVID-19: अस्पतालों में भर्ती मरीज अब नहीं रख सकेंगे मोबाइल, योगी सरकार ने लगाया बैन

कुछ समय पहले उन्होंने बच्चे से मोबाइल वापस ले लिया जिससे वह नाराज हो गया.
कुछ समय पहले उन्होंने बच्चे से मोबाइल वापस ले लिया जिससे वह नाराज हो गया.

चिकित्सा महानिदेशक ने अपने आदेश में कहा कि COVID-19 अस्पताल के इंचार्ज को दो मोबाइल (Mobile) फोन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि मरीज अपने परिजनों से बात कर सकें.

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लखनऊ. कोरोना (COVID-19) के खिलाफ जंग के लिए लागू लॉकडाउन (Lockdown) के बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने एल-2 और एल-3 के कोविड-19 के अस्पतालों के आइसोलेशन वार्डों में भर्ती मरीजों द्वारा मोबाइल ले जाने पर रोक लगा दी है. चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. केके गुप्ता ने सभी चिकित्सा विश्वविद्यालयों, चिकित्सा संस्थानों और सभी सरकारी और निजी मेडिकल कालेजों के प्रमुखों को आदेश जारी करते हुए कहा है कि मोबाइल से संक्रमण फैलता है.

चिकित्सा महानिदेशक ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कोविड अस्पताल के इंचार्ज को दो मोबाइल फोन उपलब्ध कराएं जाएं, ताकि मरीज अपने परिजनों से और परिजन अपने मरीज से बात कर सकें. चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक का यह आदेश कोरोना संक्रमित मरीजों के कोविड अस्पतालों में आने के दो महीनों के बाद जारी होने पर आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है. दरअसल, आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज कोविड अस्पतालों की हालत की फोटो व जानकारी अपने मोबाइल से भेज रहे थे. इसीलिए मरीजों को मोबाइल ले जाने पर रोक लगाई गई है.

उत्तर प्रदेश में संक्रमितों का आंकड़ा 6000 के पार
यूपी में 288 नए मरीज के साथ संक्रमितों का आंकड़ा 6017 तक पहुंच गया है. तीन और मरीजों की मौत के साथ अब तक 155 लोग इस बीमारी के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं. प्रदेश में अब 3406 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्य स्वास्थ्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने शनिवार को बताया कि प्रदेश में कोरोना वायरस के कुल सक्रिय मामलों की संख्या 2332 तक पहुंच गई है. हालांकि अब तक 3335 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं. वहीं 152 मरीजों की कोरोना से मौत हो चुकी है.
रिपोर्ट- अनामिका सिंह



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