लाइव टीवी

योगी सरकार का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, अब तक 600 से ज्यादा अफसरों पर कार्रवाई

Ajayendra Rajan | News18 Uttar Pradesh
Updated: November 7, 2019, 3:20 PM IST
योगी सरकार का भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार, अब तक 600 से ज्यादा अफसरों पर कार्रवाई
पिछले दो साल में योगी सरकार ने 200 से ज्यादाअफसरों को जबरन रिटायर किया है.

दरअसल योगी सरकार (Yogi Government) पिछले 2 वर्षों में अलग-अलग विभागों के 200 से ज्यादा अफसरों और कर्मचारियों को जबरन रिटायर (Forcibly Retirement) कर चुकी है. यही नहीं इस दौरान सरकार ने 400 से ज्यादा अफसरों, कर्मचारियों को निलंबन और डिमोशन जैसे दंड भी दिए हैं.

  • Share this:
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने भ्रष्टाचार (Corruption) पर लगातार कार्रवाई जारी रखी हुई है. इसी क्रम में शुक्रवार को प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) के अधिकारियों 7 अफसरों को जबरन रिटायर कर दिया गया है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर डीजीपी ओपी सिंह ने इन 7 पीपीएस अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्त दे दी है. बता दें योगी सरकार 2017 में सत्ता में आने के बाद से ही सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रही है. इसी साल सरकार ने जुलाई में जो आंकड़े दिए थे, उसके अनुसार सरकार ने पिछले 2 सालों में 600 से ज्यादा सरकारी अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है.

जनहित के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध सरकार

सात पीपीएस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के बाद योगी आदित्यनाथ ऑफिस आधिकारिक टि्वटर हैंडल से एक के बाद एक कई ट्वीट किए गए हैं. इनमें साफ किया गया है कि सरकार भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करेगी. इसमें लिखा गया है, "यह 'योगी राज' है...इसमें बाकी सरकारों की तरह "साहब की मर्जी ही कानून है" नहीं चलेगा. यहां कानून का ऐसा राज है जिसमें किसी भी तरह के भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं है.'
अगले ट्वीट में लिखा गया है, "यह 'योगी सरकार' है...औरों की तरह इसके पास सिर्फ वादे ही नहीं दृढ़ इरादे भी हैं. यह सरकार किसी व्यक्ति या वंश की नहीं, जनहित के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध सरकार है."

200 से ज्यादा जबरन रिटायर, 400 के खिलाफ  निलंबन/डिमोशन जैसी कार्रवाई
दरअसल सरकार पिछले 2 वर्षों में योगी सरकार ने अलग-अलग विभागों के 200 से ज्यादा अफसरों और कर्मचारियों को जबरन रिटायर कर चुकी है. यही नहीं इन दो वर्षों में योगी सरकार ने 400 से ज्यादा अफसरों, कर्मचारियों को निलंबन और डिमोशन जैसे दंड भी दिए हैं.

ऊर्जा विभाग में सबसे ज्यादा 169 पर गिरी गाज
Loading...

इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा गाज ऊर्जा विभाग पर गिरी है. योगी सरकार ने ऊर्जा विभाग में 169 अधिकारियों पर कार्रवाई की है. वहीं दूसरे नंबर पर गृह विभाग के 51 अधिकारियों पर गाज गिरी. इसी तरह परिवहन विभाग में 37 अधिकारियों, राजस्व विभाग में 36, बेसिक शिक्षा के 26 अधिकारियों और पंचायतीराज के 25 अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया गया है.

पीडब्भ्ल्यूडी के 18 अफसरों पर एक्शन

अन्य विभागों की बात करें तो पीडब्ल्यूडी के 18 अधिकारियों, श्रम विभाग के 16 अधिकारियों, संस्थागत वित्त विभाग के 16 अधिकारियों, कामर्शियल टैक्स के 16 अधिकारियों, इंटरटेनमेंट टैक्स डिपार्टमेंट के 16 अधिकारियों, ग्राम्य विकास के 15 अधिकारियों, वन विभाग के 11 अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है.

जबरन रिटायर किए गए ये हैं 7 पीपीएस अफसर

इसी क्रम में अब गुरुवार को जिन पीपीएस अधिकारियों को जबरन रिटायर किया गया है. उनमें 15वीं वाहिनी पीएसी आगरा के सहायक सेनानायक अरुण कुमार, अयोध्या के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार राणा, आगरा के पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह राना, 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी के सहायक सेनानायक रतन कुमार यादव, 27वीं वाहिनी पीएसी सीतापुर के सहायक सेनानायक तेजवीर सिंह यादव, मुरादाबाद के मण्डलाधिकारी संतोष कुमार सिंह, 30वीं वाहिनी पीएसी गोण्डा के सहायक सेनानायक तनवीर अहमद खां को अनिवार्य सेवानिवृत्ति प्रदान की गई है.

ये भी पढ़ें:

'यह योगी राज है, यहां- साहब की मर्जी ही कानून है, नहीं चलेगा'

भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार का हल्ला बोल, 7 PPS अफसरों को किया जबरन रिटायर

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लखनऊ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 7, 2019, 3:17 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...